{"_id":"5a5fa0124f1c1b86268b4ef6","slug":"101516216338-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वैदिक संस्कृति की उपेक्षा से बढ़ा अंधविश्वास, पाखंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वैदिक संस्कृति की उपेक्षा से बढ़ा अंधविश्वास, पाखंड
Updated Thu, 18 Jan 2018 12:59 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वैदिक संस्कृति की उपेक्षा से बढ़ा अंधविश्वास
मुजफ्फरनगर। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि वैदिक संस्कृति की उपेक्षा से ही समाज में अंधविश्वास, पाखंड और बुराइयां बढ़ी है। मानवता, सत्य और न्याय से ही राष्ट्र की एकता तथा सौहार्द कायम रहेगा।
संतोष विहार स्थित वैदिक संस्कार चेतना केंद्र पर आयोजित वेद गोष्ठी में सहारनपुर से आए आर्य भजनोपदेशक ऋषिपाल पथिक का अभिनंदन किया गया। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने उन्हें अंगवस्त्र एवं सम्मान राशि भेंट की। साथ ही कहा कि वेदों के प्रचार-प्रसार में जुटे विद्वानों का समाज और देश ऋणी है। महर्षि दयानंद ने वैदिक जागरण से भारत की रक्षा की। युवा सत्यार्थ प्रकाश पढ़े। नैतिक मूल्यों और चरित्र निर्माण की शिक्षा ग्रहण करें। वेदानुकूल आचरण से समाज में सत्य, न्याय, ज्ञान, आदर्श कायम होगी। जातिवाद से देश का भला नहीं होगा। मानवता ही धर्म है। भजनोपदेशक ऋषिपाल पथिक ने कहा कि बुराइयों के उन्मूलन के लिए आर्य समाज की गांव-गांव में ज्योति जगाई जाए। भाजपा के क्षेत्रीय सचिव ओपी पांचाल ने कहा कि जीवन निर्माण के लिए बच्चे वैदिक ज्ञान से जुड़े। महान संत विभूति स्वामी भीष्म घरौंडा का भावपूर्ण स्मरण किया गया। मांगेराम आर्य, विजेंद्र विश्वकर्मा, नरेश पांचाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि वैदिक संस्कृति की उपेक्षा से ही समाज में अंधविश्वास, पाखंड और बुराइयां बढ़ी है। मानवता, सत्य और न्याय से ही राष्ट्र की एकता तथा सौहार्द कायम रहेगा।
संतोष विहार स्थित वैदिक संस्कार चेतना केंद्र पर आयोजित वेद गोष्ठी में सहारनपुर से आए आर्य भजनोपदेशक ऋषिपाल पथिक का अभिनंदन किया गया। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने उन्हें अंगवस्त्र एवं सम्मान राशि भेंट की। साथ ही कहा कि वेदों के प्रचार-प्रसार में जुटे विद्वानों का समाज और देश ऋणी है। महर्षि दयानंद ने वैदिक जागरण से भारत की रक्षा की। युवा सत्यार्थ प्रकाश पढ़े। नैतिक मूल्यों और चरित्र निर्माण की शिक्षा ग्रहण करें। वेदानुकूल आचरण से समाज में सत्य, न्याय, ज्ञान, आदर्श कायम होगी। जातिवाद से देश का भला नहीं होगा। मानवता ही धर्म है। भजनोपदेशक ऋषिपाल पथिक ने कहा कि बुराइयों के उन्मूलन के लिए आर्य समाज की गांव-गांव में ज्योति जगाई जाए। भाजपा के क्षेत्रीय सचिव ओपी पांचाल ने कहा कि जीवन निर्माण के लिए बच्चे वैदिक ज्ञान से जुड़े। महान संत विभूति स्वामी भीष्म घरौंडा का भावपूर्ण स्मरण किया गया। मांगेराम आर्य, विजेंद्र विश्वकर्मा, नरेश पांचाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन