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Who could not find such an orphaned administration whose shaकोविड में जिनके सिर से उठा साया ऐसा कोई अनाथ प्रशासन नहीं ढूंढ पाया

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 29 May 2021 02:00 AM IST
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Who could not find such an orphaned administration whose shadow lifted from the head in Kovid
मुरादाबाद। कोविड में जिन मासूमों के सिर से उनके माता-पिता का साया उठ चुका है ऐसे किसी बच्चे को प्रशासन एक माह बाद भी नहीं ढूंढ पाया है। 12 बच्चों की जानकारी प्रशासन को मिली है। ये जानकारी भी बच्चों के परिजनों ने खुद चाइल्ड हेल्प लाइन पर उपलब्ध कराई है जिसके आधार पर प्रशासन ने अपना रिकॉर्ड बना लिया है। अपने स्तर से खंड विकास अधिकारी, कोविड कमांड सेंटर या सीएमओ ने कोई सूचना अब तक उपलब्ध नहीं कराई है।
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कोरोना के कहर ने कई बच्चों के सिर से माता-पिता का साया छीन लिया। इन अनाथों का नाथ बनने घोषणा योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने की थी। एक माह पहले रूपरेखा तैयार की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए। अपने स्तर से बच्चों की जानकारी प्रशासन को देने के लिए सरकार के स्तर से विज्ञापन भी किए गए। जल्द ही मुख्यमंत्री ऐसे बच्चों और युवाओं के लिए सहायता योजना की घोषणा भी करने वाले हैं। राज्य बाल संरक्षण आयोग के पास ऐसे करीब आठ सौ बच्चों की जानकारी भी है। लेकिन मुरादाबाद जनपद से अधिकारियों के स्तर से एक बच्चा भी तलाशा नहीं जा सका। धरातलीय स्तर पर उनका काम सिफर है। जबकि करीब 12 बच्चों के परिजनों ने उनके अनाथ होने की जानकारी प्रशासन को अपने स्तर पर उपलब्ध करा दी है। उसके आधार पर प्रशासन ने अपना रिकॉर्ड जरूर बना लिया है। लेकिन उनका भी सत्यापन अभी प्रशासन के स्तर से नहीं हुआ है।
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निगरानी समितियों को एकत्र करनी है बच्चों की जानकारी
ऐसे बच्चों का डेटा एकत्र करने में मोहल्ला निगरानी समिति या ग्राम निगरानी समितियों की मदद ली जानी है। साथ ही आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को भी सहयोग करना है। चाइल्ड लाइन बच्चों को चिह्नित कर उनकी जानकारी जिला प्रोबेशन अधिकारी को देनी है।
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आवास और पठन-पाठन की दी जाएगी सुविधा
समेकित बाल संरक्षण योजना के तहत प्रतिमाह दो हजार रुपये आर्थिक सहायता व शिक्षा-दीक्षा के लिए दी जाएगी। यदि बच्चे को रहने की जगह की आवश्यकता है तो शेल्टर होम या राजकीय बाल आश्रय गृह में निशुल्क आवास मिलेगा। इसके अलावा सरकार की तरफ से अनाथ हुए युवा बच्चों को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़े जाने का प्रयास किया जाएगा। ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
करीब एक माह पहले विभागों द्वारा बच्चों के चिह्निकरण के लिए जिलाधिकारी के माध्यम से पत्राचार किया गया था। खंड विकास अधिकारी और सीएमओ के माध्यम से अभी सूचना नहीं आ पाई है। 12 बच्चों के परिजनों ने 1098 पर फोन कर खुद सूचना दी है। विभाग प्रचार-प्रसार कर रहा है ताकि कोई भी व्यक्ति चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 या महिला हेल्प लाइन 181 पर जरूरतमंद बच्चों की सूचना दे सके। इन 12 बच्चों का विभागीय स्तर और तहसीलदार के माध्यम से सत्यापन शुरू हो गया है।
- राजेश गुप्ता, जिला प्रोबेशन अधिकारी
- मुरादाबाद के जिला प्रोबेशन अधिकारी कोरोना संक्रमित थे। बिजनौर, अमरोहा, संभल, रामपुर की रिपोर्ट आने लगी है। बाल कल्याण समिति और चाइल्ड लाइन बच्चों के पास जा रही है। हम भी संज्ञान ले रहे हैं। महिला बाल विकास विभाग में योजना तैयार हो गई है, एक दो दिन में मुख्यमंत्री घोषणा करेंगे। प्रदेश में ऐसे आठ सौ बच्चे हैं, जिसमें से दो सौ बच्चे माता-पिता दोनों को खो चुके हैं और करीब छह सौ बच्चे एकल अभिभावक वाले हैं। जो डेटा मिल रहा है, वह संभावित है। हम इन बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के प्रति चिंतित हैं। इसलिए अतिरिक्त सतर्कता से कार्य किया जा रहा है। हर बच्चे की पुष्टि कर उसे संरक्षण दिया जाएगा।

- डॉ. विशेष गुप्ता, अध्यक्ष, राज्य बाल संरक्षण आयोग
अमर उजाला अपनत्व अभियान
कोरोना महामारी के दौरान जिले में ऐसे अनेक बच्चे हैं जिनके सिर से माता या पिता या दोनों का साया उठ चुका है। प्रदेश सरकार ऐसे बच्चों के प्रति संवेदनशील दिखाई दे रही है। उनके संरक्षण और पालन-पोषण की जिम्मेदारी लेने की घोषणा प्रदेश सरकार की ओर से की गई है। लेकिन अब तक जिले में ऐसे कुछ ही बच्चे प्रशासन की जानकारी में आए हैं। अमर उजाला ऐसे बच्चों की पहचान का अभियान शुरू कर रहा है। हम सरकार और ऐसे जरूरतमंद बच्चों के बीच सेतु का काम करके उन्हें मदद दिलवाने का प्रयास करेंगे। यदि आपके पास-पड़ोस, रिश्तेदारी या जानकारी में ऐसे बच्चे हों तो उसकी जानकारी हमें नीचे लिखे नंबर पर व्हॉट्सएप करें या ईमेल करें। संभव हो तो उनकी फोटो भी उपलब्ध कराएं।
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