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Muzaffarnagar News: 10 बुजुर्ग रेलवे स्टेशन पर कर रहे जलसेवा, युवा भी देते हैं साथ
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मुजफ्फरनगर। भीषण गर्मी में जलसेवा कर शहर के 10 बुजुर्ग लोगों की प्यास बुझा रहे हैं और लोगों के लिए प्रेरणा भी बन गए हैं। ये बुजुर्ग सुबह आठ बजे से रेलवे स्टेशन पर जल सेवा शुरू कर देते हैं। शाम को जब रेलगाड़ियों की संख्या बढ़ती है तो बुजुर्गों का साथ देने के लिए युवा भी पहुंच जाते हैं।
भीषण गर्मी में ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्रियों के लिए शहीद भगत सिंह एकता मंच की जलसेवा जारी है। ट्रेन के डिब्बों में यात्रियों को पानी पिलाया जाता है। मंच के सदस्य यात्रियों को अपने गिलासों से पानी तो पिलाते ही हैं, यात्रियों को उनकी खाली बोतल भी ठंडे पानी से भरकर देते हैं।
जल सेवा को समर्पित अनमोल छाबड़ा बताते हैं कि 22 साल पहले उन्होंने जल सेवा शुरू की थी। अब शहर के 300 लोग जल सेवा से जुड़े हैं। लोग आते रहते हैं और जल सेवा करके चले जाते है।बुजुर्ग नरेंद्र शर्मा, मलकियत सिंह, सुंदरलाल नारंग, सतीश मलिक, सचिन मल्होत्रा, धीरज, नरेंद्र शर्मा, सतीश सुबह ही जल सेवा के लिए रेलवे स्टेशन पहुंंच जाते हैं। दोपहर बाद जब गाड़ियों की संख्या बढ़ती है तो सेवादारों की संख्या भी बढ़ जाती है। शाम के समय रोजाना युवा भी यहां जल सेवा में भाग लेने के लिए आते हैं और ट्रेन के हर डिब्बे तक पानी पहुंचा देते हैं।
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रोज छह हजार रुपये खर्च
अनमोल छाबड़ा कहते हैं कि प्रतिदिन 15 सिल्ली बर्फ की लग जाती हैं, जिसका छह हजार का खर्च है। पहले हमें चंदा एकत्र करना पड़ता था, लेकिन अब लोग खुद ही आकर दे जाते हैं। कुछ लोग एक-एक दिन अपनी तरफ से जल सेवा करा देते हैं। पानी पिलाने के इस नेक काम में हमारे पास धन की कमी नहीं आती। कुछ सरकारी कर्मचारी भी ऐसे हैं जो शाम को ड्यूटी के बाद और सुबह ऑफिस से पहले सेवा करके चले जाते हैं। सब लोग जल के लिए नि:शुल्क सेवा करते हैं।
यहां की सेवा बेमिसाल
- ट्रेन यात्री गुजरात की महिला गीता बेन का कहना था कि मुजफ्फरनगर की मुफ्त में जल सेवा लाजवाब है। बाकी सब स्टेशन पर यात्री को पानी खरीदना पड़ता है।
- दिल्ली के यात्री रामकिशन ने कहा कि गर्मी के मौसम में जल सेवा से बड़ा कोई पुण्य नहीं है। सेवा सराहनीय है।
- राजस्थान के गुलशन कहते हैं कि यहां के स्टेशन पर मिलने वाली जल सेवा पूरे देश के लिए मिसाल है। सेवा का यह भाव प्रेरणा देता है।
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भीषण गर्मी में ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्रियों के लिए शहीद भगत सिंह एकता मंच की जलसेवा जारी है। ट्रेन के डिब्बों में यात्रियों को पानी पिलाया जाता है। मंच के सदस्य यात्रियों को अपने गिलासों से पानी तो पिलाते ही हैं, यात्रियों को उनकी खाली बोतल भी ठंडे पानी से भरकर देते हैं।
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जल सेवा को समर्पित अनमोल छाबड़ा बताते हैं कि 22 साल पहले उन्होंने जल सेवा शुरू की थी। अब शहर के 300 लोग जल सेवा से जुड़े हैं। लोग आते रहते हैं और जल सेवा करके चले जाते है।बुजुर्ग नरेंद्र शर्मा, मलकियत सिंह, सुंदरलाल नारंग, सतीश मलिक, सचिन मल्होत्रा, धीरज, नरेंद्र शर्मा, सतीश सुबह ही जल सेवा के लिए रेलवे स्टेशन पहुंंच जाते हैं। दोपहर बाद जब गाड़ियों की संख्या बढ़ती है तो सेवादारों की संख्या भी बढ़ जाती है। शाम के समय रोजाना युवा भी यहां जल सेवा में भाग लेने के लिए आते हैं और ट्रेन के हर डिब्बे तक पानी पहुंचा देते हैं।
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रोज छह हजार रुपये खर्च
अनमोल छाबड़ा कहते हैं कि प्रतिदिन 15 सिल्ली बर्फ की लग जाती हैं, जिसका छह हजार का खर्च है। पहले हमें चंदा एकत्र करना पड़ता था, लेकिन अब लोग खुद ही आकर दे जाते हैं। कुछ लोग एक-एक दिन अपनी तरफ से जल सेवा करा देते हैं। पानी पिलाने के इस नेक काम में हमारे पास धन की कमी नहीं आती। कुछ सरकारी कर्मचारी भी ऐसे हैं जो शाम को ड्यूटी के बाद और सुबह ऑफिस से पहले सेवा करके चले जाते हैं। सब लोग जल के लिए नि:शुल्क सेवा करते हैं।
यहां की सेवा बेमिसाल
- ट्रेन यात्री गुजरात की महिला गीता बेन का कहना था कि मुजफ्फरनगर की मुफ्त में जल सेवा लाजवाब है। बाकी सब स्टेशन पर यात्री को पानी खरीदना पड़ता है।
- दिल्ली के यात्री रामकिशन ने कहा कि गर्मी के मौसम में जल सेवा से बड़ा कोई पुण्य नहीं है। सेवा सराहनीय है।
- राजस्थान के गुलशन कहते हैं कि यहां के स्टेशन पर मिलने वाली जल सेवा पूरे देश के लिए मिसाल है। सेवा का यह भाव प्रेरणा देता है।