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तितावी-पुरकाजी में कहर बरपा चुकी है अवैध शराब

Sat, 09 Feb 2019 11:26 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 09 Feb 2019 11:26 PM IST
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तितावी-पुरकाजी में कहर बरपा चुकी है अवैध शराब
तितावी-पुरकाजी में कहर बरपा चुकी है कच्ची शराब
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मुजफ्फरनगर। निकटवर्ती जनपद सहारनपुर और रुड़की में 80 से अधिक लोगों की जान लेने वाली अवैध शराब जनपद में भी कहर बरपा चुकी है। करीब तीन साल पूर्व पुरकाजी में तीन और तितावी में करीब आठ माह पूर्व जहरीली शराब दो लोगों की जान ले चुकी है। शहर से सटे गांव के साथ ही जिले के दर्जनों गांवों में इस नकली व कच्ची शराब का अवैध धंधा धड़ल्ले से चलता है। वहीं, खादर क्षेत्र में कच्ची शराब की भट्ठियां खुलेआम चलाईं जातीं हैं।
पुरकाजी के खादर क्षेत्र के गांव झबरपुर में करीब तीन साल पूर्व रामपाल व इंद्र की मौत शराब पीने से हुई थी। ग्रामीणों के अनुसार गांव में बिकने वाली कच्ची शराब पीने से उनकी मौत हुई थी। वहीं, पुरकाजी में भी विनोद नामक युवक की जान कच्ची शराब से चली गई थी। इनके अलावा, तितावी क्षेत्र के गांव हैदरनगर जलालपुर में करीब आठ माह पूर्व दो युवकों की मौत कच्ची शराब के पीने से होने का ग्रामीणों ने आरोप लगाया था, लेकिन थाना पुलिस ने इस पर लीपापोती कर दी थी। इनके अलावा भी जिले में पूर्व समय में अवैध शराब कई लोगों की जिंदगी में कालिख पोत चुकी है, लेकिन कम कीमत में मिलने वाली इस शराब को पीने का मोह देहात क्षेत्र के गरीब लोग नहीं छोड़ पाते। वर्तमान में भी जनपद के दर्जनों गांवों में अवैध शराब का यह धंधा धड़ल्ले से चलता है। इनमें मुख्यत: भोपा, पुरकाजी, तितावी, शाहपुर व रामराज क्षेत्र के गांव शामिल हैं। वहीं, जिले के खादर क्षेत्र तो अवैध शराब से ही विख्यात हैं। शराब बनाकर बेचना यहां कुटीर उद्योग का रूप ले चुका है। शुक्रताल खादर क्षेत्र में ही पिछले एक वर्ष में एक दर्जन से अधिक शराब की भट्ठियां पकड़ी जा चुकी हैं। गंगा खादर क्षेत्र के गांव अमलावाला, जिंदावाला, डूंढी घाट, सिताबपुरी, ख़ुशीपुरा, महाराजनगर, मजलिसपुर तौफीर व बिहारगढ़ सहित कई गांवों में अवैध शराब का धंधा बड़े स्तर पर किया जाता है। दलदली जगह पर भट्ठियां चढ़ाकर कच्ची शराब तैयार करने के बाद उसे टॉयर वाली ट्यूब व कैन से गांव-गांव पहुंचाया जाता है।
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शहर समेत कई जगह पकड़ी जा चुकी हैं शराब फैक्टरी
मुजफ्फरनगर। अवैध शराब बनाने के धंधे के साथ ही जनपद में अवैध रूप से चलने वालीं शराब फैक्टरियां भी पकड़ी जा चुकी हैं। कुछ समय पूर्व ही शहर क्षेत्र में ही दो स्थानों पर अवैध शराब बनाने की फैक्टरी पकड़ जा चुकी हैं। वहीं, भोपा क्षेत्र के गांव छछरौली में भी करीब आठ माह पूर्व मुर्गी फार्म में चलाई जा रही अवैध शराब फैक्टरी का भंडाफोड़ हुआ था।
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