Weather Update: मुरादाबाद मंडल में ठंड का सितम जारी, कोहरे के आगोश में जनजीवन, नैनीताल-शिमला के बराबर तापमान
मुरादाबाद मंडल में कड़ाके की ठंड के साथ कोहरे का प्रकोप जारी है। इससे जनजीवन प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक बारिश की संभावना नहीं है। ऐसे में ठंड और बढ़ेगी।
विस्तार
पीतलनगरी में सर्दी का सितम जारी है। 12 जनवरी की रात न्यूनतम तापमान महज पांच डिग्री सेल्सियस था, इसके कारण यह सीजन की सबसे ठंडी रात रही। दिन का तापमान भी 11.2 डिग्री सेल्सियस था। लगातार दूसरे दिन मुरादाबाद श्रीनगर, मनाली, नैनीताल, शिमला जैसे स्थानों से ठंडा रहा। पश्चिमी विक्षोभ कमजोर होने से बारिश न होने के कारण ठंड लगातार बढ़ती जा रही है।
इसके कारण गठिया, दमा, सीओपीडी व दिल के मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पश्चिम की ओर चल रही ठंडी हवाओं के कारण लोगों को उंगलियों में सूजन (चिलब्लेन) की समस्या हो रही है। वहीं दो से पांच साल तक के बच्चों को निमोनिया के कारण अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में दो बच्चों को भर्ती किया गया।
शहर से लेकर देहात क्षेत्र तक जनजीवन अस्त व्यस्त है। 2024 में महज दो दिन धूप निकली है। लगातार कई दिन से सूर्य भगवान के दर्शन न होने से लोगों को दैनिक कार्यों में भी परेशानी हो रही है। मौसम विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश होने की संभावना कम है। ऐसे में आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है।
पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह के मुताबिक पहाड़ों पर बर्फबारी होगी तब ही मैदानी इलाकों में ठंड कम होगी। शिमला, पटनीटॉप, मनाली में भी पर्यटक इन दिनों बर्फबारी का इंतजार कर रहे हैं।
दिन में भी टूटा 12 साल का रिकॉर्ड
शुक्रवार को दिन का तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जोकि सामान्य से छह डिग्री कम था। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 12 सालों में 12 जनवरी का दिन सबसे ठंडा रहा। इससे पहले वर्ष 2011 में अधिकतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। शुक्रवार को शीतलहर के कारण कोहरा नहीं टिका। बर्फीली हवाओं के कारण बढ़ी गलन से लोग घरों में भी अलाव जलाकर बैठने को मजबूर रहे।
इमरजेंसी में हर दिन चार हार्ट अटैक के केस
जिला अस्पताल व शहर के बड़े निजी अस्पतालों में मिलाकर हर दिन चार केस हार्ट अटैक के आ रहे हैं। एक से 12 जनवरी तक जिला अस्पताल में ऐसे चार केस आ चुके हैं। ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग मेहरोत्रा के मुताबिक हाई बीपी व शुगर वाले मरीजों को समस्या ज्यादा रहती है।
ठंड के कारण नसें सिकुड़ने व हाई ब्लड प्रेशर के कारण रक्त का प्रवाह अचानक बढ़ने से सडन कार्डियक अरेस्ट यानी अचानक ह्रदय रुकने से मौत हो जाती है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी के मुताबिक इस सीजन में पीएसी के दो जवानों के हार्ट अटैक के केस आ चुके हैं।
ये घरेलू नुस्खे करेंगे ठंड से बचाव
तुलसी, काली मिर्च व दालचीनी के काढ़े का सेवन करें।
रात को सोते समय पैरों के नीचे गर्म पानी की रबड़ की बोतल रखें।
केसर या हल्दी युक्त गर्म दूध ठंड से राहत देगा।
बाहर निकलते समय गर्म कैप, मफलर व दस्ताने जरूर पहनें।
शहद, देसी घी व गुड़ का नियमित सेवन करें।
हर दिन दो अंडे खा सकते हैं।
प्रोटीन, कैल्शियम व फाइबर के कारण बाजरे की रोटी शरीर को गर्म रखेगी।