फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   काली-हिंडन से फैल रही बीमारियों की होगी जांच

काली-हिंडन से फैल रही बीमारियों की होगी जांच

Sat, 07 Apr 2018 12:12 AM IST
Updated Sat, 07 Apr 2018 12:12 AM IST
विज्ञापन
काली-हिंडन से फैल रही बीमारियों की होगी जांच
मुजफ्फरनगर। काली और हिंडन नदी से फैल रही बीमारियों की स्वास्थ्य विभाग जांच करेगा। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पानी की जांच खुद करने तथा बीमारियों की पड़ताल के लिए सीएमओ को पत्र लिखा है। पूरे मामले में अब स्थिति केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी सक्रिय हो गया है। नदियों के दूषित जल के कारण गांवों में जिंदगी प्रभावित हो गई है। कैंसर, दिमागी बुखार के साथ एलर्जी आदि बीमारियां पनप रही हैं।
विज्ञापन

क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का इंडस्ट्रियों की जांच करने के साथ ईटीपी प्लांट की पड़ताल का कार्य पकड़ में आ गया है। अमेरिका की वॉटर कलेक्टिव संस्था के विशेषज्ञ थॉमसेन और सोरेन ने जांच की थी, जिसमें काली नदी में पानी के बजाए केमिकल अधिक बहता मिला था। विशेषज्ञों ने माना है कि यह केमिकल युक्त पानी भू-गर्भ के साथ भूजल को भी प्रभावित कर रहा है। इससे बीमारियां अधिक बढऩे का खतरा है। मामले को लेकर नीर फाउंडेशन के अध्यक्ष रमनकांत त्यागी ने निर्मल हिंडन कार्यक्रम के अध्यक्ष मंडलायुक्त प्रभात कुमार को पूरी रिपोर्ट सौंपी थी।
विज्ञापन

काली और हिंडन नदी के कारण जनपद में करीब 150 गांव प्रभावित है। यहां पीने लायक पानी नहीं बचा है, जबकि कैंसर, फेफड़ों, स्कीन, एलर्जी, आंखों के साथ पेट में इंफेक्शन आदि गंभीर बीमारियां अधिक पनप रही है। जिसके चलते ग्रामीण बेहाल है। काली नदी से करीब 32 किमी तक क्षेत्र प्रभावित है। जो नदी से करीब 5 से 6 किलोमीटर की दूरी पर बसे गांव है, वह अधिक प्रभावित हो गए हैं। इसको लेकर अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की नींद टूट गई है। नदियों के पानी के साथ इंडस्ट्रियों की दोबारा जांच होगी। साथ ही गांवों में पनप रही बीमारियों की जांच के लिए सीएमओ को पत्र लिखा गया है। स्वास्थ्य विभाग गांवों में फैल रही बीमारियों, पीड़ित लोगों की जांच कर रिपोर्ट देगा। जबकि पानी की जांच खुद प्रदूषण बोर्ड करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से उठाया मुद्दा
मुजफ्फरनगर। नदियों के कारण नासूर बनी ग्रामीणों की जिंदगी, भूजल-भूगर्भ प्रभावित होने के मुद्दे को अमर उजाला ने लगातार प्रमुखता से उठाया है। 31 मार्च के अंक में ‘अमर उजाला’ ने नदियों में बह रहा केमिकल, मेहमान हैरान नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई। जिसमें नदियों में पाया गया केमिकलयुक्त दूषित तथा 01 अप्रैल के अंक में देहरादून में होगी काली और हिंडन के पानी की जांच को प्रमुखता उजागर कर ग्रामीणों की परेशानियों को बयां किया गया।

काली नदी और हिंडन के पानी की जांच शुरू कर दी गई है। इसके लिए कार्य किया जा रहा है। हालांकि बीमारियों की जांच-पड़ताल के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा गया है। जो ग्रामीणों में होने वाली बीमारियों के बारे में जांच कर रिपोर्ट देगा। - विपुल कुमार, अवर अभियंता, आरपीसीबी मुजफ्फरनगर।


अभी छुट्टी चल रहा हूं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कोई पत्र भेजा है तो इसका अवलोकन किया जाएगा। उसके बाद ही विभाग से जो सहयोग मांगा गया है, वह पूर्ण रुप से दिया जाएगा। प्रदूषण बोर्ड की मांग पर नदियों से प्रभावित गांवों में जांच कराने में विभाग को आपत्ति नहीं है।
डॉ पीएस मिश्रा, सीएमओ, मुजफ्फरनगर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed