{"_id":"5adf762e4f1c1b60098b6535","slug":"111524594222-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसएलआरसीएस (एनजीओ) 15 हजार लोगों को दे चुकी ब्लड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसएलआरसीएस (एनजीओ) 15 हजार लोगों को दे चुकी ब्लड
Updated Tue, 24 Apr 2018 11:53 PM IST
विज्ञापन
धन से नहीं तो रक्तदान कराकर बचाइए जिंदगी
खतौली।
रक्तदान से बड़ा कोई महादान नहीं होता। अगर आप बीमार लोगों की आर्थिक मदद नहीं कर सकते हैं तो रक्त देकर उसकी जान अवश्य बचा सकते हैं। खतौली की स्वर्गीय लाला रामचंद्र सहाय रुरल डेवलपमेंट फाउंडेशन (एनजीओ) ने यह साबित कर दिखाया। देशभर में इस एनजीओ से जुड़े ढाई लाख रक्त सेवक तीन वर्ष में 15 हजार लोगों को यूनिट के हिसाब से ब्लड डोनेट कर चुके हैं। इस महान कार्य के लिए एनजीओ से जुड़े सक्रिय 200 रक्त सेवकों को राजस्थान के सालासर बालाजी गुरुधाम में ट्रस्ट ने सम्मानित भी किया है।
खतौली निवासी मानव अंकुर प्रकाश गुप्ता ने शिक्षा ग्रहण करते समय मन में लोगों की सेवा करने की ठान ली थी। सामाजिक संस्थानों से जुड़कर कुछ लोगों की सेवा भी की। इसके बाद स्वर्गीय लाला रामचंद्र सहाय रुरल डेवलपमेंट फाउंडेशन (एसएलआरसीएस) के नाम से एनजीओ का गठन तीन वर्ष पूर्व किया था। एनजीओ के संस्थापक एवं अध्यक्ष अंकुर प्रकाश गुप्ता कहना है सबसे पहले प्रदेश में रक्त देनेे वाले सेवकों को जोड़ना शुुरू किया। इन रक्त सेवकों को जिम्मेदारी सौंपी गई कि उनके इलाकों में जिन बीमार लोगों को ब्लड की आवश्यकता हो, वे खुद अस्पतालों में पहुंच कर अपना ब्लड दें। इस तरह से एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश तक रक्त सेवक जुड़ते चले गए। परिणामस्वरूप आज देशभर में एनजीओ से करीब ढाई लाख रक्त सेवक जुड़े हैं। इन रक्तसेवकों ने तीन वर्ष में 15 हजार लोगों को अपना ब्लड डोनेट किया है। रविवार को राजस्थान के सालासर बालाजी गुरुधाम एवं लाउंस क्लब रतनगढ़ ओरियन के संयुक्त तत्वावधान में एक रक्तसेवा शिविर एवं रक्तसेवा प्रेरकों का सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें एनजीओ के लगभग 200 रक्त सेवकों को गुरुधाम बालाजी ट्रस्ट के उपाध्यक्ष डा. नरोत्तम ज्योति पुजारी, संपूर्ण राजस्थान में शराब बंदी प्रणेता पूनम अंकुर छाबड़ा एवं राजस्थान ब्लड मैन राजेंद्र माहेश्वरी के द्वारा प्रेरणा सम्मान चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
व्हाट्सअप से ब्लड डोनेट को जोड़ा एनजीओ का ग्रुप
अध्यक्ष अंकुर प्रकाश गुप्ता ने बताया कि एनजीओ का पूरा ग्रुप व्हाट्सअप से जुड़ा हुआ है। अपने ग्रुप से लोगों को जोड़कर रक्त सेवक मेसेज करते रहते हैं कि आपके परिवार या रिश्तेदारी तथा दोस्तों के परिवार के लोगों को अगर ब्लड की जरूरत हो तो वे मरीज नाम, पता, मोबाइल नंबर व उस अस्पताल का नाम जिसमें इलाज चल रहा है व्हाट्सअप ग्रुप पर भेज दें। दूसरी तरफ से मेसेज आने पर रक्त सेवक अस्पताल में खुद ही पहुंच जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
