{"_id":"5ae36e274f1c1b05418b6cfd","slug":"101524854311-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शादी अनुदान योजना में भौतिक सत्यापन किए ही दर्शाया अपात्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शादी अनुदान योजना में भौतिक सत्यापन किए ही दर्शाया अपात्र
Updated Sat, 28 Apr 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर। शादी अनुदान योजना में लापरवाही उजागर हुई है। जांच अधिकारी बिना भौतिक सत्यापन किए आवेदनकर्ता को अपात्र दर्शाकर जिला समाज कल्याण विभाग में रिपोर्ट भेज रहे हैं। मोहल्ला रैदासपुरी का एक ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है। जांच टीम ने बिना भौतिक सत्यापन किए आवेदनकर्ता को अपात्र दर्शा दिया है। इसका कारण अधूरे दस्तावेज बताया गया है। जबकि आवेदनकर्ता ने पूरे दस्तावेज एसडीएम सदर के आफिस में जमा किए हैं।
मोहल्ला रैदासपुरी के अमित कुमार ने बेटी के विवाह के लिए शादी अनुदान योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन किया था। उसने 12 मार्च को एसडीएम सदर के आफिस में सभी दस्तावेज जमा करा दिए। जांच अधिकारी ने बिना मौके पर गए उसे अपात्र दर्शा दिया। उन्होंने इसका कारण अधूरे दस्तावेज बताकर अपनी रिपोर्ट जिला समाज कल्याण अधिकारी को भेज दी। जबकि नियम है कि किसी भी आवेदन की जांच करने के लिए जांच अधिकारी को मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करना पड़ता है। इस प्रकरण में जांच अधिकारी ने मौके पर जाकर कोई भौतिक सत्यापन नहीं किया, वहीं ऑनलाइन आवेदन में अंकित मोबाइल नंबर पर भी आवेदनकर्ता से संपर्क नहीं किया गया। जिला समाज कल्याण अधिकारी मोहम्मद कासिम का कहना है कि अधूरे दस्तावेज कारण बताकर अपात्र दर्शाना गलत है। यदि आवेदनकर्ता ने दस्तावेज पूरे जमा नहीं किये तो जांच अधिकारी को उससे संपर्क कर दस्तावेज पूरे कराकर रिपोर्ट भेजनी चाहिए थी। इस संबंध एसडीएम सदर को पत्र लिखा जायेगा और दोबारा से जांच करायी जाएगी।
विज्ञापन
मोहल्ला रैदासपुरी के अमित कुमार ने बेटी के विवाह के लिए शादी अनुदान योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन किया था। उसने 12 मार्च को एसडीएम सदर के आफिस में सभी दस्तावेज जमा करा दिए। जांच अधिकारी ने बिना मौके पर गए उसे अपात्र दर्शा दिया। उन्होंने इसका कारण अधूरे दस्तावेज बताकर अपनी रिपोर्ट जिला समाज कल्याण अधिकारी को भेज दी। जबकि नियम है कि किसी भी आवेदन की जांच करने के लिए जांच अधिकारी को मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करना पड़ता है। इस प्रकरण में जांच अधिकारी ने मौके पर जाकर कोई भौतिक सत्यापन नहीं किया, वहीं ऑनलाइन आवेदन में अंकित मोबाइल नंबर पर भी आवेदनकर्ता से संपर्क नहीं किया गया। जिला समाज कल्याण अधिकारी मोहम्मद कासिम का कहना है कि अधूरे दस्तावेज कारण बताकर अपात्र दर्शाना गलत है। यदि आवेदनकर्ता ने दस्तावेज पूरे जमा नहीं किये तो जांच अधिकारी को उससे संपर्क कर दस्तावेज पूरे कराकर रिपोर्ट भेजनी चाहिए थी। इस संबंध एसडीएम सदर को पत्र लिखा जायेगा और दोबारा से जांच करायी जाएगी।
विज्ञापन