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खुर्शीद आलम का जय श्रीराम के नारे लगाना नाजायज, तौबा करें : उलमा
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देवबंद (सहारनपुर)। बिहार के अल्पसंख्यक कल्याण व गन्ना उद्योग मंत्री खुर्शीद आलम के कलश यात्रा में जय श्रीराम के नारे लगाए जाने पर उलमा ने नाराजगी जताई है। उलमा का कहना है कि खुर्शीद आलम का यह अमल इस्लाम धर्म के विरुद्ध है, उन्हें चाहिए कि वह अपने किए की अल्लाह से तौबा कर लें।
मदरसा जामिया हुसैनिया के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती तारिक कासमी ने कहा कि मुसलमानों के लिए इस तरह के अमल नाजायज और हराम है। खुर्शीद आलम का उनके माबूदों के नाम को जोर शोर से पुकार कर नारे लगाना जायज नहीं है। क्योंकि इस्लाम धर्म में अल्लाह के सिवा किसी ओर की इबादत करने की सख्त मनाही है। ऐसा करने वाला शिर्क (अल्लाह के सिवा किसी ओर को मानने वाला) में शामिल होता है। खुर्शीद आलम को चाहिए कि वह इस अमल के लिए अल्लाह से तौबा करें। इत्तेहाद उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना कारी मुस्तफा का कहना है कि मंत्री खुर्शीद आलम का कलश यात्रा में हिस्सा लेना अलग बात है, लेकिन उसमें जय श्रीराम के नारे लगाना एक मुसलमान के लिए बेहद अफसोसनाक है। उन्होंने कहा कि मुल्क आजाद है अगर वह जय श्रीराम वालों के साथ रहना चाहते हैं तो रहें इस्लाम को ऐसे लोगों की कोई जरूरत नहीं है। क्योंकि इस्लाम ऐसे लोगों से पाक साफ है और ऐसे लोगों को ईमान भी बाकी नहीं रहता।
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मदरसा जामिया हुसैनिया के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती तारिक कासमी ने कहा कि मुसलमानों के लिए इस तरह के अमल नाजायज और हराम है। खुर्शीद आलम का उनके माबूदों के नाम को जोर शोर से पुकार कर नारे लगाना जायज नहीं है। क्योंकि इस्लाम धर्म में अल्लाह के सिवा किसी ओर की इबादत करने की सख्त मनाही है। ऐसा करने वाला शिर्क (अल्लाह के सिवा किसी ओर को मानने वाला) में शामिल होता है। खुर्शीद आलम को चाहिए कि वह इस अमल के लिए अल्लाह से तौबा करें। इत्तेहाद उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना कारी मुस्तफा का कहना है कि मंत्री खुर्शीद आलम का कलश यात्रा में हिस्सा लेना अलग बात है, लेकिन उसमें जय श्रीराम के नारे लगाना एक मुसलमान के लिए बेहद अफसोसनाक है। उन्होंने कहा कि मुल्क आजाद है अगर वह जय श्रीराम वालों के साथ रहना चाहते हैं तो रहें इस्लाम को ऐसे लोगों की कोई जरूरत नहीं है। क्योंकि इस्लाम ऐसे लोगों से पाक साफ है और ऐसे लोगों को ईमान भी बाकी नहीं रहता।
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