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%राष्ट्र की संस्कृति, आदर्शो, नैतिक मूल्यों को जीवन में धारण करें%
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छपार। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि देश की रक्षा और सेवा करना प्रत्येक भारतीय का फर्ज है। राष्ट्र धर्म सबके लिए समान है। पाकिस्तान आतंक की फैक्टरी है। देश के युवा आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हों।
कस्बे में आर्य समाज के तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव के शुभारंभ अवसर पर पधारे आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि भारत भूमि ऋषि-मुनियों, महापुरुषों और क्रांतिकारियों के तप, त्याग, बलिदान से पूजनीय है। जिसने इस मिट्टी में जन्म लिया, वह सौभाग्यशाली है। राष्ट्र की संस्कृति, आदर्शों, नैतिक मूल्यों को जीवन में धारण करना भी मातृभूमि की सेवा है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम ने कहा था कि जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से बढ़कर होती है। आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ें। आचार्य सुरेंद्र आर्य ने कहा कि वैदिक संस्कृति को अपनाये, ताकि ढोंग, पाखंड, कुरीतियों से समाज बच सके। वेदों के ज्ञान से विश्व में शांति, एकता, सत्य, न्याय स्थापित होगा। सेवाराम याज्ञक ने कहा कि यज्ञ ईश्वर उपासना का सबसे उत्तम साधन है। स्वामी चंद्रदेव ने कहा कि युवा शक्ति संगठित, ऊर्जावान, चरित्रवान, शिक्षित बनेगी, तभी देश विश्वशक्ति बनेगा। आरपी शर्मा ने कहा कि बेटियों को वैदिक शिक्षा से जोड़े। भजनोपदेशक रणवीर , ब्रह्मानंद तथा चेतन देव सुधारक ने प्रेरक भजन सुनाये। इससे पूर्व वेद मंत्रों से यज्ञ हुआ, जिसमें यज्ञमान सतीश पाल आर्य सपत्निक रहे। प्रधान सुभाष चंद त्यागी, अजय कुमार आर्य ने अतिथियों का स्वागत किया। धन कुमार आर्य, मास्टर यशवीर, जगपाल आर्य, सोनाथ सिंह आर्य, बाबूराम आर्य, राजपाल आर्य उपस्थित रहे। संचालन सुभाष चंद त्यागी ने किया।
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कस्बे में आर्य समाज के तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव के शुभारंभ अवसर पर पधारे आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि भारत भूमि ऋषि-मुनियों, महापुरुषों और क्रांतिकारियों के तप, त्याग, बलिदान से पूजनीय है। जिसने इस मिट्टी में जन्म लिया, वह सौभाग्यशाली है। राष्ट्र की संस्कृति, आदर्शों, नैतिक मूल्यों को जीवन में धारण करना भी मातृभूमि की सेवा है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम ने कहा था कि जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से बढ़कर होती है। आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ें। आचार्य सुरेंद्र आर्य ने कहा कि वैदिक संस्कृति को अपनाये, ताकि ढोंग, पाखंड, कुरीतियों से समाज बच सके। वेदों के ज्ञान से विश्व में शांति, एकता, सत्य, न्याय स्थापित होगा। सेवाराम याज्ञक ने कहा कि यज्ञ ईश्वर उपासना का सबसे उत्तम साधन है। स्वामी चंद्रदेव ने कहा कि युवा शक्ति संगठित, ऊर्जावान, चरित्रवान, शिक्षित बनेगी, तभी देश विश्वशक्ति बनेगा। आरपी शर्मा ने कहा कि बेटियों को वैदिक शिक्षा से जोड़े। भजनोपदेशक रणवीर , ब्रह्मानंद तथा चेतन देव सुधारक ने प्रेरक भजन सुनाये। इससे पूर्व वेद मंत्रों से यज्ञ हुआ, जिसमें यज्ञमान सतीश पाल आर्य सपत्निक रहे। प्रधान सुभाष चंद त्यागी, अजय कुमार आर्य ने अतिथियों का स्वागत किया। धन कुमार आर्य, मास्टर यशवीर, जगपाल आर्य, सोनाथ सिंह आर्य, बाबूराम आर्य, राजपाल आर्य उपस्थित रहे। संचालन सुभाष चंद त्यागी ने किया।
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