{"_id":"61ddee6dcc25033c521ac1a9","slug":"youth-team-donated-blood-in-eight-years-and-connected-blood-relation-with-7000-people-city-news-mbd4157476158","type":"story","status":"publish","title_hn":"युवा टीम ने आठ वर्षों में 7000 लोगों को रक्तदान कर बनाया खून का रिश्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
युवा टीम ने आठ वर्षों में 7000 लोगों को रक्तदान कर बनाया खून का रिश्ता
विज्ञापन
मुरादाबाद। किसी जरूरतमंद की सहायता के लिए उससे रक्त संबंध का होना आवश्यक नहीं है। आवश्यकता पड़ने पर रक्तदान करके भी खून का रिश्ता बनाया जा सकता है। मुरादाबाद मंडल में सक्रिय युवा शक्ति ब्लड डोनर्स की टीम पिछले आठ वर्षों से रक्त की आवश्यकता वाले लोगों की मदद कर इसे चरितार्थ कर रही है। 2014 में अकेले व्यक्ति ने इसकी शुरूआत की थी और अब युवा टीम में 2500 से अधिक सदस्य हैं। टीम अब तक सात हजार से ज्यादा लोगों को रक्तदान कर चुकी है।
मुरादाबाद शहर में आशियाना फेस-2 निवासी सौरभ त्यागी 2014 से इस संस्था को चला रहे हैं। उनका कहना है कि अपने दोस्त की बहन को जरूरत पड़ने पर रक्त नहीं दे सके थे। ब्लड ग्रुप समान होते हुए भी बिना वजह डर के कारण उन्होंने मदद नहीं की। उस समय किसी अंजान व्यक्ति ने रक्तदान कर सहायता की थी। इस बात ने सौरभ के मन मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव डाला और उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद मौका मिलने पर उन्होंने एक गर्भवती महिला को रक्तदान किया। लोगों से सराहना और आत्मसंतुष्टि मिली तो दोस्तों के साथ मिलकर टीम बना ली। जरूरतमंदों को रक्तदान करने का यह सिलसिला चलता रहा और सोशल मीडिया के जरिये खूब प्रचार भी मिला। नतीजतन मुरादाबाद में 521, रामपुर में 488, संभल में 533, अमरोहा में 391 और बिजनौर में 500 से अधिक युवा उनकी टीम से जुड़ गए हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में, राजधानी दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ समेत दूर दराज के राज्यों से युवा व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से संस्था से जुड़े हैं। स्थिति यह है कि एक बहन को रक्त न देने का अफसोस अब सैकड़ों बहनों की दुआओं में तब्दील हो गया है। टीम में अलग अलग शहरों से मुख्यत: अंकुर सक्सेना, डॉ ऋतिक आर्य, अर्पित त्यागी, राकेश, जीतपाल यादव, विशाल शर्मा, हरिओम यादव, आशीष, दिनेश, मुदित, गजराज, रोहताश, ऋतिक, रोहित, राजेश इंसा, मधुबाला, महेंद्र सिंह गुर्जर आदि शामिल हैं।
अस्पताल से वेरिफिकेशन मिलने पर करते हैं मदद
युवाओं की यह टीम कोई भी मामला आने पर पहले अस्पताल से पुष्टि कराती है। संबंधित शहर के उस अस्पताल में किसी सदस्य को भेजकर यह कार्य हो जाता है। इसके अलावा डॉक्टर के डिमांड लेटर के आधार पर टीम के सदस्य मदद के लिए पहुंच जाते हैं। टीम के सदस्यों में पुलिस कर्मी और डॉक्टर भी शामिल हैं। टीम के कई सदस्य 100 से ज्यादा बार रक्तदान कर चुके हैं।
विज्ञापन
दोस्तों के सहयोग से लोगों को रक्तदान कर बेहद खुशी मिली है। मैं अब तक 29 बार रक्तदान कर चुका हूं। मेरे बड़े भाई अश्वनी त्यागी सीआरपीएफ में इंस्पेक्टर हैं और रक्तसेवक भी हैं। छुट्टी पर आते हैं तो वह भी रक्तसेवा करते हैं। कोई भी व्यक्ति रक्त की आवश्यकता पड़ने पर हमारी टीम को 9639696496 पर संपर्क कर सकता है।
- सौरभ त्यागी, संस्थापक युवा शक्ति ब्लड डोनर्स
युवा शक्ति ब्लड डोनर्स टीम ने कई बार हमारी सहायता की है। अप्रैल 2019 में हमारे एक कांस्टेबल साथी का एक्सीडेंट हुआ था। टीम की मदद से 17 यूनिट ब्लड की व्यवस्था हो गई। इसके बावजूद सिर में गहरी चोट होने के कारण उनकी जान नहीं बच सकी। इस घटना के बाद से मैं भी टीम के साथ जुड़ गया।
