{"_id":"624602a356a6b67e183a9671","slug":"wheat-procurement-from-today-half-preparation-at-most-places-city-news-mbd423262345","type":"story","status":"publish","title_hn":"गेहूं खरीद आज से, अधिकांश स्थानों पर आधी-अधूरी तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गेहूं खरीद आज से, अधिकांश स्थानों पर आधी-अधूरी तैयारी
विज्ञापन
शासन के निर्देश पर जिले में बृहस्पतिवार से गेहूं की खरीद की जाएगी। प्रशासन ने हालांकि इसकी सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर लेने का दावा किया है, लेकिन हकीकत इससे इतर है। जिला मुख्यालय स्थित मंडी समिति में मार्केटिंग विभाग के दो क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, लेकिन इन दोनों केंद्रों पर तैयारी के नाम पर सिर्फ अभिलेख आदि दुरुस्त करने का काम किया गया। दोपहर तक क्रय केंद्रों पर बैनर तक नहीं लग सके थे।
जिले में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होगी। शासन ने जिले में 88 क्रय केंद्र खोल कर उन पर किसानों से गेहूं की खरीद का कार्य शुरू करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए जिला प्रशासन ने आठ क्रय एजेंसियों का चयन किया है। इनमें से पांच क्रय एजेंसियों की ओर से 79 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद केंद्र खोले जाने का प्रस्ताव डीएम को दिया गया है। सर्वाधिक 35 क्रय केंद्र पीसीएफ की ओर से खोले जाएंगे। क्रय एजेंसी भारतीय खाद्य निगम, एसएफसी व कृषि उत्पादन मंडी समिति की ओर से अभी तक क्रय केंद्र खोले जाने का प्रस्ताव नहीं दिया गया है। गेहूं खरीद प्रभारी/एडीएम (प्रशासन) सुरेंद्र सिंह ने बताया कि गेहू्ं खरीद व्यवस्था में कहीं कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए गेहूं बिक्री करने वाले किसानों को खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
एडीएम (प्रशासन) ने बुधवार गेहूं खरीद व्यवस्था से जुड़े क्रय एजेंसी प्रभारियों व अधिकारियों की बैठक ली। कलक्ट्रेट स्थित कार्यालय में हुई इस बैठक में एडीएम ने सभी से क्रय केंद्रों पर किसानों के पीने के पानी, छाया आदि की व्यवस्था करने तथा किसानों को प्रेरित कर अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण कराने के भी निर्देश दिए।
विज्ञापन
अब तक कुल 350 किसानों ही करा सके पंजीकरण
गेहूं बिक्री के लिए पंजीकरण की व्यवस्था भी काफी धीमी गति से चल रही है। जिले में अभी तक सिर्फ 350 किसान ही अपना पंजीकरण करा सके हैं। यह हाल तब है जब पूरे सीजन में पिछले साल जिले के 17678 किसानों ने पंजीकरण कराया था और उनसे 7,18,625 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई थी।
2015 रुपये प्रति क्विंटल पर होगी गेहूं खरीद
डिप्टी आरएमओ राजेश्वर प्रताप सिंह ने बताया कि किसानों से इस बार गेहूं समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। जबकि पिछले 1975 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया था।
क्रय एजेंसी प्रस्तावित क्रय केंद्र
खाद्य विभाग 07
भारतीय खाद्य निगम 00
पीसीएफ 35
एसएफसी 00
पीसीयू 16
यूपीएसएस 13
कृषि उत्पादन मंडी समिति 00
नैफेड 08
कुल प्रस्तावित क्रय केंद्र: 79
प्रशासन का दावा: खरीद केंद्रों पर की जा चुकी यह तैयारी
- जिले में 73 ई-पॉप मशीन खरीद के लिए उपलब्ध हैं। अतिरिक्त ई-पॉप मशीनों की व्यवस्था कराई जा रही है।
- डस्टर की व्यवस्था क्रय केंद्रों पर कृषि उत्पादन मंडी समिति द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है।
- केंद्रों पर प्रभारियों की तैनाती हो चुकी है।
- जियो टैगिंग संबंधित क्रय एजेंसियों द्वारा कराई जा रही हैं।
- खरीद संबंधित आवश्यक उपकरण कांटा, छलना, पंखा, आदि मंडी समिति द्वारा क्रय केंद्रों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
- जिले में बोरों की 412 गांठ खरीद के लिए उपलब्ध है। मुख्यालय स्तर से अतिरिक्त बोरों की मांग की गई है।
