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मेरी चादर में मां चुपके से रोटी बांध देती है
Updated Wed, 03 Oct 2018 11:49 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
खतौली। नगर पालिका परिषद की ओर से मेला श्रावणी छड़ियान के मौके पर पालिका प्रांगण में गंगा जमनी तहजीब के नाम मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। उद्घाटन सपा नेता काजी जमील अहमद और रालोद नेता लतेश विधूड़ी ने किया।
कवि केवल कृष्ण भसीन तथा दिल खैराबादी की नात ए पाक से मुशायरा व कवि सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। दिल खैराबादी का कलाम मैं खाकसार हूं मुझसे अना की बात न कर, तेरी अना मेरे नौकर की नौकरानी है। जमाल हाशमी का कलाम ने सफर के वास्ते ममता के मोती बांध देती है, मेरी चादर में मां चुपके से रोटी बांध देती है। गुलजार जिगर ने फूल भी हमारे खुशबू भी हमारी है, हिंदी भी हमारी है उर्दू भी हमारी है पेश किया। मौज स्योहरवी का कलाम हर अमल तेरा नजर के सामने आ जाएगा, जिंदगी का आयना जब मौत से टकराएगा। इनके अलावा रजा खतौलवी, अब्दुल रब हम्माद, वसीम रामपुरी, आस फात्मी, महमूद असर, कामरान आदिल, अमजद सैफी आदि ने अपना कलाम पढ़ा। संयोजक वकील मंसूरी, सहसंयोजक रामकिशन सैनी, शिवकुमार भटनागर ने अतिथियों को प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। अध्यक्षता अशफाक सैफी तथा संचालन जिगर देवबंदी ने की।
महत्वपूर्ण
- मेला श्रावणी छड़ियान पर मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन
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खतौली। नगर पालिका परिषद की ओर से मेला श्रावणी छड़ियान के मौके पर पालिका प्रांगण में गंगा जमनी तहजीब के नाम मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। उद्घाटन सपा नेता काजी जमील अहमद और रालोद नेता लतेश विधूड़ी ने किया।
कवि केवल कृष्ण भसीन तथा दिल खैराबादी की नात ए पाक से मुशायरा व कवि सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। दिल खैराबादी का कलाम मैं खाकसार हूं मुझसे अना की बात न कर, तेरी अना मेरे नौकर की नौकरानी है। जमाल हाशमी का कलाम ने सफर के वास्ते ममता के मोती बांध देती है, मेरी चादर में मां चुपके से रोटी बांध देती है। गुलजार जिगर ने फूल भी हमारे खुशबू भी हमारी है, हिंदी भी हमारी है उर्दू भी हमारी है पेश किया। मौज स्योहरवी का कलाम हर अमल तेरा नजर के सामने आ जाएगा, जिंदगी का आयना जब मौत से टकराएगा। इनके अलावा रजा खतौलवी, अब्दुल रब हम्माद, वसीम रामपुरी, आस फात्मी, महमूद असर, कामरान आदिल, अमजद सैफी आदि ने अपना कलाम पढ़ा। संयोजक वकील मंसूरी, सहसंयोजक रामकिशन सैनी, शिवकुमार भटनागर ने अतिथियों को प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। अध्यक्षता अशफाक सैफी तथा संचालन जिगर देवबंदी ने की।
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महत्वपूर्ण
- मेला श्रावणी छड़ियान पर मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन