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उधमसिंह के पोते की मौत की सीबीआई जांच हो
Updated Fri, 12 Jan 2018 12:42 AM IST
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मुजफ्फरनगर। महान क्रांतिकारी और जलियावाला बाग कांड के बाद जनरल डायर को अंजाम तक पहुंचाने वाले शहीद उधम सिंह के पोते गुरुदेव सिंह की पंजाब में हुई मौत दुख जताया गया। साथ ही सीबीआई जांच की मांग को लेकर उधम सिंह सेना के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया।
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय पर शहीद उधम सिंह सेना के कार्यकर्ताओं ने पंजाब सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन किया। अध्यक्ष विकास मेडियन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एडीएम वित्त सियाराम मौर्य को सौंपा। इसमें बताया कि उधम सिंह के पोते गुरुदेव सिंह संधू का शव किसी खेत में लटका मिला। पंजाब सरकार इसे आत्महत्या करार दे रही है। गुरुदेव पर 25 लाख रुपये का कर्ज था, जिसे माफ कराने के लिए वो सरकार से बार-बार गुहार लगा रहे थे। यदि ये आत्महत्या है तो पंजाब सरकार इसकी दोषी है। गुरुदेव की मौत को हत्या करार देते हुए इसकी सीबीआई जांच कराने की मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि ये दुर्भाग्य की बात है कि जिस देश में बैंकों का हजारों करोड़ का कर्ज लेकर माल्या देश से भाग गया, उस देश को आजादी दिलाने वाले क्रांतिकारियों के परिवारों को कर्ज में आत्महत्या करनी पड़ रही है। प्रदर्शन में उपकार बावरा, रविंद्र कुमार, गोपाल सिंह, प्रिंस अशोक, कर्मवीर प्रधान, सौरभ तेजियान, प्रदीप मौर्या, रूपचन्द, ताराचंद मालिया, अमित गौतम, जितेंद्र गौतम, अर्जुन कुमार, विजय कुमार, शोभाराम आदि शामिल रहे।
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बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय पर शहीद उधम सिंह सेना के कार्यकर्ताओं ने पंजाब सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन किया। अध्यक्ष विकास मेडियन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एडीएम वित्त सियाराम मौर्य को सौंपा। इसमें बताया कि उधम सिंह के पोते गुरुदेव सिंह संधू का शव किसी खेत में लटका मिला। पंजाब सरकार इसे आत्महत्या करार दे रही है। गुरुदेव पर 25 लाख रुपये का कर्ज था, जिसे माफ कराने के लिए वो सरकार से बार-बार गुहार लगा रहे थे। यदि ये आत्महत्या है तो पंजाब सरकार इसकी दोषी है। गुरुदेव की मौत को हत्या करार देते हुए इसकी सीबीआई जांच कराने की मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि ये दुर्भाग्य की बात है कि जिस देश में बैंकों का हजारों करोड़ का कर्ज लेकर माल्या देश से भाग गया, उस देश को आजादी दिलाने वाले क्रांतिकारियों के परिवारों को कर्ज में आत्महत्या करनी पड़ रही है। प्रदर्शन में उपकार बावरा, रविंद्र कुमार, गोपाल सिंह, प्रिंस अशोक, कर्मवीर प्रधान, सौरभ तेजियान, प्रदीप मौर्या, रूपचन्द, ताराचंद मालिया, अमित गौतम, जितेंद्र गौतम, अर्जुन कुमार, विजय कुमार, शोभाराम आदि शामिल रहे।
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