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कानफोडू शोर थमा, शिव चौक पर रहा कड़ा पहरा
Updated Sat, 22 Jul 2017 01:26 AM IST
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कांवड़ियों का शोर थमा, शिव चौक पर कड़ा पहरा
मुजफ्फरनगर। दस दिनों से हाईवे समेत शहर में मच रहा कानफोडू शोर जलाभिषेक के साथ समाप्त हो गया। कानफोडू शोर और बंद पड़े रूट खुलने से लोगों ने राहत की सांस ली है। रोडवेज बसों के लिए भी देर शाम मार्ग खुल गए हैं। उधर, शिवचौक पर जलाभिषेक के दौरान कड़ा सुरक्षा पहरा रहा।
11 जुलाई से कांवड़ मेले का आगाज हुआ। 21 जुलाई को जलाभिषेक के साथ कांवड़ यात्रा का समापन हुआ। इन दस दिनों में शहर, देहात समेत हाईवे पर भी कान फोडू संगीत, भजनों से बुरा हाल रहा। शिवभक्त एक से बढ़कर एक कांवड़, झांकियां को गाजे-बाजे के साथ लेकर गुजरे। वहीं, डाक कांवड़ ने दो दिनों तक हाइवे पर कब्जा किए रखा। दिल्ली, हरियाणा समेत कई राज्यों के शिवभक्त कांवड़ टोली के साथ डीजे के साथ लेकर गुजरे। शुक्रवार को भगवान आशुतोष के जलाभिषेक के साथ कानफोडू संगीत भी शांत हो गया। शिवचौक पर रैपिड एक्शन फोर्स और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली। शिवचौक के चारो ओर बैरीकेडिंग कर आम लोगों के लिए रास्ता बंद रखा गया। उधर, रुड़की रोड पर बैरीकेडिंग कर कटों को भी बंद रखा गया था, जो शुक्रवार देर शाम खुल गए। इससे लोगों ने राहत की सांस ली, जबकि हाइवे पर भी ट्रैफिक का संचालन शुरू हो गया। हाईवे से रोडवेज बसों समेत अन्य छोटे-बड़े वाहनों का निकलना शुरू हो गया।
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मुजफ्फरनगर। दस दिनों से हाईवे समेत शहर में मच रहा कानफोडू शोर जलाभिषेक के साथ समाप्त हो गया। कानफोडू शोर और बंद पड़े रूट खुलने से लोगों ने राहत की सांस ली है। रोडवेज बसों के लिए भी देर शाम मार्ग खुल गए हैं। उधर, शिवचौक पर जलाभिषेक के दौरान कड़ा सुरक्षा पहरा रहा।
11 जुलाई से कांवड़ मेले का आगाज हुआ। 21 जुलाई को जलाभिषेक के साथ कांवड़ यात्रा का समापन हुआ। इन दस दिनों में शहर, देहात समेत हाईवे पर भी कान फोडू संगीत, भजनों से बुरा हाल रहा। शिवभक्त एक से बढ़कर एक कांवड़, झांकियां को गाजे-बाजे के साथ लेकर गुजरे। वहीं, डाक कांवड़ ने दो दिनों तक हाइवे पर कब्जा किए रखा। दिल्ली, हरियाणा समेत कई राज्यों के शिवभक्त कांवड़ टोली के साथ डीजे के साथ लेकर गुजरे। शुक्रवार को भगवान आशुतोष के जलाभिषेक के साथ कानफोडू संगीत भी शांत हो गया। शिवचौक पर रैपिड एक्शन फोर्स और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली। शिवचौक के चारो ओर बैरीकेडिंग कर आम लोगों के लिए रास्ता बंद रखा गया। उधर, रुड़की रोड पर बैरीकेडिंग कर कटों को भी बंद रखा गया था, जो शुक्रवार देर शाम खुल गए। इससे लोगों ने राहत की सांस ली, जबकि हाइवे पर भी ट्रैफिक का संचालन शुरू हो गया। हाईवे से रोडवेज बसों समेत अन्य छोटे-बड़े वाहनों का निकलना शुरू हो गया।
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