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अपराधों का ग्राफ गिरा, विकास ठिठका रहा
Updated Mon, 19 Mar 2018 12:24 AM IST
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योगी सरकार का एक साल: अपराधों का ग्राफ गिरा, विकास ठिठका रहा
मुजफ्फरनगर। प्रदेश में भाजपा सरकार सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल में जिले में अपराधों का ग्राफ तो गिरा है, लेकिन विकास की गति धीमी रही है। गन्ना किसानों की उम्मीद पर सरकार उतनी खरी नहीं उतरी, जितनी उन्हें अपेक्षा थी। कर्ज माफी से बड़ी संख्या में किसानों को राहत तो मिली, लेकिन बहुत से किसानों के लिए योजना छलावा सी रही। प्रधानमंत्री आवास योजना को सरकार गति प्रदान करने में विफल रही। एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स का पता ही नहीं लगा कि उसने क्या काम किया है। माफिया के घरों पर दरबार लगने और विवादित जमीनों की सौदेबाजी में उनकी सहभागिता बंद नहीं हुई। एंटी रोमियो स्क्वॉड की सक्रियता भी नजर नहीं आई। कानून व्यवस्था और विकास को लेकर सरकार ने जो दावे किये वे लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहे।
आवास का सपना नहीं हुआ साकार
जिले में सिस्टम की लापरवाही के कारण योगी सरकार एक साल के कार्यकाल में पीएम आवास योजना में काम प्रारंभ नहीं करा पाई है। शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्र में मकान का सपना अभी तक दूर की बात साबित हो रहा है। शहरी क्षेत्र में सर्वे करने वाली कंपनी अभी तक सर्वे का काम भी पूरा नहीं कर पाई है। योगी सरकार का घर का सपना कब साकार करेंगे लोगों को इसका इंतजार है।
भूमाफिया पर नकेल कसी नहीं
प्रदेश सरकार ने गठन के एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स गठित की थी, जिले में एक साल में इस टास्क फोर्स का काम दिखाई नहीं दिया। जिले के बड़े भूमाफिया अपने घरों पर दरबार लगाते रहे। विवादित जमीनों पर कब्जों में कोई कमी नहीं आई। इतना जरूर हुआ कि तहसील के अफसरों और कर्मचारियों की फीस जरूर बढ़ गई। 22 साल से भूमाफिया के खिलाफ धरने पर बैठे मास्टर विजय सिंह तक की सुध प्रदेश सरकार ने नहीं ली।
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अपराध का ग्राफ गिरा
योगी सरकार के लिए जिले में एक उपलब्धि जरूर रही है। जिले में अपराधों का ग्राफ जरूर गिरा है। बदमाशों के खिलाफ चलाए गए पुलिस के अभियान का असर दिखाई पड़ा। जनपद में पुलिस सात बदमाशों को मौत के घाट उतार चुकी है। सौ से ज्यादा मुठभेड़ हुई, जिसमें 53 बदमाश घायल हुए और बाकी पकड़े गए। इस सबका असर यह रहा कि बीते दो दशक में जनवरी का महीना ऐसा गया, जिसमें एक भी हत्या, डकैती और अपहरण की घटना नहीं हुई। सरकार के लिए इसे बड़ी उपलब्धि कहा जा सकता है।
शोर तो मचा पर हुआ कुछ नहीं
प्रदेश में बीजेपी सरकार का गठन होते ही एंटी रोमियो स्क्वॉड का शोर तो मचा, लेकिन जिले में इसकी कार्यप्रणाली बड़े स्तर पर कहीं दिखाई नहीं दी। गर्ल्स कॉलेजों के बाहर मनचलों की संख्या तो कम हुई है, लेकिन छेड़खानी खत्म नहीं हुई है। ऐसा नहीं लगा कि पुलिस के अभियान से एक डर जैसा माहौल बन गया हो।
गड्ढे भरने तो अभी बाकी हैं
