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भगवान पार्श्वनाथ निर्वाण कल्याणक महोत्सव मनाया
Updated Sat, 18 Aug 2018 12:25 AM IST
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खतौली। धर्मनगरी के नौ जैन मंदिरों में पार्श्वनाथ भगवान का निर्वाण कल्याणक महोत्सव धार्मिक और मांगलिक क्रियाओं के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं ने निर्वाण लड्डू समर्पित किए।
सुबह भगवान पार्श्वनाथ की शांतिधारा, अभिषेक और पूजन के साथ अर्घ्य समर्पित किए गए। भक्ति संगीत के साथ श्रद्धा की धारा बह रही थी। पीसनोपाड़ा मंदिर में आयोजित धर्मसभा में एलाचार्य क्षमाभूषण महाराज ने कहा कि भगवान पार्श्वनाथ जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर हैं। आज की पावन बेला हम सभी को सहिष्णुता व क्षमा का पाठ पढ़ाने आई है। प्रभु पार्श्वनाथ के जीवन अनेक प्रतिकूलता आई, परंतु उन्होंने समता व क्षमा के द्वारा विजय प्राप्त की। उन्होंने जीवन का नवनिर्माण करते हुए निर्वाण पद की प्राप्ति की तथा अष्टकर्मों का नाशकर उन्होंने अनंत गुणों का खजाना प्राप्त किया।
मौके पर मंदिरों में धार्मिक विधान संगीतमयी भक्ति के साथ आयोजित किए गए। सांस्कृतिक कार्यक्रम व धर्म चर्चा कार्यक्रम आयोजित हुए। सिद्धार्थ, प्रदीप टीकरी, सुशील, रवि, अशोक शास्त्री, तुषांग, राजेंद्र दादरी, संजय महलका, रामकुमार, राकेश अंबर, जयभगवान, धनेंद्र सर्राफ, राकेश बजाज, सुनील ठेकेदार, योगेश सर्राफ, अरुण औषधि, मुकेश, नीरज प्रवक्ता, कविता, डॉ. क्षितिज, सपना, प्रीति, अलका, ललिता, दीपक भैंसी, अंजू, पिंकी, मृदुला, पूजा, डा. आशा, श्रीपाल, बीना, अकलंक प्रमोद आदि उपस्थित रहे।
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सुबह भगवान पार्श्वनाथ की शांतिधारा, अभिषेक और पूजन के साथ अर्घ्य समर्पित किए गए। भक्ति संगीत के साथ श्रद्धा की धारा बह रही थी। पीसनोपाड़ा मंदिर में आयोजित धर्मसभा में एलाचार्य क्षमाभूषण महाराज ने कहा कि भगवान पार्श्वनाथ जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर हैं। आज की पावन बेला हम सभी को सहिष्णुता व क्षमा का पाठ पढ़ाने आई है। प्रभु पार्श्वनाथ के जीवन अनेक प्रतिकूलता आई, परंतु उन्होंने समता व क्षमा के द्वारा विजय प्राप्त की। उन्होंने जीवन का नवनिर्माण करते हुए निर्वाण पद की प्राप्ति की तथा अष्टकर्मों का नाशकर उन्होंने अनंत गुणों का खजाना प्राप्त किया।
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मौके पर मंदिरों में धार्मिक विधान संगीतमयी भक्ति के साथ आयोजित किए गए। सांस्कृतिक कार्यक्रम व धर्म चर्चा कार्यक्रम आयोजित हुए। सिद्धार्थ, प्रदीप टीकरी, सुशील, रवि, अशोक शास्त्री, तुषांग, राजेंद्र दादरी, संजय महलका, रामकुमार, राकेश अंबर, जयभगवान, धनेंद्र सर्राफ, राकेश बजाज, सुनील ठेकेदार, योगेश सर्राफ, अरुण औषधि, मुकेश, नीरज प्रवक्ता, कविता, डॉ. क्षितिज, सपना, प्रीति, अलका, ललिता, दीपक भैंसी, अंजू, पिंकी, मृदुला, पूजा, डा. आशा, श्रीपाल, बीना, अकलंक प्रमोद आदि उपस्थित रहे।
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