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मोहर्रम पर नगर में मातमी जुलूस निकाला
Updated Sat, 30 Sep 2017 11:59 PM IST
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मुहर्रम पर मातमी जुलूस निकाला
खतौली(मुजफ्फरनगर)। मुहर्रम की दसवीं तारीख पर नगर में मातमी जुलूस निकाला गया। जुलूस में ताजिया, अलम और जुलजुनाह बरामद हुआ। शिया सोगवारों ने आग पर चलकर खूनी मातम किया। जुलूस नगर के मुख्यमार्गों से होता हुआ करबला शेखपुरा पहुंच कर समाप्त हुआ। करबला में ताजिये को दफनाया गया।
हवा महल शेखपुरा से अली तनवीर जैदी, अब्बास जैदी, समद जैदी, शुऐब जैदी के नेतृत्व में मातमी जुलूस निकाला गया। जानसठ तिराहे पर जुलूस को खिताब फरमाते हुए मौलाना गौहर हैदर ने कहा कि आज से 1400 वर्ष पूर्व यजीद के आतंक के सामने हुसैन ने सिर नहीं झुकाया। इमाम हुसैन ने इस्लाम और इंसानियत को जिंदा रखने के लिए करबला में अपने कुनबे के 72 लोगों के साथ शहादत दी। शमा जैदी ने कहा कि मजहब इस्लाम में आतंकवाद का कोई स्थान नहीं है। हुसैन का मकसद इस्लाम को जिंदा रखना था। जुलूस में शिया सोगवारों ने आग पर चलकर बरछियों से खूनी मातम किया। जुलूस रेलवे रोड, जानसठ रोड, जीटी रोड, बिद्दीबाडा, बड़ा बाजार, ढाकन चौक होते हुए करबला शेखपुरा पहुंच कर समाप्त किया, जहां पर ताजिये को दफनाया गया। जुलूस में अंजुमन खुमैनी खतौली, अंजुमन कन्नौजिया के सोगवारों ने मातम पुर्सी की। मरसियाख्वानी जुल्फकार, इसरार जैदी, रजी जैदी, अरशद जैदी, नोहाख्वानी शैली जैदी, अरशद अली, दानिश जैदी ने की। अब्बास, शहजाद, आरिफ, सज्जाद अली, शहजाद अली, शालू जैदी, आदि हसन, आरिफ हुसैन, सलमान आदि ने खूनी मातम किया।
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खतौली(मुजफ्फरनगर)। मुहर्रम की दसवीं तारीख पर नगर में मातमी जुलूस निकाला गया। जुलूस में ताजिया, अलम और जुलजुनाह बरामद हुआ। शिया सोगवारों ने आग पर चलकर खूनी मातम किया। जुलूस नगर के मुख्यमार्गों से होता हुआ करबला शेखपुरा पहुंच कर समाप्त हुआ। करबला में ताजिये को दफनाया गया।
हवा महल शेखपुरा से अली तनवीर जैदी, अब्बास जैदी, समद जैदी, शुऐब जैदी के नेतृत्व में मातमी जुलूस निकाला गया। जानसठ तिराहे पर जुलूस को खिताब फरमाते हुए मौलाना गौहर हैदर ने कहा कि आज से 1400 वर्ष पूर्व यजीद के आतंक के सामने हुसैन ने सिर नहीं झुकाया। इमाम हुसैन ने इस्लाम और इंसानियत को जिंदा रखने के लिए करबला में अपने कुनबे के 72 लोगों के साथ शहादत दी। शमा जैदी ने कहा कि मजहब इस्लाम में आतंकवाद का कोई स्थान नहीं है। हुसैन का मकसद इस्लाम को जिंदा रखना था। जुलूस में शिया सोगवारों ने आग पर चलकर बरछियों से खूनी मातम किया। जुलूस रेलवे रोड, जानसठ रोड, जीटी रोड, बिद्दीबाडा, बड़ा बाजार, ढाकन चौक होते हुए करबला शेखपुरा पहुंच कर समाप्त किया, जहां पर ताजिये को दफनाया गया। जुलूस में अंजुमन खुमैनी खतौली, अंजुमन कन्नौजिया के सोगवारों ने मातम पुर्सी की। मरसियाख्वानी जुल्फकार, इसरार जैदी, रजी जैदी, अरशद जैदी, नोहाख्वानी शैली जैदी, अरशद अली, दानिश जैदी ने की। अब्बास, शहजाद, आरिफ, सज्जाद अली, शहजाद अली, शालू जैदी, आदि हसन, आरिफ हुसैन, सलमान आदि ने खूनी मातम किया।
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