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पानी निकासी नहीं होने से मकान बने तालाब
Updated Fri, 30 Jun 2017 12:47 AM IST
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घरों का सामान समेटकर स्कूल में रखा
चरथावल। बारिश ने दूसरे दिन लोगों को तरबतर कर दिया। कस्बे एवं गांवों में पानी की समुचित निकासी की व्यवस्था नहीं होने से मकानों में पानी घुस गया। बुड्डाखेड़ा गांव में निकासी नहीं होने से तालाब पानी से लबालब हो गया। आसपास रहने वाले लोगों को सामान समेटकर सरकारी स्कूल में रखना पड़ा।
कुटेसरा गांव में तालाब में डूबने से एक बच्ची की मौत होने के बाद भी पंचायत प्रशासन की आंख नहीं खुली। पुलिस चौकी के पास काफी गहरा तालाब तो खोद दिया गया है, लेकिन गांव का बाग वाले मोहल्ले का नाले में अवरुद्ध होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। नतीजतन मेहरबान, मुंतजिर, इरफान और खालिद समेत दर्जनों लोगों के मकान तालाब में तब्दील हो गया है। आरोप है कि सड़क पर बहने वाले पानी तालाब में समा रहा है। ग्रामीण शमशाद का कहना है कि सड़क किनारे तालाब अधिक गहरा होने के चलते आए दिन बच्चों के लिए मुसीबत बनना स्वाभाविक है। उधर, बुड्ढ़ाखेड़ा गांव का तालाब बारिश के पानी से लबालब बढ़ गया है। जलनिकासी नहीं होने के कारण मांगा के मकान में कई फीट तक पानी भर गया। रामशरण एवं शीशपाल के परिवार लोगों ने घरों का सामान समेट कर अस्थायी रूप से सरकारी स्कूल में रख लिया। भाकियू नेता विकास राणा ने डीएम से गांव में तालाब के पानी की समुचित निकासी कराने की मांग की है। कस्बे के कई मोहल्लों में भी पानी की निकासी नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। हैबतपुर, चरथावल-लुहारी मार्ग, रसूलपुर मार्ग और चौकड़ा कसौली मार्गों पर कीचड़ भरने से लोगों को दिक्कत हुई।
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चरथावल। बारिश ने दूसरे दिन लोगों को तरबतर कर दिया। कस्बे एवं गांवों में पानी की समुचित निकासी की व्यवस्था नहीं होने से मकानों में पानी घुस गया। बुड्डाखेड़ा गांव में निकासी नहीं होने से तालाब पानी से लबालब हो गया। आसपास रहने वाले लोगों को सामान समेटकर सरकारी स्कूल में रखना पड़ा।
कुटेसरा गांव में तालाब में डूबने से एक बच्ची की मौत होने के बाद भी पंचायत प्रशासन की आंख नहीं खुली। पुलिस चौकी के पास काफी गहरा तालाब तो खोद दिया गया है, लेकिन गांव का बाग वाले मोहल्ले का नाले में अवरुद्ध होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। नतीजतन मेहरबान, मुंतजिर, इरफान और खालिद समेत दर्जनों लोगों के मकान तालाब में तब्दील हो गया है। आरोप है कि सड़क पर बहने वाले पानी तालाब में समा रहा है। ग्रामीण शमशाद का कहना है कि सड़क किनारे तालाब अधिक गहरा होने के चलते आए दिन बच्चों के लिए मुसीबत बनना स्वाभाविक है। उधर, बुड्ढ़ाखेड़ा गांव का तालाब बारिश के पानी से लबालब बढ़ गया है। जलनिकासी नहीं होने के कारण मांगा के मकान में कई फीट तक पानी भर गया। रामशरण एवं शीशपाल के परिवार लोगों ने घरों का सामान समेट कर अस्थायी रूप से सरकारी स्कूल में रख लिया। भाकियू नेता विकास राणा ने डीएम से गांव में तालाब के पानी की समुचित निकासी कराने की मांग की है। कस्बे के कई मोहल्लों में भी पानी की निकासी नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। हैबतपुर, चरथावल-लुहारी मार्ग, रसूलपुर मार्ग और चौकड़ा कसौली मार्गों पर कीचड़ भरने से लोगों को दिक्कत हुई।
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