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कौन-कौन वर्दीधारी हैं छेड़खानी से तंग आकर आत्महत्या करने वाली छात्रा के गुनहगार...
Wed, 22 Mar 2023 02:20 PM IST
ranjeett ranjeett
अमर उजाला ब्यूरो मुरादाबाद
अमर उजाला ब्यूरो मुरादाबाद
Published by: ranjeett ranjeett
Updated Wed, 22 Mar 2023 02:20 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
कुंदरकी (मुरादाबाद)। बारहवीं की छात्रा की आत्महत्या के मामले में पुलिस की भूमिका की जांच संभल के एएसपी श्रीशचंद्र को सौंपी गई है। जांच में सामने आएगा कि कौन-कौन वर्दीधारी बिटिया के गुनहगार हैं। डीआईजी शलभ माथुर के आदेश पर एएसपी मंगलवार को बिटिया के गांव पहुंचे लेकिन उस वक्त परिवार के अधिकांश लोग बाहर गए थे। जिस कारण बयान दर्ज नहीं हो पाए। बुधवार को दोबारा एएसपी जांच करने जाएंगे।
कुंदरकी के एक गांव निवासी 17 वर्षीय छात्रा ने दो पेज का सुसाइड नोट लिखकर जहर खा लिया था। सोमवार को उपचार के दौरान छात्रा की मौत हो गई थी। छात्रा के पिता ने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी के साथ छेड़खानी की घटना हुई थी।
दरोगा सचिन मलिक और थाना प्रभारी ललित चौधरी ने आरोपी के खिलाफ केवल शांति भंग में कार्रवाई की थी। इसके बाद आरोपी ने छात्रा को फिर से परेशान करना शुरू कर दिया था। इस मामले में डीआईजी शलभ माथुर ने संभल के एएसपी श्रीशचंद्र को पुलिस की भूमिका की जांच के लिए आदेश दिए हैं।
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एएसपी को पीड़ित परिवार के बयान दर्ज कर इस बात की जांच करनी है कि उन्होंने किन-किन अधिकारियों को प्रार्थनापत्र दिए थे। मंगलवार सुबह एएसपी संभल श्रीशचंद्र छात्रा के गांव पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। छात्रा के पिता, भाई और मां घर में नहीं मिले थे। जिस कारण उनके बयान दर्ज नहीं हुए हैं। डीआईजी शलभ माथुर ने बताया कि एएसपी से मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहली बार मिली थानेदारी, तीन माह में छिनी कुर्सी
मुरादाबाद। छात्रा से छेड़खानी के मामले में कार्रवाई नहीं करने में निलंबित किए गए दरोगा ललित चौधरी को पहली बार थाने की कमान मिली थी। बावजूद इसके उन्होंने संवेदनशील मामले में लापरवाही बरती और अधीनस्थ दरोगा भी अपनी मनमर्जी करते रहे। कुंदरकी थाने का प्रभारी बनने से पहले ललित चौधरी चौकी प्रभारी ही रहे थे। चौदह दिसंबर को एसएसपी ने उन्हें कुंदरकी थाना प्रभारी बनाया गया था। इस थाने में बेहतर काम करते तो दूसरे थाने में भी प्रभारी बनाए जा सकते थे लेकिन उन्होंने अपनी पहली ही थानेदारी में ऐसी लापरवाही बरती। जिससे वह सीधे निलंबित हो गए। इसके अलावा उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी हुए हैं।
घर के बाहर पुलिस का पहरा
कुंदरकी। छात्रा की आत्महत्या प्रकरण में पीड़ित परिवार ने गम और गुस्से के बीच रात जाग कर गुजारी। छात्रा की मां अपनी बेटी को याद कर बेहाल नजर आई। रिश्तेदार महिलाएं ढांढस बंधाती रहीं। वहीं दूसरे दिन सुरक्षा व्यवस्था के लिए पीड़ित परिवार के मकान के सामने पुलिस का पहरा रहा है। छात्रा और आरोपी के मकान आमने सामने हैं। जिसके कारण पुलिस चौकसी बरत रही है।
बेटी की मौत पर पिता की हालत बिगड़ी
