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वेज रिवीजन नहीं होने से नाराजगी
Updated Thu, 14 Dec 2017 12:23 AM IST
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बीएसएनएल कर्मियों की हड़ताल
मुजफ्फरनगर। बीएसएनएल की सभी यूनियनों के केंद्रीय कार्यालय नई दिल्ली के आह्वान पर जिले के बीएसएनएल कर्मी हड़ताल पर रहे। दस साल से वेज रिवीजन नहीं होने से कर्मचारी नाराज हैं।
नईमंडी के मुख्य कार्यालय पर हड़ताल के साथ धरना-प्रदर्शन भी हुआ। कर्मचारी नेता ओमकार शर्मा ने कहा कि बीएसएनएल कर्मचारी लगातार वेतन पुन:निर्धारण की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों की आवाज को नहीं सुना गया। यही कारण है कि सभी संगठनों ने एक होकर लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है। दो दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन भी पूरे देश के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। यह हड़ताल मजबूरी में करनी पड़ी। योगेंद्र सिंह ने कहा कि दस साल से वेज रिवीजन नहीं किया गया। बीएसएनएल यह कहकर टाल जाता है कि वह घाटे में है, जबकि बैंकों और बीमा कर्मचारियों के साथ ऐसी कोई शर्त नहीं है। कर्मचारी नेता एनडी त्यागी ने कहा कि बीएसएनएल बोर्ड कर्मचारियों के भार को वहन करने में सक्षम है। बीएसएनएल के 66 हजार टावर की संपत्ति को सरकार दूसरी सहायक टावर कंपनी बनाकर उसे सौंप रही है। इन टावरों का लाभ अब इस कंपनी को जाएगा। बीएसएनएल को इससे नुकसान होगा। धरने को कुलश्रेष्ठ, सुरेशचंद, सुखपाल सिंह, देवेंद्र सिंह, राधेश्याम सैनी आदि ने संबोधित किया।
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मुजफ्फरनगर। बीएसएनएल की सभी यूनियनों के केंद्रीय कार्यालय नई दिल्ली के आह्वान पर जिले के बीएसएनएल कर्मी हड़ताल पर रहे। दस साल से वेज रिवीजन नहीं होने से कर्मचारी नाराज हैं।
नईमंडी के मुख्य कार्यालय पर हड़ताल के साथ धरना-प्रदर्शन भी हुआ। कर्मचारी नेता ओमकार शर्मा ने कहा कि बीएसएनएल कर्मचारी लगातार वेतन पुन:निर्धारण की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों की आवाज को नहीं सुना गया। यही कारण है कि सभी संगठनों ने एक होकर लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है। दो दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन भी पूरे देश के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। यह हड़ताल मजबूरी में करनी पड़ी। योगेंद्र सिंह ने कहा कि दस साल से वेज रिवीजन नहीं किया गया। बीएसएनएल यह कहकर टाल जाता है कि वह घाटे में है, जबकि बैंकों और बीमा कर्मचारियों के साथ ऐसी कोई शर्त नहीं है। कर्मचारी नेता एनडी त्यागी ने कहा कि बीएसएनएल बोर्ड कर्मचारियों के भार को वहन करने में सक्षम है। बीएसएनएल के 66 हजार टावर की संपत्ति को सरकार दूसरी सहायक टावर कंपनी बनाकर उसे सौंप रही है। इन टावरों का लाभ अब इस कंपनी को जाएगा। बीएसएनएल को इससे नुकसान होगा। धरने को कुलश्रेष्ठ, सुरेशचंद, सुखपाल सिंह, देवेंद्र सिंह, राधेश्याम सैनी आदि ने संबोधित किया।
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