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Muzaffarnagar News: अग्निवीर भर्ती के लिए 1000 युवाओं ने लगाई दौड़, 700 सफल
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मेरठ रोड पर नुमाइश मैदान में अग्निवीर अभ्यर्थी की शारीरिक जांच करते सेना के अधिकारी। स्त्रोत
मुजफ्फरनगर। अग्निवीर भर्ती के लिए पिछले 15 दिनों से युवा रोज दौड़ लगा रहे हैं। शुक्रवार को 12 जनपदों के 1000 युवाओं ने दौड़ लगाई जिनमें से 700 सफल हुए हैं। 1073 युवाओं का दौड़ के लिए पंजीकरण था। सफल युवाओं को शनिवार सुबह मेडिकल के लिए बुलाया गया है।
मेरठ रोड स्थित नुमाइश मैदान और चौधरी चरण सिंह स्पाेर्ट्स स्टेडियम में सेना की ओर से 21 अगस्त से अग्निवीर भर्ती चल रही है। शुक्रवार को क्लर्क व एसकेटी की भर्ती के लिए युवाओं ने दौड़ लगाई। दौड़ में 12 जिलों अमरोहा, बागपत, बिजनौर, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, हापुड़, रामपुर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, मेरठ के 1073 युवाओं का पंजीकरण किया गया था। इनमें से 1000 युवा भर्ती केे लिए पहुंचे और दौड़ में शामिल हुए। इनमें से 700 युवा सफल हुए। सभी को शनिवार को मेडिकल के लिए बुलाया गया है।
आज दौड़ नहीं, होंगे अन्य परीक्षण
भर्ती में 13 जनपदों के युवाओं को शामिल होने के लिए बुलावा पत्र भेजा गया था। सभी की दौड़ की प्रक्रिया शुक्रवार को पूरी हो गई है। शनिवार से मेडिकल व अन्य परीक्षण किए जाएंगे।
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यह बोले युवा
सैनिक बनने की बचपन से है इच्छा
मुजफ्फरनगर जनपद के गांव खेडा मस्तान निवासी अभिनव का कहना है कि बचपन से इच्छा थी कि वह सैनिक बने। इच्छा पूरी करने के लिए वह मेहनत करता था। अब जाकर उसे सैनिक बनने का मौका मिला है। उसे दौड़ में स्थान मिला है। भर्ती के लिए यह उसका दूसरा प्रयास है। उसे मेडिकल के लिए बुलाया गया है।
सेना से जुड़ा है पूरा परिवार
बागपत के गांव ढिकौली निवासी रमन ढाका का कहना है कि उसके पिता के बाबा मुख्तयार सिंह सेना में थे। उसके बाबा सरदार सिंह सेना में इंजीनियर थे। पिता भी फौज में थे। वह परिवार के अकेले बेटे थे इसलिए नौकरी छोड़ दी थी। उसका भाई भगत सिंह ढाका बीएसएफ में बांग्लादेश सीमा पर तैनात है। इसलिए वह भी सेना की नौकरी करना चाहता है।
मेरठ जनपद के गांव कपसाड़ निवासी विकास का कहना है कि उसके गांव के रहने वाले 1500 लोग सेना है। चार लेफ्टिनेंट, दो कैप्टन है। उसका भी शुरु से ही सेना की नौकरी करने की इच्छा है।
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मेरठ रोड स्थित नुमाइश मैदान और चौधरी चरण सिंह स्पाेर्ट्स स्टेडियम में सेना की ओर से 21 अगस्त से अग्निवीर भर्ती चल रही है। शुक्रवार को क्लर्क व एसकेटी की भर्ती के लिए युवाओं ने दौड़ लगाई। दौड़ में 12 जिलों अमरोहा, बागपत, बिजनौर, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, हापुड़, रामपुर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, मेरठ के 1073 युवाओं का पंजीकरण किया गया था। इनमें से 1000 युवा भर्ती केे लिए पहुंचे और दौड़ में शामिल हुए। इनमें से 700 युवा सफल हुए। सभी को शनिवार को मेडिकल के लिए बुलाया गया है।
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आज दौड़ नहीं, होंगे अन्य परीक्षण
भर्ती में 13 जनपदों के युवाओं को शामिल होने के लिए बुलावा पत्र भेजा गया था। सभी की दौड़ की प्रक्रिया शुक्रवार को पूरी हो गई है। शनिवार से मेडिकल व अन्य परीक्षण किए जाएंगे।
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यह बोले युवा
सैनिक बनने की बचपन से है इच्छा
मुजफ्फरनगर जनपद के गांव खेडा मस्तान निवासी अभिनव का कहना है कि बचपन से इच्छा थी कि वह सैनिक बने। इच्छा पूरी करने के लिए वह मेहनत करता था। अब जाकर उसे सैनिक बनने का मौका मिला है। उसे दौड़ में स्थान मिला है। भर्ती के लिए यह उसका दूसरा प्रयास है। उसे मेडिकल के लिए बुलाया गया है।
सेना से जुड़ा है पूरा परिवार
बागपत के गांव ढिकौली निवासी रमन ढाका का कहना है कि उसके पिता के बाबा मुख्तयार सिंह सेना में थे। उसके बाबा सरदार सिंह सेना में इंजीनियर थे। पिता भी फौज में थे। वह परिवार के अकेले बेटे थे इसलिए नौकरी छोड़ दी थी। उसका भाई भगत सिंह ढाका बीएसएफ में बांग्लादेश सीमा पर तैनात है। इसलिए वह भी सेना की नौकरी करना चाहता है।
मेरठ जनपद के गांव कपसाड़ निवासी विकास का कहना है कि उसके गांव के रहने वाले 1500 लोग सेना है। चार लेफ्टिनेंट, दो कैप्टन है। उसका भी शुरु से ही सेना की नौकरी करने की इच्छा है।

मेरठ रोड पर नुमाइश मैदान में अग्निवीर अभ्यर्थी की शारीरिक जांच करते सेना के अधिकारी। स्त्रोत