योगी सरकार ने प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की घोषणा की थी। जिले की सड़कों को भी गड्ढा मुक्त करने का अभियान चलाया गया, लेकिन जिले में एक भी मार्ग ऐसा नहीं है, जिसमें गड्ढे न हो। सरकार ने जिस जोश के साथ घोषणा की, अफसर उस जोश के साथ काम ही नहीं कर पाए।
किसानों की कर्ज माफी पर सवाल
जिले में लगभग 40 हजार किसानों का एक लाख तक का कर्ज माफ हुआ। कर्ज माफी की प्रक्रिया पर किसान प्रारंभ से ही सवाल खड़े करते रहे। प्रदेश सरकार की ऋण माफी योजना से जहां बड़ी संख्या में किसान खुश नजर आए, वहीं ऐसे किसान भी सामने आए, जिन्होंने इस योजना को ऊंट के मुंह में जीरा बताया। किसानों का कहना था कि उन किसानों को कोई लाभ नहीं हुआ तो उधार पैसा लेकर सरकार का पैसा जमा कर देते हैं।
अमृत योजना बनी विषैली
मुजफ्फरनगर शहर में अमृत योजना के अंतर्गत सीवर लाइन का कार्य चल रहा है। जल निगम की लापरवाही की वजह से सरकार की यह योजना विषैली बन गई है। शहर में एक साथ सभी मुख्य मार्गों पर काम शुरू कर दिया गया और चौतरफा गर्द और गुबार की स्थिति बनी है। आम जनता के लिए यह अमृत योजना विषैली बनी है। हर समय धूल उड़ने के कारण आम आदमी बीमार होने लगा है। लगभग 600 करोड़ की इस योजना को पूरी करने के लिए समय का ध्यान नहीं रखा जा रहा है।
क्या कहते हैं विधायक
प्रदेश में व्यापार का माहौल बना है। अकेले हमारे जिले में ही 2300 करोड़ का इन्वेस्ट उद्यमी कर रहे हैं। ऐसा प्रदेश में 15 साल बाद हो रहा है। कानून व्यवस्था में सुधार से ही यह स्थिति बन पाई है। जिले में उद्योग लगने से 20 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
- कपिलदेव अग्रवाल, शहर विधायक, बीजेपी।
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योगी सरकार में जिले में बिजली की आपूर्ति में सुधार हुआ है। अब गांवों को भी 18 घंटे बिजली मिल रही है। विकास के काम तेजी के साथ हो रहे हैं। प्रदेश सरकार बिना भेदभाव के सभी वर्गों के लिए काम कर रही है।
- प्रमोद ऊटवाल, विधायक पुरकाजी, बीजेपी।
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प्रदेश में जब से बीजेपी की सरकार आई है, बदमाश या तो जेल में जा रहे हैं या ऊपर। जमानत तुडवाकर जेलों में जा रहे हैं। सरकार ने किसानों का 36 हजार करोड़ का कर्ज माफ किया है। गेहूं की खरीद में समर्थन मूल्य भी बढ़ा दिया है।
- विक्रम सैनी, विधायक खतौली, बीजेपी।
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योगी सरकार में विकास कार्य धरातल पर दिखाई देने लगे हैं। पीएम आवास योजना, शौचालय निर्माण में तेजी से काम हुआ है। सामूहिक विवाह योजना उन सभी परिवारों के लिए है जिनके पास अपनी बेटी के हाथ पीले करने का पैसा नहीं था। सरकार खुद शादी का खर्च उठा रही है।
अवतार भड़ाना, विधायक मीरापुर, बीजेपी।
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लंबे समय बाद किसानों के गना मूल्य का भुगतान इतनी तेजी के साथ हुआ है। ग्रामीण अंचल में सड़कों का निर्माण कर विकास को गति दी गई है। एक लाख तक का किसानों का कर्ज माफ किया गया है। किसानों की आय बढाने के लिए योजनाएं चलाई गई हैं।
उमेश मलिक, विधायक बुढाना, बीजेपी।
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योगी सरकार सरकारी योजनाओं को भ्रष्टाचार मुक्त करने का काम कर रही है। राशन वितरण पूरे प्रदेश में जल्द ही मशीनों के माध्यम से प्रारंभ हो जाएगा। ई-टेंडरिंग लाकर ठेकों में होने वाले खेल को खत्म कर दिया गया है।
