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न्यायालय ने बुढाना की विवादित जमीन को सरकारी माना
Updated Sun, 28 Jan 2018 12:56 AM IST
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अदालत ने बुढ़ाना की विवादित जमीन को सरकारी माना
मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना के खसरा नंबर 1490 की लगभग ढाई बीघा जमीन पर पूर्व चेयरमैन शाहबुद्दीन मुन्नन सहित तीन लोगों ने कब्जा किया हुआ था। इस जमीन को लेकर 1997 से न्यायालय में विवाद चल रहा था। शनिवार को अपने निर्णय में एडीजे 15 राजेश भारद्वाज ने जमीन को सरकारी माना है।
नगर पंचायत बुढ़ाना की ओर से अधिवक्ता डॉ माधुरी सिंह ने बताया कि वर्ष 1997 में तत्कालीन डीएम प्रभात कुमार ने बुढ़ाना की यह जमीन खाली कराने का प्रयास किया था। जमीन पर स्टे लाए जाने के कारण और सही पैरवी नहीं होने से मामल अभी तक लटका था। लगभग ढाई बीघा नगर पंचायत की इस जमीन पर पूर्व चेयरमैन शाहबुद्दीन मुन्नन, लुकमान और रियाज का कब्जा चला आ रहा था। 2012 में सुनवाई के बाद लुकमान से जमीन खाली करा ली गई। शाहबुद्दीन और रियाज का मामला एडीजे कोर्ट-15 में राजेश भारद्वाज के न्यायालय में चल रहा था। शनिवार दिए अपने निर्णय में न्यायालय ने जमीन को सरकारी माना है।
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मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना के खसरा नंबर 1490 की लगभग ढाई बीघा जमीन पर पूर्व चेयरमैन शाहबुद्दीन मुन्नन सहित तीन लोगों ने कब्जा किया हुआ था। इस जमीन को लेकर 1997 से न्यायालय में विवाद चल रहा था। शनिवार को अपने निर्णय में एडीजे 15 राजेश भारद्वाज ने जमीन को सरकारी माना है।
नगर पंचायत बुढ़ाना की ओर से अधिवक्ता डॉ माधुरी सिंह ने बताया कि वर्ष 1997 में तत्कालीन डीएम प्रभात कुमार ने बुढ़ाना की यह जमीन खाली कराने का प्रयास किया था। जमीन पर स्टे लाए जाने के कारण और सही पैरवी नहीं होने से मामल अभी तक लटका था। लगभग ढाई बीघा नगर पंचायत की इस जमीन पर पूर्व चेयरमैन शाहबुद्दीन मुन्नन, लुकमान और रियाज का कब्जा चला आ रहा था। 2012 में सुनवाई के बाद लुकमान से जमीन खाली करा ली गई। शाहबुद्दीन और रियाज का मामला एडीजे कोर्ट-15 में राजेश भारद्वाज के न्यायालय में चल रहा था। शनिवार दिए अपने निर्णय में न्यायालय ने जमीन को सरकारी माना है।
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