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112 समूहों को स्कूली बच्चों की यूनिफार्म वितरण का जिम्मा
Updated Wed, 27 Jun 2018 12:49 AM IST
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करीब 1100 महिलाओं को मिलेगा रोजगार
चरथावल। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को निशुल्क यूनिफार्म वितरण योजना में तब्दीली की गई है। पहली मर्तबा ब्लॉक कार्यालय में महिलाओं पंजीकृत 112 स्वयं सहायता समूह ड्रेस तैयार कर संबंधित स्कूलों में बांटने की जिम्मेदारी ब्लॉक स्तर पर दी गई है। समूह से जुड़ीं ग्रामीण परिवेश की महिलाओं को रोजगार मिला है। स्कूलों में ग्रीष्मकालीन छुट्टी के बावजूद बच्चों को घर से बुलवाकर उनकी ड्रेस का साइज लेना शुरू कर दिया है।
जिलाधिकारी राजीव शर्मा के निर्देश के बाद ब्लॉक के 137 विद्यालयों के शिक्षकों से कई वर्षों बाद ड्रेस खरीदने का अधिकार छीन गया है। 131 परिषदीय विद्यालयों के अलावा सात सहायता प्राप्त प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की सूची बीडीओ को भेजी गई है। प्राथमिक विद्यालयों में 5333 बालिका एवं 4941 बालक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1712 बालिका और 1593 बालकों को शासन द्वारा दो-दो निशुल्क ड्रेस मिलेगी। दोनों ड्रेस के लिए 400 रुपये निर्गत किए जाने हैं। ब्लॉक से चयनित समूहों को ड्रेस के कार्य आदेश के साथ 100 रुपये एडवांस दिए गए हैं। समूहों के चयन से पूर्व जिले पर गठित टीम द्वारा उन्हें गुणवत्ता बरतने की हिदायत दी गई। ड्रेस के लिए जिले स्तर पर ड्रेस के कपड़े का नमूना दिया गया है। ब्लॉक में चयनित समूहों से जुड़ी जरूरतमंद महिलाओं को स्कूलों का आवंटन कर दिया गया है। महिलाओं ने छुट्टी के बावजूद बच्चों को स्कूल बुलाकर उनकी नाप लेनी शुरू कर दी। अभिभावक सुशील कुमार, रामभूल सिंह, भाजपा नेता मनीष गर्ग कहते हैं कि इस प्रक्रिया से महिलाओं को रोजग़ार, कमीशनबाजी पर अंकुश और ड्रेस वितरण में पारदर्शिता रहेगी। उधर, बीडीओ डॉक्टर साजिद अहमद ने स्कूलों में नियत समय पर ड्रेस बितरण की नई व्यवस्था के लिए मंगलवार को रणनीति बनाई।
रोजगार के लिए निशुल्क प्रशिक्षण
स्कूलों में बच्चों को ड्रेस वितरण का कार्य मिलने के बाद 112 समूहों की करीब 1100 महिलाएं लाभान्वित होंगी। एक समूह में कम से कम 10 महिलाओं को जोड़ा गया है। उन्हें रोजगार के लिए निशुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था है। रामकली, कमलेश, दीपा बताती है ड्रेस बनाने कर काम मे उन्हें प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा। इसके अलावा गांव में पशुपालन, आचार बनाने आदि की ट्रेनिंग दी गई है। बीडीओ ने बताया सरकार से समूह गठन के लिए 15 हजार रुपये कार्यशील पूंजी के लिए देने का प्रावधान है।
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चरथावल। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को निशुल्क यूनिफार्म वितरण योजना में तब्दीली की गई है। पहली मर्तबा ब्लॉक कार्यालय में महिलाओं पंजीकृत 112 स्वयं सहायता समूह ड्रेस तैयार कर संबंधित स्कूलों में बांटने की जिम्मेदारी ब्लॉक स्तर पर दी गई है। समूह से जुड़ीं ग्रामीण परिवेश की महिलाओं को रोजगार मिला है। स्कूलों में ग्रीष्मकालीन छुट्टी के बावजूद बच्चों को घर से बुलवाकर उनकी ड्रेस का साइज लेना शुरू कर दिया है।
जिलाधिकारी राजीव शर्मा के निर्देश के बाद ब्लॉक के 137 विद्यालयों के शिक्षकों से कई वर्षों बाद ड्रेस खरीदने का अधिकार छीन गया है। 131 परिषदीय विद्यालयों के अलावा सात सहायता प्राप्त प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की सूची बीडीओ को भेजी गई है। प्राथमिक विद्यालयों में 5333 बालिका एवं 4941 बालक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1712 बालिका और 1593 बालकों को शासन द्वारा दो-दो निशुल्क ड्रेस मिलेगी। दोनों ड्रेस के लिए 400 रुपये निर्गत किए जाने हैं। ब्लॉक से चयनित समूहों को ड्रेस के कार्य आदेश के साथ 100 रुपये एडवांस दिए गए हैं। समूहों के चयन से पूर्व जिले पर गठित टीम द्वारा उन्हें गुणवत्ता बरतने की हिदायत दी गई। ड्रेस के लिए जिले स्तर पर ड्रेस के कपड़े का नमूना दिया गया है। ब्लॉक में चयनित समूहों से जुड़ी जरूरतमंद महिलाओं को स्कूलों का आवंटन कर दिया गया है। महिलाओं ने छुट्टी के बावजूद बच्चों को स्कूल बुलाकर उनकी नाप लेनी शुरू कर दी। अभिभावक सुशील कुमार, रामभूल सिंह, भाजपा नेता मनीष गर्ग कहते हैं कि इस प्रक्रिया से महिलाओं को रोजग़ार, कमीशनबाजी पर अंकुश और ड्रेस वितरण में पारदर्शिता रहेगी। उधर, बीडीओ डॉक्टर साजिद अहमद ने स्कूलों में नियत समय पर ड्रेस बितरण की नई व्यवस्था के लिए मंगलवार को रणनीति बनाई।
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रोजगार के लिए निशुल्क प्रशिक्षण
स्कूलों में बच्चों को ड्रेस वितरण का कार्य मिलने के बाद 112 समूहों की करीब 1100 महिलाएं लाभान्वित होंगी। एक समूह में कम से कम 10 महिलाओं को जोड़ा गया है। उन्हें रोजगार के लिए निशुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था है। रामकली, कमलेश, दीपा बताती है ड्रेस बनाने कर काम मे उन्हें प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा। इसके अलावा गांव में पशुपालन, आचार बनाने आदि की ट्रेनिंग दी गई है। बीडीओ ने बताया सरकार से समूह गठन के लिए 15 हजार रुपये कार्यशील पूंजी के लिए देने का प्रावधान है।
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