- विजय कश्यप, विधायक चरथावल, बीजेपी।
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क्या कहते हैं विरोधी
योगी सरकार के वादे झूठे और खोखले साबित हुए हैं। ये समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। विकास का इनका अपना कोई एजेंडा नहीं है। हाल ही में दो लोकसभा सीटों के चुनाव में जनता इन्हें जवाब भी दे दिया है।
- गौरव स्वरूप, जिलाध्यक्ष, सपा।
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योगी सरकार केवल बयान और घोषणाओं की सरकार रही है। सरकार ने एक साल में जो काम किया मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के क्षेत्र की जनता ने उसका जवाब दे दिया। इस सरकार में अफसरशाही और भ्रष्टाचार सभी सीमाएं पार कर गया।
- हरेंद्र मलिक, पूर्व सांसद, कांग्रेस नेता।
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योगी सरकार में प्रदेश में दलित उत्पीड़ऩ की घटनाएं बढ़ी हैं। सबका साथ और सबका विकास का नारा खोखला साबित हुआ है। सहारनपुर की घटना सबके सामने है। बड़ी संख्या में दलित उत्पीड़ऩ की घटनाएं सामने भी नहीं आ पाती। सरकार की करनी और कथनी में भारी अंतर है।
- प्रेमचंद गौतम, जिलाध्यक्ष, बसपा।
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बीजेपी सरकार एक साला में किसानों के लिए कोई ऐसी योजना नहीं ला पाई, जिससे उसकी आर्थिक उन्नति हो। किसानों के साथ छल हुआ है। किसान आज भी गरीबी और आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। ऋण माफी के नाम पर किसान के साथ मजाक किया गया है।
मुश्ताक चौधरी, एमएलसी, रालोद।
- रणवीर सैनी
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मुजफ्फरनगर। प्रदेश में भाजपा सरकार सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल में जिले में अपराधों का ग्राफ तो गिरा है, लेकिन विकास की गति धीमी रही है। गन्ना किसानों की उम्मीद पर सरकार उतनी खरी नहीं उतरी, जितनी उन्हें अपेक्षा थी। कर्ज माफी से बड़ी संख्या में किसानों को राहत तो मिली, लेकिन बहुत से किसानों के लिए योजना छलावा सी रही। प्रधानमंत्री आवास योजना को सरकार गति प्रदान करने में विफल रही। एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स का पता ही नहीं लगा कि उसने क्या काम किया है। माफिया के घरों पर दरबार लगने और विवादित जमीनों की सौदेबाजी में उनकी सहभागिता बंद नहीं हुई। एंटी रोमियो स्क्वॉड की सक्रियता भी नजर नहीं आई। कानून व्यवस्था और विकास को लेकर सरकार ने जो दावे किये वे लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहे।
आवास का सपना नहीं हुआ साकार
जिले में सिस्टम की लापरवाही के कारण योगी सरकार एक साल के कार्यकाल में पीएम आवास योजना में काम प्रारंभ नहीं करा पाई है। शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्र में मकान का सपना अभी तक दूर की बात साबित हो रहा है। शहरी क्षेत्र में सर्वे करने वाली कंपनी अभी तक सर्वे का काम भी पूरा नहीं कर पाई है। योगी सरकार का घर का सपना कब साकार करेंगे लोगों को इसका इंतजार है।
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भूमाफिया पर नकेल कसी नहीं
