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सोलानी नदी में पानी बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत
Updated Mon, 27 Aug 2018 12:32 AM IST
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सोलानी नदी में पानी बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत
पुरकाजी। पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश का पानी सोलानी नदी में आने से नदी उफान पर आ गई। नदी का पानी बाहर आकर जंगलों में भरने से जहां खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद होने के कगार पर हैं। वहीं पानी गांवों के रास्तों पर आने से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। नतीजतन ग्रामीण अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं।
उत्तराखंड में कई दिनों से हो रही बारिश का पानी सोलानी नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे खादर क्षेत्र में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। शनिवार की रात छोड़े गए पानी के रविवार को खादर क्षेत्र में पहुंचने से नदी उफान पर आ गई। नदी का पानी बाहर निकलने से गांवों के जंगलों में कई कई फुट पानी भर गया, जिससे फसलें पूरी तरह डूब कर बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई हैं। इसके अलावा ग्राम भदौला, पांचली, फरखपुर, रामनगर, रजगल्लापुर, अलमावाला, जिंदावाला, सुहैली आदि गांवों के अंदर पानी घुसने से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। नतीजतन ग्रामीण जंगलों में नहीं जा पा रहे हैं। जानवरों के लिए चारे की विकट समस्या आ गई है। क्षेत्र की विद्युत सप्लाई पूरी तरह चरमरा गई है। गांवों के मुख्य रास्तों पर पानी आने से बच्चे स्कूलों में नहीं जा पा रहे हैं। इसके अलावा पुरकाजी लक्सर मार्ग पर गांव शेरपुर रपटे पर पानी आने से वहां से दुपहिया वाहन चालकों व पैदल गुजरने वाले राहगीरों का निकलना मुश्किल हो गया है। राहगीर ट्रैक्टर ट्राली आदि में बैठकर पानी से गुजरने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ों से रोजाना पानी छोड़े जाने से हालात बेहद खराब हो गए हैं। अगर यही हालात रहे तो क्षेत्र में बाढ़ के हालात बन जाऐंगे। ग्रामीणों का कहना है कि बार बार जानकारी देने के बावजूद कोई भी अधिकारी ग्रामीणों की सुध नहीं ले रहे हैं।
एसडीएम सदर कुमार धर्मेंद्र का कहना है कि ग्रामीणों को कोई परेशानी न हो इसके पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। आवागमन के लिए नाव लगा रखी है। ग्रामीणों को अलर्ट कर रखा है। कर्मचारियों की टीम बनाकर हालात पर नजर रखने के निर्देश दे दिए गए हैं। उधर, सिंचाई विभाग के एसडीओ ने बताया कि पहाड़ों से 10 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना मिली है, जिसके रात में खादर क्षेत्र में पहुंचने की संभावना है। ग्रामीण राजू प्रजापति, जसविंद्र सिंह, राजेंद्र चौधरी, जोगेंद्र सिंह, गुरमीत सिंह खालसा, राजेश कुमार, कांता सिंह, चदन सिंह आदि का कहना है कि अगर पानी बढ़ता है तो ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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पुरकाजी। पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश का पानी सोलानी नदी में आने से नदी उफान पर आ गई। नदी का पानी बाहर आकर जंगलों में भरने से जहां खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद होने के कगार पर हैं। वहीं पानी गांवों के रास्तों पर आने से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। नतीजतन ग्रामीण अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं।
उत्तराखंड में कई दिनों से हो रही बारिश का पानी सोलानी नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे खादर क्षेत्र में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। शनिवार की रात छोड़े गए पानी के रविवार को खादर क्षेत्र में पहुंचने से नदी उफान पर आ गई। नदी का पानी बाहर निकलने से गांवों के जंगलों में कई कई फुट पानी भर गया, जिससे फसलें पूरी तरह डूब कर बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई हैं। इसके अलावा ग्राम भदौला, पांचली, फरखपुर, रामनगर, रजगल्लापुर, अलमावाला, जिंदावाला, सुहैली आदि गांवों के अंदर पानी घुसने से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। नतीजतन ग्रामीण जंगलों में नहीं जा पा रहे हैं। जानवरों के लिए चारे की विकट समस्या आ गई है। क्षेत्र की विद्युत सप्लाई पूरी तरह चरमरा गई है। गांवों के मुख्य रास्तों पर पानी आने से बच्चे स्कूलों में नहीं जा पा रहे हैं। इसके अलावा पुरकाजी लक्सर मार्ग पर गांव शेरपुर रपटे पर पानी आने से वहां से दुपहिया वाहन चालकों व पैदल गुजरने वाले राहगीरों का निकलना मुश्किल हो गया है। राहगीर ट्रैक्टर ट्राली आदि में बैठकर पानी से गुजरने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ों से रोजाना पानी छोड़े जाने से हालात बेहद खराब हो गए हैं। अगर यही हालात रहे तो क्षेत्र में बाढ़ के हालात बन जाऐंगे। ग्रामीणों का कहना है कि बार बार जानकारी देने के बावजूद कोई भी अधिकारी ग्रामीणों की सुध नहीं ले रहे हैं।
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एसडीएम सदर कुमार धर्मेंद्र का कहना है कि ग्रामीणों को कोई परेशानी न हो इसके पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। आवागमन के लिए नाव लगा रखी है। ग्रामीणों को अलर्ट कर रखा है। कर्मचारियों की टीम बनाकर हालात पर नजर रखने के निर्देश दे दिए गए हैं। उधर, सिंचाई विभाग के एसडीओ ने बताया कि पहाड़ों से 10 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना मिली है, जिसके रात में खादर क्षेत्र में पहुंचने की संभावना है। ग्रामीण राजू प्रजापति, जसविंद्र सिंह, राजेंद्र चौधरी, जोगेंद्र सिंह, गुरमीत सिंह खालसा, राजेश कुमार, कांता सिंह, चदन सिंह आदि का कहना है कि अगर पानी बढ़ता है तो ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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