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ये कैसी जांच : दस दिन बाद भी सीडीओ दफ्तर नहीं पहुंची छह गांवों की जांच रिपोर्ट
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मुरादाबाद। ग्राम पंचायतों में प्रशासकों के कार्यकाल के दौरान की गई घपलेबाजी एसडीएम सदर और एसडीएम कांठ की जांच में आ गई है, लेकिन दसवें दिन भी छह गांवों की जांच रिपोर्ट सीडीओ आनंद वर्धन के दफ्तर तक नहीं पहुंच सकी हैं। वहीं सीडीओ आनंद वर्धन का कहना है कि जांच रिपोर्ट एक दो दिन में मिल जाएंगी, जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि दिसंबर के अंतिम सप्ताह में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक बने पंचायत सचिवों द्वारा जिले की 348 ग्राम पंचायतों में सरकारी धन की घपलेबाजी की गई। जिले में सबसे ज्यादा धन खर्च करने वाली छह ग्राम पंचायतों क्रमश: ब्लॉक सदर के गांव गोट, ब्लॉक बिलारी के गांव सोनकपुर और रतनपुरकलां, ब्लॉक डिलारी के गांव बहादुरपुर खद्दर व बढ़ेरा और छजलैट के गांव मौढ़ा तैया की अमर उजाला ने पड़ताल की तो विकास कार्यकार्य अधूरे मिले या काम बिल्कुल भी नही कराए गए थे।
इन पंचायतों की पड़ताल पर सीडीओ आनंद वर्धन ने 12 जून को संबंधित एसडीएम सदर प्रशांत तिवारी, एसडीएम कांठ हिमांशू वर्मा और एसडीएम बिलारी प्रबुद्ध सिंह को जांच सौंपी थी। लेकिन सोमवार तक भी इन पंचायतों की जांच रिपोर्ट सीडीओ दफ्तर तक नहीं पहुंच पाई है। इस बाबत सीडीओ ने बताया कि एक दो दिन में जांच रिपोर्ट मिलते ही मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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बता दें कि दिसंबर के अंतिम सप्ताह में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक बने पंचायत सचिवों द्वारा जिले की 348 ग्राम पंचायतों में सरकारी धन की घपलेबाजी की गई। जिले में सबसे ज्यादा धन खर्च करने वाली छह ग्राम पंचायतों क्रमश: ब्लॉक सदर के गांव गोट, ब्लॉक बिलारी के गांव सोनकपुर और रतनपुरकलां, ब्लॉक डिलारी के गांव बहादुरपुर खद्दर व बढ़ेरा और छजलैट के गांव मौढ़ा तैया की अमर उजाला ने पड़ताल की तो विकास कार्यकार्य अधूरे मिले या काम बिल्कुल भी नही कराए गए थे।
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इन पंचायतों की पड़ताल पर सीडीओ आनंद वर्धन ने 12 जून को संबंधित एसडीएम सदर प्रशांत तिवारी, एसडीएम कांठ हिमांशू वर्मा और एसडीएम बिलारी प्रबुद्ध सिंह को जांच सौंपी थी। लेकिन सोमवार तक भी इन पंचायतों की जांच रिपोर्ट सीडीओ दफ्तर तक नहीं पहुंच पाई है। इस बाबत सीडीओ ने बताया कि एक दो दिन में जांच रिपोर्ट मिलते ही मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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