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Moradabad News: मंडी में जलनिकास, टूटी सड़क की समस्या से निजात को काम शुरू
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मुरादाबाद।
मंडी समिति में पिछले दो दशक से चली आ रही सड़क, बिजली और जल निकासी की समस्या के समाधान को लेकर काम शुरू हो गया है। इसके लिए मंडी समिति परिसर में दो तालाब बनाए जाने का काम शुरू कर दिया गया है। क्षतिग्रस्त सड़कों व नालियों की भी मरम्मत होगी। इससे प्रतिदिन मंडी आने वाले सैकड़ों किसान व वहां के व्यापारियों को काफी राहत मिलेगी।
चारों तरफ आबादी से घिरी मंडी समिति परिसर में पिछले दो दशक से व्यापारी व किसान जल निकास की समस्या से जूझ रहे हैं। हल्की बरसात में भी निकास अभाव में नालियों का गंदा पानी सड़कों पर आ जाता है। इससे कीचड़ व जल भराव की समस्या के चलते लोगों का पैदल चलना तक दूभर हो जाता है। पथ प्रकाश से लेकर बिजली की जर्जर लाइनों से भी आए दिन परेशानी होती रहती थी। इन समस्याओं से निजात के लिए फलमंडी समिति के पदाधिकारियों ने एक साल पहले कार्यबहिष्कार कर मंडी गेट पर आंदोलन शुरू किया था। मंडी सचिव ज्योति चौधरी द्वारा मामला शासन के संज्ञान में लाने के बाद शासन ने 4.50 करोड़ रुपये मंडी की दशा सुधारने को स्वीकृत किए थे। जिसके बाद उपनिदेशक (निर्माण) मंडी समिति मुरादाबाद मंडल महेंद्र कुमार ने इन समस्याओं के समाधान के लिए खाका तैयार कर काम शुरू कराया है।
उन्होंने बताया कि मंडी में सबसे अधिक समस्या जल निकास की है। चारों तरफ आबादी के ऊंचा होने के कारण मंडी समिति के पानी के निकास की कोई व्यवस्था नहीं है। लिहाजा मंडी में 65X35 मीटर का एक तालाब मंडी के मुख्यद्वार के दायीं तरफ स्थित खाली पड़ी भूमि पर बनाया जाएगा। जबकि पीछे दूसरा तालाब 20X6 मीटर का बनाया जाएगा। इसकी खोदाई का काम शुरू कर दिया गया है। यह तालाब पक्के बनाए जाएंगे। पूरी मंडी की क्षतिग्रस्त नालियों की डिजाइन कुछ इस तरह की जाएगी जिससे पूरी मंडी का पानी नालियों के सहारे तालाबों में पहुंचेगा। एकत्र पानी के निकास के लिए एक पंप भी स्थापित किया जाएगा।
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27 लाख रुपये की लागत से सुधरेगी प्रकाश व्यवस्था
मंडी सचिव ज्योति चौधरी ने बताया कि मंडी में लगी तीन हाईमास्क लाइटों में से दो लाइटें खराब हैं। कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट नहीं रहने पर अंधेरा रहता है। बिजली के जर्जर तारों से भी आए दिन फाल्ट की समस्या होती रहती है। मंडी के व्यापारियों की मांग पर इसे भी दुरुस्त करने का प्रस्ताव भेजा गया था। जिसके लिए 27 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। यह कार्य डीडी मंडी इलेक्टि्रकल एंड मकैनिकल के माध्यम से कराया जाएगा। बरसात से यह सभी कार्य पूर्ण हो जाएगा।
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मंडी समिति में पिछले दो दशक से चली आ रही सड़क, बिजली और जल निकासी की समस्या के समाधान को लेकर काम शुरू हो गया है। इसके लिए मंडी समिति परिसर में दो तालाब बनाए जाने का काम शुरू कर दिया गया है। क्षतिग्रस्त सड़कों व नालियों की भी मरम्मत होगी। इससे प्रतिदिन मंडी आने वाले सैकड़ों किसान व वहां के व्यापारियों को काफी राहत मिलेगी।
चारों तरफ आबादी से घिरी मंडी समिति परिसर में पिछले दो दशक से व्यापारी व किसान जल निकास की समस्या से जूझ रहे हैं। हल्की बरसात में भी निकास अभाव में नालियों का गंदा पानी सड़कों पर आ जाता है। इससे कीचड़ व जल भराव की समस्या के चलते लोगों का पैदल चलना तक दूभर हो जाता है। पथ प्रकाश से लेकर बिजली की जर्जर लाइनों से भी आए दिन परेशानी होती रहती थी। इन समस्याओं से निजात के लिए फलमंडी समिति के पदाधिकारियों ने एक साल पहले कार्यबहिष्कार कर मंडी गेट पर आंदोलन शुरू किया था। मंडी सचिव ज्योति चौधरी द्वारा मामला शासन के संज्ञान में लाने के बाद शासन ने 4.50 करोड़ रुपये मंडी की दशा सुधारने को स्वीकृत किए थे। जिसके बाद उपनिदेशक (निर्माण) मंडी समिति मुरादाबाद मंडल महेंद्र कुमार ने इन समस्याओं के समाधान के लिए खाका तैयार कर काम शुरू कराया है।
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उन्होंने बताया कि मंडी में सबसे अधिक समस्या जल निकास की है। चारों तरफ आबादी के ऊंचा होने के कारण मंडी समिति के पानी के निकास की कोई व्यवस्था नहीं है। लिहाजा मंडी में 65X35 मीटर का एक तालाब मंडी के मुख्यद्वार के दायीं तरफ स्थित खाली पड़ी भूमि पर बनाया जाएगा। जबकि पीछे दूसरा तालाब 20X6 मीटर का बनाया जाएगा। इसकी खोदाई का काम शुरू कर दिया गया है। यह तालाब पक्के बनाए जाएंगे। पूरी मंडी की क्षतिग्रस्त नालियों की डिजाइन कुछ इस तरह की जाएगी जिससे पूरी मंडी का पानी नालियों के सहारे तालाबों में पहुंचेगा। एकत्र पानी के निकास के लिए एक पंप भी स्थापित किया जाएगा।
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27 लाख रुपये की लागत से सुधरेगी प्रकाश व्यवस्था
मंडी सचिव ज्योति चौधरी ने बताया कि मंडी में लगी तीन हाईमास्क लाइटों में से दो लाइटें खराब हैं। कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट नहीं रहने पर अंधेरा रहता है। बिजली के जर्जर तारों से भी आए दिन फाल्ट की समस्या होती रहती है। मंडी के व्यापारियों की मांग पर इसे भी दुरुस्त करने का प्रस्ताव भेजा गया था। जिसके लिए 27 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। यह कार्य डीडी मंडी इलेक्टि्रकल एंड मकैनिकल के माध्यम से कराया जाएगा। बरसात से यह सभी कार्य पूर्ण हो जाएगा।