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विजयदशमी का त्यौहार हर्षोल्लास से मनाया
Updated Thu, 28 Sep 2017 12:19 AM IST
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विजयदशमी का त्योहार हर्षोल्लास से मनाया
खतौली (मुजफ्फरनगर)।
एमएलएम एकाडेमी में बच्चों ने विजयदशमी का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने उनके अंदर की बुराइयों और कमियों को कागज पर लिखकर रावण के साथ जलाया। स्वच्छ, निर्मल और सभ्य भारत के निर्माण का संकल्प लिया।
स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में प्रबंधिका नीतू अग्रवाल ने छात्र और छात्राओं द्वारा लिखकर लाई गई अपनी कमियों व बुराइयों को पढ़ा। इसके बाद अध्यापक, अध्यापिकाओं और छात्रों ने कागज पर लिखी सभी बुराइयों को रावण का दहन किया। सभी ने संकल्प लिया कि भविष्य में इन बुराइयों को अपने अंदर नहीं आने देंगे। प्रधानाचार्य नीरज अग्रवाल ने सभी बच्चों की प्रशंसा करते कहा कि बड़े बड़े व्यक्ति भी अपनी कमियां कागज पर लिखकर नहीं दे सकते। शिशुओं ने आत्म मंथन करके अपनी कमियों और बुराइयों को कागज पर लिखकर लाए। यह उनके द्वारा किया गया साहसिक, प्रशंसनीय कार्य रहा। उन्होंने नवरात्र, विजयदशमी के महत्व को भी बताया। बच्चों ने डांडिया नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में रेश्मा, ताहिर, विनीत, पंकज, अमित, सतीश, अनोज, विशाखा, समर, सायमा, श्वेता, जौली आदि का सहयोग रहा।
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खतौली (मुजफ्फरनगर)।
एमएलएम एकाडेमी में बच्चों ने विजयदशमी का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने उनके अंदर की बुराइयों और कमियों को कागज पर लिखकर रावण के साथ जलाया। स्वच्छ, निर्मल और सभ्य भारत के निर्माण का संकल्प लिया।
स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में प्रबंधिका नीतू अग्रवाल ने छात्र और छात्राओं द्वारा लिखकर लाई गई अपनी कमियों व बुराइयों को पढ़ा। इसके बाद अध्यापक, अध्यापिकाओं और छात्रों ने कागज पर लिखी सभी बुराइयों को रावण का दहन किया। सभी ने संकल्प लिया कि भविष्य में इन बुराइयों को अपने अंदर नहीं आने देंगे। प्रधानाचार्य नीरज अग्रवाल ने सभी बच्चों की प्रशंसा करते कहा कि बड़े बड़े व्यक्ति भी अपनी कमियां कागज पर लिखकर नहीं दे सकते। शिशुओं ने आत्म मंथन करके अपनी कमियों और बुराइयों को कागज पर लिखकर लाए। यह उनके द्वारा किया गया साहसिक, प्रशंसनीय कार्य रहा। उन्होंने नवरात्र, विजयदशमी के महत्व को भी बताया। बच्चों ने डांडिया नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में रेश्मा, ताहिर, विनीत, पंकज, अमित, सतीश, अनोज, विशाखा, समर, सायमा, श्वेता, जौली आदि का सहयोग रहा।
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