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अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस की जांच करेंगे एसडीएम
Updated Sat, 28 Apr 2018 12:16 AM IST
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चरथावल।
सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद क्षेत्र पंचायत प्रमुख खुर्शीद फातमा का हटाने के लिए एक गुट लामबंद हो गया है। जिलाधिकारी ने अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर एसडीएम सदर को जांच के लिए नामित किया है। ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास की प्रक्रिया पूरी होती है या नहीं? इस पर पूरे ब्लॉक की निगाहें टिकी है।
दूधली के वार्ड पर उपचुनाव में भाजपा नेता सौरभ पुंडीर की माता रामी देवी के बीडीसी निर्वाचित होने के बाद यहां अविश्वास प्रस्ताव लाने की नींव रखी गई थी। सौरभ पुंडीर ने समर्थकों संग 109 में से 76 बीडीसी सदस्यों के शपथपत्र मौजूदा प्रमुख के खिलाफ कब्जे में किए। उन्होंने जिलाधिकारी को शपथपत्र सौंपकर अविश्वास प्रस्ताव दिया तो क्षेत्र में हलचल मच गई। डीएम ने डीपीआरओ से पूरे मामले की जानकारी जुटाकर शुक्रवार को एसडीएम सदर को जांच के लिए नामित कर दिया। वह शपथ पत्रों की जांच पड़ताल करने के बाद क्षेत्र पंचायत अधिनियम की धारा 4 के अनुपालन में अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया पर फैसला लेंगे। ब्लॉक में रालोद नेता खुर्शीद फातमा पहली मर्तबा निर्विरोध महिला प्रमुख बनी थी। हालांकि चुनाव के दौरान उन्हें सपा और बसपा का समर्थन भी हासिल था। क्षेत्रीय भाजपाइयों ने गुपचुप तरीके से उन्हें ही समर्थन किया था। मौजूदा हालात में उनके खिलाफ यदि अविश्वास प्रस्ताव लाया गया, तो भाजपा नेताओं के मंसूबों को नाकाम करने के लिए विपक्षी दलों के नेता लामबंद हो सकते है। 109 बीडीसी में से 33 मुस्लिम बीडीसी है।
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सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद क्षेत्र पंचायत प्रमुख खुर्शीद फातमा का हटाने के लिए एक गुट लामबंद हो गया है। जिलाधिकारी ने अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर एसडीएम सदर को जांच के लिए नामित किया है। ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास की प्रक्रिया पूरी होती है या नहीं? इस पर पूरे ब्लॉक की निगाहें टिकी है।
दूधली के वार्ड पर उपचुनाव में भाजपा नेता सौरभ पुंडीर की माता रामी देवी के बीडीसी निर्वाचित होने के बाद यहां अविश्वास प्रस्ताव लाने की नींव रखी गई थी। सौरभ पुंडीर ने समर्थकों संग 109 में से 76 बीडीसी सदस्यों के शपथपत्र मौजूदा प्रमुख के खिलाफ कब्जे में किए। उन्होंने जिलाधिकारी को शपथपत्र सौंपकर अविश्वास प्रस्ताव दिया तो क्षेत्र में हलचल मच गई। डीएम ने डीपीआरओ से पूरे मामले की जानकारी जुटाकर शुक्रवार को एसडीएम सदर को जांच के लिए नामित कर दिया। वह शपथ पत्रों की जांच पड़ताल करने के बाद क्षेत्र पंचायत अधिनियम की धारा 4 के अनुपालन में अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया पर फैसला लेंगे। ब्लॉक में रालोद नेता खुर्शीद फातमा पहली मर्तबा निर्विरोध महिला प्रमुख बनी थी। हालांकि चुनाव के दौरान उन्हें सपा और बसपा का समर्थन भी हासिल था। क्षेत्रीय भाजपाइयों ने गुपचुप तरीके से उन्हें ही समर्थन किया था। मौजूदा हालात में उनके खिलाफ यदि अविश्वास प्रस्ताव लाया गया, तो भाजपा नेताओं के मंसूबों को नाकाम करने के लिए विपक्षी दलों के नेता लामबंद हो सकते है। 109 बीडीसी में से 33 मुस्लिम बीडीसी है।
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