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प्रदेश में गवाहों को जारी होंगे यलो कार्ड 

Tue, 10 Jul 2018 02:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद Updated Tue, 10 Jul 2018 02:42 AM IST
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yellow cards will be issue in uttar pradesh for witness
COURT
प्रदेश के प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार ने सोमवार को मुरादाबाद में कहा कि प्रदेश पुलिस अपराधियों की कमर तोड़ चुकी है। खौफजदा अपराधी जमानतें तुड़वाकर खुद जेल जा रहे हैं। जरूरत अब पुलिस विवेचना में वैज्ञानिक तथ्यों को शामिल कर कोर्ट में उन्हें कड़ी दिलाने की है। अभियोजन अफसरों को इसमें भूमिका निभानी होगी। प्रमुख सचिव ने कहा कि किसी दबाव या धमकी में गवाह कोर्ट में न मुकरें इसके लिए महत्वपूर्ण गवाहों को प्रदेश में यलो कार्ड जारी किए जाएंगे। 
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पुलिस अकादमी में प्रमुख सचिव गृह ने सरकार के चुनाव घोषण पत्र के तीन महत्वपूर्ण बिंदुआें को गिनाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार नागरिकों को समय पर त्वरित और सुलभ न्याय दिलाना चाहती है। सरकार की कोशिश है कि अपराधों की जांच में वैज्ञानिक पद्धति का इस्तेमाल हो। सजा दिलाने के लिए फारेंसिक साइंस लैब स्थापित की जाएं। प्रदेश में 10 फारेंसिक लैब की स्थापना हो रही है, जल्द वह काम शुरू कर देंगी।
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उन्हाेंने कहा कि गुुंडाराज और भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकना शासन की शीर्ष प्राथमिकता है। पुलिस अपना काम कर रही है और अपराधियों में डर का माहौल है। अपराधाें में कमी आई है। उन्हाेंने कहा कि मकसद तभी पूरा होगा जब अपराधियों को मजबूत अभियोजन के जरिए कोर्ट में कड़ी सजा दिलाई जा सके। इसके लिए अभियोजन अधिकारियों के रिक्त पदों को भरा गया है। एडी, एसपीओ के पदों पर नियमों में ढिलाई देकर प्रोन्नति दी गई है। अभियोजन अधिकारियों को कंप्यूटर भी दिए गए हैं।
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हाईकोर्ट में भी उनके बैठने के लिए स्थान की व्यवस्था का प्रयास हो रहा है। प्रमुख सचिव ने कहा कि सरकार अभियोजन अधिकारियों का ध्यान रख रही है तो वह भी अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाएं। अपराधियों की जमानतें निरस्त कराई जाएं। मुकदमों के बारे में पूरा अध्ययन करके कोर्ट में जाएं और चार्जशीट दाखिल होने से पहले विवेचकों से उसमें छूटी कमियां दूर कराएं। 

प्रमुख सचिव ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि महिला अपराधों और एससी/ एसटी के मुकदमों में प्राथमिकता के आधार पर सजाएं हों। मौजूदा समय में दोनों मामलों में सजा का अनुपात कम है। गवाहों का कोर्ट में मुकर जाना इसकी बड़ी वजह है। इसलिए प्रदेश में महत्वपूर्ण गवाहाें को यलो कार्ड जारी किए जाएंगे। इस कार्ड को लेकर कोई गवाह थाने पहुंचेगा तो उसे सुरक्षा दी जाएगा। प्रशासन उसके साथ अच्छा व्यवहार करेगा। बलात्कार के मामलों में पुलिस को दो माह में विवेचना पूरी करनी होगी।
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