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भाइयों को मंगल तिलक कर उनकी लंबी उम्र और खुशहाली की कामना की
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मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण काल भैया दूज का पर्व पहले की तरह पूरे उत्साह और हर्षोल्लास से मनाया गया। बहन -भाइयों ने एक दूसरे के यहां जाकर ये पर्व मनाया। बहन ने भाई को मंगल तिलक कर उनकी खुशहाली की कामना की। भाइयों ने भी बहनों को रक्षा का वचन दिया।
कोरोना की वजह से दो साल से ये पर्व सादगी के साथ मनाया जा रहा था, लेकिन इस बार पहले की तरह जबर्दस्त उत्साह देखा गया। बुद्धि विहार, रामगंगा विहार, आशियाना कालोनी, मानसरोवर कालोनी सहित शहर की कई कालोनियों में महिलाओं ने मंदिर ,पार्क और एक दूसरे के घर संयुक्त रुप से बैठकर भैया दूज की कथा सुनी। कोरोना की वजह से दो साल से संयुक्त रुप से कथा नहीं सुनी जा रही थी।
कथा के बाद महिलाओं, युवतियों ने अपने भाइयों को मंगल तिलक किया और उनकी लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की कामना की। भाइयों ने भी तिलक के बाद अपने सामर्थ्य के हिसाब से बहनों को उपहार और नेग दिया।
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इस बार त्योहार को लेकर लोगों का उत्साह कितना जबर्दस्त था इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता था कि अधिकांश बसें यात्रियों से भरी हुई थी। इस बार भैया दूज से अगले दिन रविवार होने की वजह से भी नौकरी पेशा भी राहत महसूस कर रहे थे।
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कोरोना की वजह से दो साल से ये पर्व सादगी के साथ मनाया जा रहा था, लेकिन इस बार पहले की तरह जबर्दस्त उत्साह देखा गया। बुद्धि विहार, रामगंगा विहार, आशियाना कालोनी, मानसरोवर कालोनी सहित शहर की कई कालोनियों में महिलाओं ने मंदिर ,पार्क और एक दूसरे के घर संयुक्त रुप से बैठकर भैया दूज की कथा सुनी। कोरोना की वजह से दो साल से संयुक्त रुप से कथा नहीं सुनी जा रही थी।
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कथा के बाद महिलाओं, युवतियों ने अपने भाइयों को मंगल तिलक किया और उनकी लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की कामना की। भाइयों ने भी तिलक के बाद अपने सामर्थ्य के हिसाब से बहनों को उपहार और नेग दिया।
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इस बार त्योहार को लेकर लोगों का उत्साह कितना जबर्दस्त था इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता था कि अधिकांश बसें यात्रियों से भरी हुई थी। इस बार भैया दूज से अगले दिन रविवार होने की वजह से भी नौकरी पेशा भी राहत महसूस कर रहे थे।