मुरादाबाद। बेटी की मौत के गम में पिता की हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें कुंदरकी स्थित अस्पताल ले गए और इलाज कराया। इसके बाद ही उनकी हालत में सुधार हुआ। मंगलवार सुबह छात्रा के पिता के घबराने लगे थे। वह घर में ही गश खाकर गिर गए थे। इससे परिवार में चीख पुकार मच गई। गांव के अन्य लोग भी आ गए और वह उन्हें लेकर अस्पताल ले गए। ब्यूरो
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कुंदरकी के एक गांव निवासी 17 वर्षीय छात्रा ने दो पेज का सुसाइड नोट लिखकर जहर खा लिया था। सोमवार को उपचार के दौरान छात्रा की मौत हो गई थी। छात्रा के पिता ने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी के साथ छेड़खानी की घटना हुई थी।
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दरोगा सचिन मलिक और थाना प्रभारी ललित चौधरी ने आरोपी के खिलाफ केवल शांति भंग में कार्रवाई की थी। इसके बाद आरोपी ने छात्रा को फिर से परेशान करना शुरू कर दिया था। इस मामले में डीआईजी शलभ माथुर ने संभल के एएसपी श्रीशचंद्र को पुलिस की भूमिका की जांच के लिए आदेश दिए हैं।
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एएसपी को पीड़ित परिवार के बयान दर्ज कर इस बात की जांच करनी है कि उन्होंने किन-किन अधिकारियों को प्रार्थनापत्र दिए थे। मंगलवार सुबह एएसपी संभल श्रीशचंद्र छात्रा के गांव पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। छात्रा के पिता, भाई और मां घर में नहीं मिले थे। जिस कारण उनके बयान दर्ज नहीं हुए हैं। डीआईजी शलभ माथुर ने बताया कि एएसपी से मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहली बार मिली थानेदारी, तीन माह में छिनी कुर्सी
मुरादाबाद। छात्रा से छेड़खानी के मामले में कार्रवाई नहीं करने में निलंबित किए गए दरोगा ललित चौधरी को पहली बार थाने की कमान मिली थी। बावजूद इसके उन्होंने संवेदनशील मामले में लापरवाही बरती और अधीनस्थ दरोगा भी अपनी मनमर्जी करते रहे। कुंदरकी थाने का प्रभारी बनने से पहले ललित चौधरी चौकी प्रभारी ही रहे थे। चौदह दिसंबर को एसएसपी ने उन्हें कुंदरकी थाना प्रभारी बनाया गया था। इस थाने में बेहतर काम करते तो दूसरे थाने में भी प्रभारी बनाए जा सकते थे लेकिन उन्होंने अपनी पहली ही थानेदारी में ऐसी लापरवाही बरती। जिससे वह सीधे निलंबित हो गए। इसके अलावा उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी हुए हैं।
घर के बाहर पुलिस का पहरा
कुंदरकी। छात्रा की आत्महत्या प्रकरण में पीड़ित परिवार ने गम और गुस्से के बीच रात जाग कर गुजारी। छात्रा की मां अपनी बेटी को याद कर बेहाल नजर आई। रिश्तेदार महिलाएं ढांढस बंधाती रहीं। वहीं दूसरे दिन सुरक्षा व्यवस्था के लिए पीड़ित परिवार के मकान के सामने पुलिस का पहरा रहा है। छात्रा और आरोपी के मकान आमने सामने हैं। जिसके कारण पुलिस चौकसी बरत रही है।
बेटी की मौत पर पिता की हालत बिगड़ी
मुरादाबाद। बेटी की मौत के गम में पिता की हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें कुंदरकी स्थित अस्पताल ले गए और इलाज कराया। इसके बाद ही उनकी हालत में सुधार हुआ। मंगलवार सुबह छात्रा के पिता के घबराने लगे थे। वह घर में ही गश खाकर गिर गए थे। इससे परिवार में चीख पुकार मच गई। गांव के अन्य लोग भी आ गए और वह उन्हें लेकर अस्पताल ले गए। ब्यूरो