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लगातार होती रहीं अवैध शराब बिक्री की शिकायतें
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यूपी-उत्तराखंड में तीन माह पहले मचा था जहरीली शराब से कोहराम
मुजफ्फरनगर। मीरापुर क्षेत्र के साथ ही जनपद मुख्यालय से सटे कई गांवों में कच्ची शराब की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। मीरापुर में भी कई बार ग्रामीणों द्वारा इस अवैध शराब बिक्री की लगातार शिकायतें की जाती रहीं, लेकिन जिला आबकारी व पुलिस विभाग की नींद नहीं खुली। इसी का नतीजा रहा कि मीरापुर क्षेत्र में शनिवार को कच्ची शराब पीने से एक युवक को जान गंवानी पड़ी और दो अभी भी जिंदगी-मौत से जूझ रहे हैं।
जिला मुख्यालय से सटे कई गांवों के साथ ही खादर क्षेत्र के गांवों व मीरापुर-तितावी थाना क्षेत्र के कई इलाकों में कच्ची शराब धड़ल्ले से बेची जा रही है। कई बार इस अवैध शराब बिक्री को लेकर महिलाओं के साथ ही ग्रामीण हंगामा कर चुके हैं। करीब तीन माह पूर्व ही जनपद से सटे सहारनपुर व रुड़की क्षेत्र में अवैध शराब पीने से कोहराम मच चुका है, जिसमें सौ से अधिक लोगों की मौतें हुईं थी। इसके बाद आबकारी विभाग ने शराब माफिया के खिलाफ अभियान चलाने का दावा किया, लेकिन माहौल शांत होने के साथ ही यह दम तोड़ गया। इसके बाद से फिर अवैध कच्ची शराब की बिक्री धड़ल्ले से शुरू हो गई थी। इसके बाद फिर से महिलाओं व ग्रामीणों ने शराब बिक्री को लेकर हंगामे-प्रदर्शन व शिकायतें कीं, लेकिन लंबी तानकर सोए आबकारी विभाग और संबंधित थाना पुलिस की नींद नहीं खुली। नतीजतन, शनिवार को एक बार फिर से एक युवक की जान इस अवैध शराब ने ले ली और दो अभी भी जिंदगी-मौत के बीच झूल रहे हैं। दो साल पहले तितावी क्षेत्र में भी अवैध शराब पीने से दो भाईयों की मौत हो गई थी। तीन दिन पहले ही शहर कोतवाली क्षेत्र में वहलना के पास भी एक होटल कर्मी पौडी गढवाल निवासी हवल सिंह की अवैध शराब पीने से मौत हो गई थी।
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मुजफ्फरनगर। मीरापुर क्षेत्र के साथ ही जनपद मुख्यालय से सटे कई गांवों में कच्ची शराब की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। मीरापुर में भी कई बार ग्रामीणों द्वारा इस अवैध शराब बिक्री की लगातार शिकायतें की जाती रहीं, लेकिन जिला आबकारी व पुलिस विभाग की नींद नहीं खुली। इसी का नतीजा रहा कि मीरापुर क्षेत्र में शनिवार को कच्ची शराब पीने से एक युवक को जान गंवानी पड़ी और दो अभी भी जिंदगी-मौत से जूझ रहे हैं।
जिला मुख्यालय से सटे कई गांवों के साथ ही खादर क्षेत्र के गांवों व मीरापुर-तितावी थाना क्षेत्र के कई इलाकों में कच्ची शराब धड़ल्ले से बेची जा रही है। कई बार इस अवैध शराब बिक्री को लेकर महिलाओं के साथ ही ग्रामीण हंगामा कर चुके हैं। करीब तीन माह पूर्व ही जनपद से सटे सहारनपुर व रुड़की क्षेत्र में अवैध शराब पीने से कोहराम मच चुका है, जिसमें सौ से अधिक लोगों की मौतें हुईं थी। इसके बाद आबकारी विभाग ने शराब माफिया के खिलाफ अभियान चलाने का दावा किया, लेकिन माहौल शांत होने के साथ ही यह दम तोड़ गया। इसके बाद से फिर अवैध कच्ची शराब की बिक्री धड़ल्ले से शुरू हो गई थी। इसके बाद फिर से महिलाओं व ग्रामीणों ने शराब बिक्री को लेकर हंगामे-प्रदर्शन व शिकायतें कीं, लेकिन लंबी तानकर सोए आबकारी विभाग और संबंधित थाना पुलिस की नींद नहीं खुली। नतीजतन, शनिवार को एक बार फिर से एक युवक की जान इस अवैध शराब ने ले ली और दो अभी भी जिंदगी-मौत के बीच झूल रहे हैं। दो साल पहले तितावी क्षेत्र में भी अवैध शराब पीने से दो भाईयों की मौत हो गई थी। तीन दिन पहले ही शहर कोतवाली क्षेत्र में वहलना के पास भी एक होटल कर्मी पौडी गढवाल निवासी हवल सिंह की अवैध शराब पीने से मौत हो गई थी।
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