- शुभम बालियान, कांस्टेबल
मेरी बहन को डिलीवरी के समय रक्त की बहुत जरूरत थी। परिवार में किसी का ब्लड ग्रुप समान नहीं था। उस समय युवा शक्ति ब्लड डोनर्स टीम ने हमारी सहायता की। इसके बाद भी मेरे गांव की कई महिलाओं को डिलीवरी के समय रक्त देकर टीम ने उनकी जिंदगी बचाई है। टीम से प्रेरित होकर मैं भी तीन बार रक्तदान कर चुका हूं।
- जगतवीर यादव, किसान
विज्ञापन
मुरादाबाद शहर में आशियाना फेस-2 निवासी सौरभ त्यागी 2014 से इस संस्था को चला रहे हैं। उनका कहना है कि अपने दोस्त की बहन को जरूरत पड़ने पर रक्त नहीं दे सके थे। ब्लड ग्रुप समान होते हुए भी बिना वजह डर के कारण उन्होंने मदद नहीं की। उस समय किसी अंजान व्यक्ति ने रक्तदान कर सहायता की थी। इस बात ने सौरभ के मन मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव डाला और उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद मौका मिलने पर उन्होंने एक गर्भवती महिला को रक्तदान किया। लोगों से सराहना और आत्मसंतुष्टि मिली तो दोस्तों के साथ मिलकर टीम बना ली। जरूरतमंदों को रक्तदान करने का यह सिलसिला चलता रहा और सोशल मीडिया के जरिये खूब प्रचार भी मिला। नतीजतन मुरादाबाद में 521, रामपुर में 488, संभल में 533, अमरोहा में 391 और बिजनौर में 500 से अधिक युवा उनकी टीम से जुड़ गए हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में, राजधानी दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ समेत दूर दराज के राज्यों से युवा व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से संस्था से जुड़े हैं। स्थिति यह है कि एक बहन को रक्त न देने का अफसोस अब सैकड़ों बहनों की दुआओं में तब्दील हो गया है। टीम में अलग अलग शहरों से मुख्यत: अंकुर सक्सेना, डॉ ऋतिक आर्य, अर्पित त्यागी, राकेश, जीतपाल यादव, विशाल शर्मा, हरिओम यादव, आशीष, दिनेश, मुदित, गजराज, रोहताश, ऋतिक, रोहित, राजेश इंसा, मधुबाला, महेंद्र सिंह गुर्जर आदि शामिल हैं।
विज्ञापन
अस्पताल से वेरिफिकेशन मिलने पर करते हैं मदद
युवाओं की यह टीम कोई भी मामला आने पर पहले अस्पताल से पुष्टि कराती है। संबंधित शहर के उस अस्पताल में किसी सदस्य को भेजकर यह कार्य हो जाता है। इसके अलावा डॉक्टर के डिमांड लेटर के आधार पर टीम के सदस्य मदद के लिए पहुंच जाते हैं। टीम के सदस्यों में पुलिस कर्मी और डॉक्टर भी शामिल हैं। टीम के कई सदस्य 100 से ज्यादा बार रक्तदान कर चुके हैं।
विज्ञापन
दोस्तों के सहयोग से लोगों को रक्तदान कर बेहद खुशी मिली है। मैं अब तक 29 बार रक्तदान कर चुका हूं। मेरे बड़े भाई अश्वनी त्यागी सीआरपीएफ में इंस्पेक्टर हैं और रक्तसेवक भी हैं। छुट्टी पर आते हैं तो वह भी रक्तसेवा करते हैं। कोई भी व्यक्ति रक्त की आवश्यकता पड़ने पर हमारी टीम को 9639696496 पर संपर्क कर सकता है।
- सौरभ त्यागी, संस्थापक युवा शक्ति ब्लड डोनर्स
युवा शक्ति ब्लड डोनर्स टीम ने कई बार हमारी सहायता की है। अप्रैल 2019 में हमारे एक कांस्टेबल साथी का एक्सीडेंट हुआ था। टीम की मदद से 17 यूनिट ब्लड की व्यवस्था हो गई। इसके बावजूद सिर में गहरी चोट होने के कारण उनकी जान नहीं बच सकी। इस घटना के बाद से मैं भी टीम के साथ जुड़ गया।
- शुभम बालियान, कांस्टेबल
मेरी बहन को डिलीवरी के समय रक्त की बहुत जरूरत थी। परिवार में किसी का ब्लड ग्रुप समान नहीं था। उस समय युवा शक्ति ब्लड डोनर्स टीम ने हमारी सहायता की। इसके बाद भी मेरे गांव की कई महिलाओं को डिलीवरी के समय रक्त देकर टीम ने उनकी जिंदगी बचाई है। टीम से प्रेरित होकर मैं भी तीन बार रक्तदान कर चुका हूं।
- जगतवीर यादव, किसान