{"_id":"5c9a701bbdec22141e22342e","slug":"101553625115-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"18 प्रत्याशियों ने भरा अधूरा शपथपत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
18 प्रत्याशियों ने भरा अधूरा शपथपत्र
विज्ञापन
18 प्रत्याशियों ने अधूरा भरा था शपथपत्र
मुजफ्फरनगर। लोकसभा का चुनाव लड़ने के लिए नामांकन करने वाले 22 में से 18 प्रत्याशी अपना शपथपत्र ही पूरा नहीं भर पाए। चुनाव आयोग ने संपत्ति और दर्ज मुकदमों का जो ब्योरा मांगा वह दे ही नहीं पाए। नोटिस जारी होने के बाद भी मात्र छह ही कागजों की पूर्ति कर पाए। यहीं कारण रहा कि 12 नामांकन निरस्त हो गए।
चुनाव आयोग के शपथपत्र भरने के सख्त आदेश के बाद भी नामांकन करने वाले अधिकतम प्रत्याशियों ने पूरी जानकारी नहीं दी। शपथपत्र में न तो संपत्ति का ब्योरा दिया और न ही अपने ऊपर दर्ज मुकदमों के बारे में बताया। नियम के अनुसार नामांकन दाखिल करने के दौरान ही ऐसे प्रत्याशियों को नोटिस जारी कर दिया गया था। ऐसे कुल 18 प्रत्याशी थे, जिन्होंने शपथपत्र अधूरा भरा और उन्हें स्क्रूटनी के समय मंगलवार सुबह 11 बजे से पहले अपने कागज पूरे करने के लिए कहा गया। आश्चर्य की बात यह है कि कुल 22 नामांकन में से 18 ने अपने नामांकन पूरे नहीं भरे। केवल चार ने ही सही नामांकन भरा। इनमें रालोद के चौधरी अजित सिंह, भाजपा के डॉ संजीव बालियान, यज्ञपाल राठी और अशोक शामिल हैं। बाकी सभी 18 को जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से नोटिस जारी किया गया। नोटिस के बाद भी केवल छह प्रत्याशी ही ऐसे निकले, जिन्होंने शपथपत्र भरकर नियत समय के अंदर दोबारा जमा किया। इनमें एसकेएस गंगवाल, मांगेराम कश्यप, नील कुमार, जयपाल सिंह सैनी, अंकित, कृष्णपाल सिंह शामिल हैं। जिन लोगों ने समय पर कागज पूरे किए उनका नामांकन वैध मान लिया गया। एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि नामांकन के दौरान ही प्रत्याशी को नोटिस के माध्यम से बता दिया गया था कि उनके कागजों ये कमियां है। इसके बाद भी नियत समय के अंदर 12 प्रत्याशी अपने कागजों की पूर्ति नहीं कर पाए।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। लोकसभा का चुनाव लड़ने के लिए नामांकन करने वाले 22 में से 18 प्रत्याशी अपना शपथपत्र ही पूरा नहीं भर पाए। चुनाव आयोग ने संपत्ति और दर्ज मुकदमों का जो ब्योरा मांगा वह दे ही नहीं पाए। नोटिस जारी होने के बाद भी मात्र छह ही कागजों की पूर्ति कर पाए। यहीं कारण रहा कि 12 नामांकन निरस्त हो गए।
चुनाव आयोग के शपथपत्र भरने के सख्त आदेश के बाद भी नामांकन करने वाले अधिकतम प्रत्याशियों ने पूरी जानकारी नहीं दी। शपथपत्र में न तो संपत्ति का ब्योरा दिया और न ही अपने ऊपर दर्ज मुकदमों के बारे में बताया। नियम के अनुसार नामांकन दाखिल करने के दौरान ही ऐसे प्रत्याशियों को नोटिस जारी कर दिया गया था। ऐसे कुल 18 प्रत्याशी थे, जिन्होंने शपथपत्र अधूरा भरा और उन्हें स्क्रूटनी के समय मंगलवार सुबह 11 बजे से पहले अपने कागज पूरे करने के लिए कहा गया। आश्चर्य की बात यह है कि कुल 22 नामांकन में से 18 ने अपने नामांकन पूरे नहीं भरे। केवल चार ने ही सही नामांकन भरा। इनमें रालोद के चौधरी अजित सिंह, भाजपा के डॉ संजीव बालियान, यज्ञपाल राठी और अशोक शामिल हैं। बाकी सभी 18 को जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से नोटिस जारी किया गया। नोटिस के बाद भी केवल छह प्रत्याशी ही ऐसे निकले, जिन्होंने शपथपत्र भरकर नियत समय के अंदर दोबारा जमा किया। इनमें एसकेएस गंगवाल, मांगेराम कश्यप, नील कुमार, जयपाल सिंह सैनी, अंकित, कृष्णपाल सिंह शामिल हैं। जिन लोगों ने समय पर कागज पूरे किए उनका नामांकन वैध मान लिया गया। एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि नामांकन के दौरान ही प्रत्याशी को नोटिस के माध्यम से बता दिया गया था कि उनके कागजों ये कमियां है। इसके बाद भी नियत समय के अंदर 12 प्रत्याशी अपने कागजों की पूर्ति नहीं कर पाए।
विज्ञापन