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धर्म गुरुओं ने इस्लाम धर्म की शिक्षा पर प्रकाश डाला
Updated Sat, 17 Mar 2018 12:28 AM IST
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भोकरहेड़ी में दो दिवसीय दीनी जलसे का आयोजन
फोटो समाचार
अमर उजाला ब्यूरो
मोरना। कस्बा भोकरहेड़ी में मदरसा इजहारुल उलूम में दो दिवसीय वार्षिक दीनी जलसे का आयोजन किया गया। इसमें धर्म गुरुओं ने इस्लाम धर्म की शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए सद्व्यवहार करने और हिंसा से दूर रहने की हिदायत दी। अंत में मौलाना शमीम ने कौम और मुल्क की तरक्की के लिए दुआ कराई।
भोकरहेड़ी में आयोजित जलसे में मौलाना फरमान ने कहा कि इस्लाम सच्चाई के रास्ते पर चलने और धैर्य रखने की शिक्षा देता है। स्वयं भी धैर्य और अनुशासित जीवन व्यतीत करें तथा दूसरों को भी उसके लिए प्रेरित करें। इंसान की पहचान उसके व्यवहार से होती है। सद्व्यवहार, दयाभाव व आदर्श समाज की स्थापना में सहयोग करें। यही इस्लाम का उद्देश्य है। इसके अलावा मदरसा प्रबंधक मौलाना अहमद हसन, मौलाना राशिद, मौलाना आसिफ, अमानातुल्ला सानी, मुफ्ती खुबेव मदनी, मौलाना जरीफ, मौलाना इनायतुल्ला कश्मीरी ने भी अपने संबोधन में धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा, महिलाओं के सम्मान तथा युवाओं से प्रमाणित धार्मिक पुस्तकों के अध्ययन करने की नसीहत दी। कारी अब्दुस्सलाम ने नाते नबी प्रस्तुत की। मौलाना नसीम ने विश्व शांति और सामाजिक समृद्धि के लिए दुआ कराई। व्यवस्थापक के रूप में कारी मोहम्मद फुरकान, मौलाना नुसरत, मौलाना गय्यूर, कारी अब्दुस्सलाम, शादाब, धर्मेंद्र कुमार आदि रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
मोरना। कस्बा भोकरहेड़ी में मदरसा इजहारुल उलूम में दो दिवसीय वार्षिक दीनी जलसे का आयोजन किया गया। इसमें धर्म गुरुओं ने इस्लाम धर्म की शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए सद्व्यवहार करने और हिंसा से दूर रहने की हिदायत दी। अंत में मौलाना शमीम ने कौम और मुल्क की तरक्की के लिए दुआ कराई।
भोकरहेड़ी में आयोजित जलसे में मौलाना फरमान ने कहा कि इस्लाम सच्चाई के रास्ते पर चलने और धैर्य रखने की शिक्षा देता है। स्वयं भी धैर्य और अनुशासित जीवन व्यतीत करें तथा दूसरों को भी उसके लिए प्रेरित करें। इंसान की पहचान उसके व्यवहार से होती है। सद्व्यवहार, दयाभाव व आदर्श समाज की स्थापना में सहयोग करें। यही इस्लाम का उद्देश्य है। इसके अलावा मदरसा प्रबंधक मौलाना अहमद हसन, मौलाना राशिद, मौलाना आसिफ, अमानातुल्ला सानी, मुफ्ती खुबेव मदनी, मौलाना जरीफ, मौलाना इनायतुल्ला कश्मीरी ने भी अपने संबोधन में धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा, महिलाओं के सम्मान तथा युवाओं से प्रमाणित धार्मिक पुस्तकों के अध्ययन करने की नसीहत दी। कारी अब्दुस्सलाम ने नाते नबी प्रस्तुत की। मौलाना नसीम ने विश्व शांति और सामाजिक समृद्धि के लिए दुआ कराई। व्यवस्थापक के रूप में कारी मोहम्मद फुरकान, मौलाना नुसरत, मौलाना गय्यूर, कारी अब्दुस्सलाम, शादाब, धर्मेंद्र कुमार आदि रहे।
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