गेहूं खरीद के लिए जिले में 88 क्रय केंद्र खोले जाने का लक्ष्य शासन से मिला है। आठ एजेंसियों के माध्यम से खरीद किया जाना प्रस्तावित है। इनमें से पांच एजेंसियों के प्रस्तावित 79 क्रय केेंद्रों को डीएम के स्तर से खोले जाने की अनुमति मिल चुकी है। मुख्यालय मंडी समिति में मार्केटिंग के दो क्रय केंद्रों पर तैयारी पूरी कर ली गई है। एफसीआई की ओर से भी एक क्रय केंद्र मंडी में खोला जाएगा। किसानों के पंजीकरण के लिए उपनिदेशक कृषि की ओर से करीब 1.25 लाख किसानों को इसके लिए मैसेज किए गए हैं। मंडी समिति की ओर से भी बैनर आदि जगह-जगह लगा कर किसानों को इसके प्रति जागरूक किया जा रहा है। किसान पोर्टल पर अपना पंजीकरण स्वयं कर सकते हैं अथवा किसी जन सुविधा केंद्र पर जाकर करा सकते हैं।
राजेश्वर प्रताप सिंह, डिप्टी आरएमओ
विज्ञापन
जिले में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होगी। शासन ने जिले में 88 क्रय केंद्र खोल कर उन पर किसानों से गेहूं की खरीद का कार्य शुरू करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए जिला प्रशासन ने आठ क्रय एजेंसियों का चयन किया है। इनमें से पांच क्रय एजेंसियों की ओर से 79 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद केंद्र खोले जाने का प्रस्ताव डीएम को दिया गया है। सर्वाधिक 35 क्रय केंद्र पीसीएफ की ओर से खोले जाएंगे। क्रय एजेंसी भारतीय खाद्य निगम, एसएफसी व कृषि उत्पादन मंडी समिति की ओर से अभी तक क्रय केंद्र खोले जाने का प्रस्ताव नहीं दिया गया है। गेहूं खरीद प्रभारी/एडीएम (प्रशासन) सुरेंद्र सिंह ने बताया कि गेहू्ं खरीद व्यवस्था में कहीं कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए गेहूं बिक्री करने वाले किसानों को खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
विज्ञापन
एडीएम (प्रशासन) ने बुधवार गेहूं खरीद व्यवस्था से जुड़े क्रय एजेंसी प्रभारियों व अधिकारियों की बैठक ली। कलक्ट्रेट स्थित कार्यालय में हुई इस बैठक में एडीएम ने सभी से क्रय केंद्रों पर किसानों के पीने के पानी, छाया आदि की व्यवस्था करने तथा किसानों को प्रेरित कर अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण कराने के भी निर्देश दिए।
विज्ञापन
अब तक कुल 350 किसानों ही करा सके पंजीकरण
गेहूं बिक्री के लिए पंजीकरण की व्यवस्था भी काफी धीमी गति से चल रही है। जिले में अभी तक सिर्फ 350 किसान ही अपना पंजीकरण करा सके हैं। यह हाल तब है जब पूरे सीजन में पिछले साल जिले के 17678 किसानों ने पंजीकरण कराया था और उनसे 7,18,625 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई थी।
2015 रुपये प्रति क्विंटल पर होगी गेहूं खरीद
डिप्टी आरएमओ राजेश्वर प्रताप सिंह ने बताया कि किसानों से इस बार गेहूं समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। जबकि पिछले 1975 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया था।
क्रय एजेंसी प्रस्तावित क्रय केंद्र
खाद्य विभाग 07
भारतीय खाद्य निगम 00
पीसीएफ 35
एसएफसी 00
पीसीयू 16
यूपीएसएस 13
कृषि उत्पादन मंडी समिति 00
नैफेड 08
कुल प्रस्तावित क्रय केंद्र: 79
प्रशासन का दावा: खरीद केंद्रों पर की जा चुकी यह तैयारी
- जिले में 73 ई-पॉप मशीन खरीद के लिए उपलब्ध हैं। अतिरिक्त ई-पॉप मशीनों की व्यवस्था कराई जा रही है।
- डस्टर की व्यवस्था क्रय केंद्रों पर कृषि उत्पादन मंडी समिति द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है।
- केंद्रों पर प्रभारियों की तैनाती हो चुकी है।
- जियो टैगिंग संबंधित क्रय एजेंसियों द्वारा कराई जा रही हैं।
- खरीद संबंधित आवश्यक उपकरण कांटा, छलना, पंखा, आदि मंडी समिति द्वारा क्रय केंद्रों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
- जिले में बोरों की 412 गांठ खरीद के लिए उपलब्ध है। मुख्यालय स्तर से अतिरिक्त बोरों की मांग की गई है।
गेहूं खरीद के लिए जिले में 88 क्रय केंद्र खोले जाने का लक्ष्य शासन से मिला है। आठ एजेंसियों के माध्यम से खरीद किया जाना प्रस्तावित है। इनमें से पांच एजेंसियों के प्रस्तावित 79 क्रय केेंद्रों को डीएम के स्तर से खोले जाने की अनुमति मिल चुकी है। मुख्यालय मंडी समिति में मार्केटिंग के दो क्रय केंद्रों पर तैयारी पूरी कर ली गई है। एफसीआई की ओर से भी एक क्रय केंद्र मंडी में खोला जाएगा। किसानों के पंजीकरण के लिए उपनिदेशक कृषि की ओर से करीब 1.25 लाख किसानों को इसके लिए मैसेज किए गए हैं। मंडी समिति की ओर से भी बैनर आदि जगह-जगह लगा कर किसानों को इसके प्रति जागरूक किया जा रहा है। किसान पोर्टल पर अपना पंजीकरण स्वयं कर सकते हैं अथवा किसी जन सुविधा केंद्र पर जाकर करा सकते हैं।
राजेश्वर प्रताप सिंह, डिप्टी आरएमओ