प्रदेश सरकार ने गठन के एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स गठित की थी, जिले में एक साल में इस टास्क फोर्स का काम दिखाई नहीं दिया। जिले के बड़े भूमाफिया अपने घरों पर दरबार लगाते रहे। विवादित जमीनों पर कब्जों में कोई कमी नहीं आई। इतना जरूर हुआ कि तहसील के अफसरों और कर्मचारियों की फीस जरूर बढ़ गई। 22 साल से भूमाफिया के खिलाफ धरने पर बैठे मास्टर विजय सिंह तक की सुध प्रदेश सरकार ने नहीं ली।
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अपराध का ग्राफ गिरा
योगी सरकार के लिए जिले में एक उपलब्धि जरूर रही है। जिले में अपराधों का ग्राफ जरूर गिरा है। बदमाशों के खिलाफ चलाए गए पुलिस के अभियान का असर दिखाई पड़ा। जनपद में पुलिस सात बदमाशों को मौत के घाट उतार चुकी है। सौ से ज्यादा मुठभेड़ हुई, जिसमें 53 बदमाश घायल हुए और बाकी पकड़े गए। इस सबका असर यह रहा कि बीते दो दशक में जनवरी का महीना ऐसा गया, जिसमें एक भी हत्या, डकैती और अपहरण की घटना नहीं हुई। सरकार के लिए इसे बड़ी उपलब्धि कहा जा सकता है।
शोर तो मचा पर हुआ कुछ नहीं
प्रदेश में बीजेपी सरकार का गठन होते ही एंटी रोमियो स्क्वॉड का शोर तो मचा, लेकिन जिले में इसकी कार्यप्रणाली बड़े स्तर पर कहीं दिखाई नहीं दी। गर्ल्स कॉलेजों के बाहर मनचलों की संख्या तो कम हुई है, लेकिन छेड़खानी खत्म नहीं हुई है। ऐसा नहीं लगा कि पुलिस के अभियान से एक डर जैसा माहौल बन गया हो।
गड्ढे भरने तो अभी बाकी हैं
योगी सरकार ने प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की घोषणा की थी। जिले की सड़कों को भी गड्ढा मुक्त करने का अभियान चलाया गया, लेकिन जिले में एक भी मार्ग ऐसा नहीं है, जिसमें गड्ढे न हो। सरकार ने जिस जोश के साथ घोषणा की, अफसर उस जोश के साथ काम ही नहीं कर पाए।
किसानों की कर्ज माफी पर सवाल
जिले में लगभग 40 हजार किसानों का एक लाख तक का कर्ज माफ हुआ। कर्ज माफी की प्रक्रिया पर किसान प्रारंभ से ही सवाल खड़े करते रहे। प्रदेश सरकार की ऋण माफी योजना से जहां बड़ी संख्या में किसान खुश नजर आए, वहीं ऐसे किसान भी सामने आए, जिन्होंने इस योजना को ऊंट के मुंह में जीरा बताया। किसानों का कहना था कि उन किसानों को कोई लाभ नहीं हुआ तो उधार पैसा लेकर सरकार का पैसा जमा कर देते हैं।
अमृत योजना बनी विषैली
मुजफ्फरनगर शहर में अमृत योजना के अंतर्गत सीवर लाइन का कार्य चल रहा है। जल निगम की लापरवाही की वजह से सरकार की यह योजना विषैली बन गई है। शहर में एक साथ सभी मुख्य मार्गों पर काम शुरू कर दिया गया और चौतरफा गर्द और गुबार की स्थिति बनी है। आम जनता के लिए यह अमृत योजना विषैली बनी है। हर समय धूल उड़ने के कारण आम आदमी बीमार होने लगा है। लगभग 600 करोड़ की इस योजना को पूरी करने के लिए समय का ध्यान नहीं रखा जा रहा है।
क्या कहते हैं विधायक
प्रदेश में व्यापार का माहौल बना है। अकेले हमारे जिले में ही 2300 करोड़ का इन्वेस्ट उद्यमी कर रहे हैं। ऐसा प्रदेश में 15 साल बाद हो रहा है। कानून व्यवस्था में सुधार से ही यह स्थिति बन पाई है। जिले में उद्योग लगने से 20 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
- कपिलदेव अग्रवाल, शहर विधायक, बीजेपी।
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योगी सरकार में जिले में बिजली की आपूर्ति में सुधार हुआ है। अब गांवों को भी 18 घंटे बिजली मिल रही है। विकास के काम तेजी के साथ हो रहे हैं। प्रदेश सरकार बिना भेदभाव के सभी वर्गों के लिए काम कर रही है।
- प्रमोद ऊटवाल, विधायक पुरकाजी, बीजेपी।
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प्रदेश में जब से बीजेपी की सरकार आई है, बदमाश या तो जेल में जा रहे हैं या ऊपर। जमानत तुडवाकर जेलों में जा रहे हैं। सरकार ने किसानों का 36 हजार करोड़ का कर्ज माफ किया है। गेहूं की खरीद में समर्थन मूल्य भी बढ़ा दिया है।
- विक्रम सैनी, विधायक खतौली, बीजेपी।
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योगी सरकार में विकास कार्य धरातल पर दिखाई देने लगे हैं। पीएम आवास योजना, शौचालय निर्माण में तेजी से काम हुआ है। सामूहिक विवाह योजना उन सभी परिवारों के लिए है जिनके पास अपनी बेटी के हाथ पीले करने का पैसा नहीं था। सरकार खुद शादी का खर्च उठा रही है।
अवतार भड़ाना, विधायक मीरापुर, बीजेपी।
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लंबे समय बाद किसानों के गना मूल्य का भुगतान इतनी तेजी के साथ हुआ है। ग्रामीण अंचल में सड़कों का निर्माण कर विकास को गति दी गई है। एक लाख तक का किसानों का कर्ज माफ किया गया है। किसानों की आय बढाने के लिए योजनाएं चलाई गई हैं।
उमेश मलिक, विधायक बुढाना, बीजेपी।
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योगी सरकार सरकारी योजनाओं को भ्रष्टाचार मुक्त करने का काम कर रही है। राशन वितरण पूरे प्रदेश में जल्द ही मशीनों के माध्यम से प्रारंभ हो जाएगा। ई-टेंडरिंग लाकर ठेकों में होने वाले खेल को खत्म कर दिया गया है।
- विजय कश्यप, विधायक चरथावल, बीजेपी।
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क्या कहते हैं विरोधी
योगी सरकार के वादे झूठे और खोखले साबित हुए हैं। ये समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। विकास का इनका अपना कोई एजेंडा नहीं है। हाल ही में दो लोकसभा सीटों के चुनाव में जनता इन्हें जवाब भी दे दिया है।
- गौरव स्वरूप, जिलाध्यक्ष, सपा।
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योगी सरकार केवल बयान और घोषणाओं की सरकार रही है। सरकार ने एक साल में जो काम किया मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के क्षेत्र की जनता ने उसका जवाब दे दिया। इस सरकार में अफसरशाही और भ्रष्टाचार सभी सीमाएं पार कर गया।
- हरेंद्र मलिक, पूर्व सांसद, कांग्रेस नेता।
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योगी सरकार में प्रदेश में दलित उत्पीड़ऩ की घटनाएं बढ़ी हैं। सबका साथ और सबका विकास का नारा खोखला साबित हुआ है। सहारनपुर की घटना सबके सामने है। बड़ी संख्या में दलित उत्पीड़ऩ की घटनाएं सामने भी नहीं आ पाती। सरकार की करनी और कथनी में भारी अंतर है।
- प्रेमचंद गौतम, जिलाध्यक्ष, बसपा।
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बीजेपी सरकार एक साला में किसानों के लिए कोई ऐसी योजना नहीं ला पाई, जिससे उसकी आर्थिक उन्नति हो। किसानों के साथ छल हुआ है। किसान आज भी गरीबी और आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। ऋण माफी के नाम पर किसान के साथ मजाक किया गया है।
मुश्ताक चौधरी, एमएलसी, रालोद।
- रणवीर सैनी