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हिंदू-मुस्लिम भाईचारे का प्रयास
Updated Sun, 31 Dec 2017 11:54 PM IST
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हिंदू-मुस्लिमों के बीच सौहार्द बढ़ाने की कोशिश
मुजफ्फरनगर। जिले में दंगे के बाद बिगड़े भाईचारे को फिर से पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि दिलों के बीच बढ़ी दूरियों को कम करके आगे बढ़ा जा सकता है। विश्वास कायम होने के साथ ही दोनों समुदायों के लोग आगे बढ़ने जरूरत है। इसके लिए नदी घाट के एक बैंकट हॉल में रविवार को बैठक का आयोजन किया गया। दोनों पक्षों के लोग इस बैठक में मौजूद रहे।
राष्ट्रीय जाट संरक्षण समिति के अध्यक्ष विपिन सिंह बालियान की ओर से आयोजित बैठक में दोनों पक्षों ने अपने विचार रखे। मांगेराम की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रस्ताव हुआ कि दंगा प्रभावित लोगों और मुकदमों के वादी और आरोपियों से बात करने के लिए एक समिति का गठन किया जाए। समिति में जिले और क्षेत्र के जिम्मेदार लोगों को रखा जाए। नाम 2013 दंगा समझौता समिति रखा गया। विपिन बालियान को संयोजक बनाया गया। समिति में पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, पूर्व सांसद अमीर आलम खां, पूर्व सांसद कादिर राणा, भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत, गुलाम मुहम्मद, बाबा सूरजमल, बाबा श्याम सिंह, मांगेराम, सौदान सिंह, संजय सिंह, नवाजिश आलम पूर्व विधायक, विधायक नाहिद हसन, ओमवीर प्रधान, मुहम्मद जकी, यशपाल प्रधान, राशिद अजीम, धर्मेंद्र मलिक, अतहर खां, मुरसलीन, सुधीर प्रधान, कृष्णपाल तोमर, बाबा हरिकिशन, रविंद्र थांबेदार, वीरसैन, विरेंद्र सिंह, शीषचरण, प्रेम, भूपेंद्र सिंह, सईदुज्जमा खामपुर शामिल किए गए। संचालन राशिद अजीम ने कया।
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मुजफ्फरनगर। जिले में दंगे के बाद बिगड़े भाईचारे को फिर से पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि दिलों के बीच बढ़ी दूरियों को कम करके आगे बढ़ा जा सकता है। विश्वास कायम होने के साथ ही दोनों समुदायों के लोग आगे बढ़ने जरूरत है। इसके लिए नदी घाट के एक बैंकट हॉल में रविवार को बैठक का आयोजन किया गया। दोनों पक्षों के लोग इस बैठक में मौजूद रहे।
राष्ट्रीय जाट संरक्षण समिति के अध्यक्ष विपिन सिंह बालियान की ओर से आयोजित बैठक में दोनों पक्षों ने अपने विचार रखे। मांगेराम की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रस्ताव हुआ कि दंगा प्रभावित लोगों और मुकदमों के वादी और आरोपियों से बात करने के लिए एक समिति का गठन किया जाए। समिति में जिले और क्षेत्र के जिम्मेदार लोगों को रखा जाए। नाम 2013 दंगा समझौता समिति रखा गया। विपिन बालियान को संयोजक बनाया गया। समिति में पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, पूर्व सांसद अमीर आलम खां, पूर्व सांसद कादिर राणा, भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत, गुलाम मुहम्मद, बाबा सूरजमल, बाबा श्याम सिंह, मांगेराम, सौदान सिंह, संजय सिंह, नवाजिश आलम पूर्व विधायक, विधायक नाहिद हसन, ओमवीर प्रधान, मुहम्मद जकी, यशपाल प्रधान, राशिद अजीम, धर्मेंद्र मलिक, अतहर खां, मुरसलीन, सुधीर प्रधान, कृष्णपाल तोमर, बाबा हरिकिशन, रविंद्र थांबेदार, वीरसैन, विरेंद्र सिंह, शीषचरण, प्रेम, भूपेंद्र सिंह, सईदुज्जमा खामपुर शामिल किए गए। संचालन राशिद अजीम ने कया।
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