खतौली।
रक्तदान से बड़ा कोई महादान नहीं होता। अगर आप बीमार लोगों की आर्थिक मदद नहीं कर सकते हैं तो रक्त देकर उसकी जान अवश्य बचा सकते हैं। खतौली की स्वर्गीय लाला रामचंद्र सहाय रुरल डेवलपमेंट फाउंडेशन (एनजीओ) ने यह साबित कर दिखाया। देशभर में इस एनजीओ से जुड़े ढाई लाख रक्त सेवक तीन वर्ष में 15 हजार लोगों को यूनिट के हिसाब से ब्लड डोनेट कर चुके हैं। इस महान कार्य के लिए एनजीओ से जुड़े सक्रिय 200 रक्त सेवकों को राजस्थान के सालासर बालाजी गुरुधाम में ट्रस्ट ने सम्मानित भी किया है।
खतौली निवासी मानव अंकुर प्रकाश गुप्ता ने शिक्षा ग्रहण करते समय मन में लोगों की सेवा करने की ठान ली थी। सामाजिक संस्थानों से जुड़कर कुछ लोगों की सेवा भी की। इसके बाद स्वर्गीय लाला रामचंद्र सहाय रुरल डेवलपमेंट फाउंडेशन (एसएलआरसीएस) के नाम से एनजीओ का गठन तीन वर्ष पूर्व किया था। एनजीओ के संस्थापक एवं अध्यक्ष अंकुर प्रकाश गुप्ता कहना है सबसे पहले प्रदेश में रक्त देनेे वाले सेवकों को जोड़ना शुुरू किया। इन रक्त सेवकों को जिम्मेदारी सौंपी गई कि उनके इलाकों में जिन बीमार लोगों को ब्लड की आवश्यकता हो, वे खुद अस्पतालों में पहुंच कर अपना ब्लड दें। इस तरह से एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश तक रक्त सेवक जुड़ते चले गए। परिणामस्वरूप आज देशभर में एनजीओ से करीब ढाई लाख रक्त सेवक जुड़े हैं। इन रक्तसेवकों ने तीन वर्ष में 15 हजार लोगों को अपना ब्लड डोनेट किया है। रविवार को राजस्थान के सालासर बालाजी गुरुधाम एवं लाउंस क्लब रतनगढ़ ओरियन के संयुक्त तत्वावधान में एक रक्तसेवा शिविर एवं रक्तसेवा प्रेरकों का सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें एनजीओ के लगभग 200 रक्त सेवकों को गुरुधाम बालाजी ट्रस्ट के उपाध्यक्ष डा. नरोत्तम ज्योति पुजारी, संपूर्ण राजस्थान में शराब बंदी प्रणेता पूनम अंकुर छाबड़ा एवं राजस्थान ब्लड मैन राजेंद्र माहेश्वरी के द्वारा प्रेरणा सम्मान चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
व्हाट्सअप से ब्लड डोनेट को जोड़ा एनजीओ का ग्रुप
अध्यक्ष अंकुर प्रकाश गुप्ता ने बताया कि एनजीओ का पूरा ग्रुप व्हाट्सअप से जुड़ा हुआ है। अपने ग्रुप से लोगों को जोड़कर रक्त सेवक मेसेज करते रहते हैं कि आपके परिवार या रिश्तेदारी तथा दोस्तों के परिवार के लोगों को अगर ब्लड की जरूरत हो तो वे मरीज नाम, पता, मोबाइल नंबर व उस अस्पताल का नाम जिसमें इलाज चल रहा है व्हाट्सअप ग्रुप पर भेज दें। दूसरी तरफ से मेसेज आने पर रक्त सेवक अस्पताल में खुद ही पहुंच जाता है।
विज्ञापन