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पाखंड और कुरीतियों के खिलाफ चेतना जगाएं
Updated Tue, 06 Feb 2018 12:17 AM IST
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पाखंड और कुरीतियों के खिलाफ चेतना जगाएं
तितावी। गुरुकुल आर्यावर्त बुड़ीना कलां में वैदिक प्रचार संगठन की वार्षिक यज्ञ सभा में पाखंड और अंधविश्वास के खिलाफ जन जागरूकता का संकल्प लिया गया। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि युवा सत्यार्थ प्रकाश पढ़ें, जीवन में सत्य का ज्ञान होगा।
गांव बुड़ीना कलां स्थित गुरुकुल आर्यावर्त में आयोजित यज्ञ में वेद मंत्रों के साथ आहुतियां दी गईं। पुरोहित अजब सिंह शास्त्री और यज्ञमान मुनेश कुमार सपत्नीक रहे। मुख्य अतिथि आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि गुरुकुल वैदिक संस्कृति की प्रेरणा का आधार है। युवा पीढ़ी देश की भविष्य निर्माता है। संस्कारित, गुणवान बच्चे परिवार, समाज और राष्ट्र का अमूल्य धन हैं। अभिभावक और शिक्षक बच्चों को चरित्रवान एवं देशभक्त बनाएं। पुत्र-पुत्रियों के चरित्र से राष्ट्र का चरित्र निर्धारित होता है। मेरठ से पधारे वानप्रस्थी आर्य मुनि ने कहा कि महर्षि दयानंद ने वेदों के ज्ञान से भारत का नवनिर्माण किया। आर्य समाज का उद्देश्य आत्मिक, शारीरिक और सामाजिक उन्नति करना है। गुरुकुल संचालक श्रवण कुमार आर्य ने कहा कि शिक्षकों का जीवन मर्यादित, सत्य, पवित्र एवं आदर्श होगा, तभी बच्चे प्रेरित होंगे। सच्चा गुरु वही है जो सदाचारी और ज्ञानवान है। गुरुकुल विद्यार्थियों ने योगाभ्यास प्रदर्शन किया। इस मौके पर अनिल आर्य, धीरज लाटियान, सत्यमुनि, यज्ञमुनि, राजबीर आर्य, संसार सिंह आर्य, मास्टर धनप्रकाश आर्य, किरण मुनि, देवपाल आर्य ने विचार रखे। अभिषेक आर्य, रविंद्र आर्य ने भजन प्रस्तुत किए। संचालन सत्यमुनि आर्य ने किया।
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तितावी। गुरुकुल आर्यावर्त बुड़ीना कलां में वैदिक प्रचार संगठन की वार्षिक यज्ञ सभा में पाखंड और अंधविश्वास के खिलाफ जन जागरूकता का संकल्प लिया गया। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि युवा सत्यार्थ प्रकाश पढ़ें, जीवन में सत्य का ज्ञान होगा।
गांव बुड़ीना कलां स्थित गुरुकुल आर्यावर्त में आयोजित यज्ञ में वेद मंत्रों के साथ आहुतियां दी गईं। पुरोहित अजब सिंह शास्त्री और यज्ञमान मुनेश कुमार सपत्नीक रहे। मुख्य अतिथि आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि गुरुकुल वैदिक संस्कृति की प्रेरणा का आधार है। युवा पीढ़ी देश की भविष्य निर्माता है। संस्कारित, गुणवान बच्चे परिवार, समाज और राष्ट्र का अमूल्य धन हैं। अभिभावक और शिक्षक बच्चों को चरित्रवान एवं देशभक्त बनाएं। पुत्र-पुत्रियों के चरित्र से राष्ट्र का चरित्र निर्धारित होता है। मेरठ से पधारे वानप्रस्थी आर्य मुनि ने कहा कि महर्षि दयानंद ने वेदों के ज्ञान से भारत का नवनिर्माण किया। आर्य समाज का उद्देश्य आत्मिक, शारीरिक और सामाजिक उन्नति करना है। गुरुकुल संचालक श्रवण कुमार आर्य ने कहा कि शिक्षकों का जीवन मर्यादित, सत्य, पवित्र एवं आदर्श होगा, तभी बच्चे प्रेरित होंगे। सच्चा गुरु वही है जो सदाचारी और ज्ञानवान है। गुरुकुल विद्यार्थियों ने योगाभ्यास प्रदर्शन किया। इस मौके पर अनिल आर्य, धीरज लाटियान, सत्यमुनि, यज्ञमुनि, राजबीर आर्य, संसार सिंह आर्य, मास्टर धनप्रकाश आर्य, किरण मुनि, देवपाल आर्य ने विचार रखे। अभिषेक आर्य, रविंद्र आर्य ने भजन प्रस्तुत किए। संचालन सत्यमुनि आर्य ने किया।
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