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Moradabad News: सीने में दर्द से महिला की मौत, गलत इलाज का आरोप लगाकर परिजनों ने किया हंगामा
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मुरादाबाद। भोजपुर थाना क्षेत्र के सिरसवां दोराहे पर स्थित एमआई अस्पताल में भर्ती महिला की इलाज के दौरान मौत होने पर परिजनों ने हंगामा किया। डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने और जांच रिपोर्ट परिजनों को न दिखाने का आरोप लगाया। घटना रविवार दोपहर दो बजे की है, जबकि महिला को शनिवार देर रात दो बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
मृतक महिला भगवती (67) गांव जैतपुर की रहने वाली थीं। उनके बेटे रामकिशोर ने बताया कि मां के सीने में तेज दर्द था, जिसके कारण उन्हें एमआई अस्पताल में देर रात को भर्ती कराया गया। सुबह तक उनकी हालत में सुधार था लेकिन दोपहर में एक ड्रिप लगाई गई, जिसके बाद हालत बिगड़ती चली गई। आरोप है कि देखते ही देखते महिला ने दम तोड़ दिया। परिजन दूसरे अस्पताल लेकर गए लेकिन वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव लेकर लौटे परिजनों ने एमआई अस्पताल में जमकर हंगामा किया और पुलिस बुला ली। डॉक्टरों पर आरोप लगाया कि उन्होंने ईसीजी रिपोर्ट नहीं दिखाई। मरीज की मौत के बाद परिजनों ने दबाव बनाकर रिपोर्ट मंगवाई तो पता चला कि हृदय संबंधी परेशानी होने के संकेत रिपोर्ट में हैं। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में दिल के डॉक्टर नहीं हैं, इसके बावजूद मरीज का इलाज जारी रखा। पुलिस ने परिजनों को समझाकर किसी तरह मामला शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थाना प्रभारी ने बताया कि घटना की जानकारी पर टीम गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामला सीएमओ के संज्ञान में डाला जाएगा। अस्पताल की लापरवाही मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। वहीं अस्पताल संचालक इरशाद का कहना है कि मरीज को देर रात में अस्पताल में भर्ती किया गया था। उसी समय उनके परिजनों को सारी स्थिति बता दी गई थी और दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए कहा था। परिजन मरीज को लेकर नहीं गए और इलाज जारी रखने के लिए कहा। संचालक का दावा है कि मौत उनके अस्पताल में नहीं हुई, दूसरे अस्पताल में हुई है। बाद में परिजनों ने शव लाकर अस्पताल में हंगामा किया है।
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मृतक महिला भगवती (67) गांव जैतपुर की रहने वाली थीं। उनके बेटे रामकिशोर ने बताया कि मां के सीने में तेज दर्द था, जिसके कारण उन्हें एमआई अस्पताल में देर रात को भर्ती कराया गया। सुबह तक उनकी हालत में सुधार था लेकिन दोपहर में एक ड्रिप लगाई गई, जिसके बाद हालत बिगड़ती चली गई। आरोप है कि देखते ही देखते महिला ने दम तोड़ दिया। परिजन दूसरे अस्पताल लेकर गए लेकिन वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव लेकर लौटे परिजनों ने एमआई अस्पताल में जमकर हंगामा किया और पुलिस बुला ली। डॉक्टरों पर आरोप लगाया कि उन्होंने ईसीजी रिपोर्ट नहीं दिखाई। मरीज की मौत के बाद परिजनों ने दबाव बनाकर रिपोर्ट मंगवाई तो पता चला कि हृदय संबंधी परेशानी होने के संकेत रिपोर्ट में हैं। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में दिल के डॉक्टर नहीं हैं, इसके बावजूद मरीज का इलाज जारी रखा। पुलिस ने परिजनों को समझाकर किसी तरह मामला शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थाना प्रभारी ने बताया कि घटना की जानकारी पर टीम गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामला सीएमओ के संज्ञान में डाला जाएगा। अस्पताल की लापरवाही मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। वहीं अस्पताल संचालक इरशाद का कहना है कि मरीज को देर रात में अस्पताल में भर्ती किया गया था। उसी समय उनके परिजनों को सारी स्थिति बता दी गई थी और दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए कहा था। परिजन मरीज को लेकर नहीं गए और इलाज जारी रखने के लिए कहा। संचालक का दावा है कि मौत उनके अस्पताल में नहीं हुई, दूसरे अस्पताल में हुई है। बाद में परिजनों ने शव लाकर अस्पताल में हंगामा किया है।
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