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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Wards at the district hospital are in disrepair, toilets are dirty... attendants are at risk of infection.

Moradabad News: जिला अस्पताल में वार्ड बदहाल, शौचालयों में गंदगी... तीमारदारों को संक्रमण का खतरा

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 05 May 2026 02:29 AM IST
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Wards at the district hospital are in disrepair, toilets are dirty... attendants are at risk of infection.
मुरादाबाद। जिला अस्पताल की हालत इन दिनों बदहाली की हदें पार कर चुकी है। वार्डों में गंदगी का अंबार है, शौचालय बदबू से बजबजा रहे हैं और सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आ रही है। हालात इतने खराब हैं कि मरीजों के साथ उनके तीमारदारों के लिए भी संक्रमण का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। मरीजों का आरोप है कि कई दिनों से वार्डों में ठीक से झाड़ू तक नहीं लगी।
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शौचालयों की हालत ऐसी है कि अंदर जाना भी मुश्किल हो गया है, लेकिन मजबूरी में उसी गंदगी में जाना पड़ रहा है। फीवर वार्ड में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि महिला शौचालय को गंदगी के कारण बंद करना पड़ा। सर्जरी वार्ड, बच्चा वार्ड और टीबी वार्ड कहीं भी हालात बेहतर नहीं हैं। खिड़कियों पर पानी की खाली बोतलें और पॉलिथीन जमा हैं, जिससे साफ-सफाई की पोल खुल रही है। इन वार्डों में 40 से अधिक मरीज भर्ती हैं, जिनके साथ रुके तीमारदार भी इस बदइंतजामी का खामियाजा भुगत रहे हैं। खासकर बच्चा वार्ड में गंदे शौचालय छोटे बच्चों के लिए संक्रमण का बड़ा खतरा बन चुके हैं।
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प्लास्टर लगाकर स्ट्रेचर पर ही छोड़ा, एक घंटे तक गैलरी में लेटा रहा अशरफ

हड्डी वार्ड में मरीज अशरफ को प्लास्टर लगाने के बाद स्ट्रेचर पर ही छोड़ दिया गया। प्लास्टर रूम से निकालकर स्ट्रेचर पर उन्हें गैलरी में लेटा दिया गया। अशरफ के परिजनों ने बताया कि करीब एक घंटा हो गया है। वार्ड बॉय अब तक नहीं आया है। कई बार नर्सिंग स्टाफ के जरिए सूचना भिजवा चुके हैं, इसके बावजूद मरीज स्ट्रेचर पर गैलरी में लेटा है। यही स्थिति रही तो हम यहां इलाज नहीं कराएंगे। जबकि मरीज को महज 20 मीटर दूर वार्ड में किसी बेड पर शिफ्ट करना था। इसके बाद भी मरीज को लापरवाही से इतना इंतजार कराया गया।
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मरीजों के कोट

तीन दिन से यहां हूं, लेकिन वार्ड में एक बार भी ठीक से सफाई नहीं हुई। शौचालय की हालत इतनी खराब है कि अंदर जाते ही उल्टी आने लगती है। कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
- रामा


बच्चा वार्ड के शौचालयों में गंदगी देखकर डर लग रहा है। छोटे बच्चों को यहां रखना जोखिम भरा है। शौचालय गंदे हैं और बदबू से सांस लेना मुश्किल है। अगर यही हाल रहा तो संक्रमण फैलना तय है।
- नईमा

हम तीमारदार भी यहां परेशान हैं। रात में शौचालय जाना मुश्किल हो जाता है। सफाई कर्मचारी को बोलो तो जवाब मिलता है कि अभी समय नहीं है। आखिर हम जाएं तो जाएं कहां।
- ममता


मेरे बेटे अशरफ को एक घंटे तक स्ट्रेचर पर गैलरी में छोड़ दिया गया। यह अस्पताल है या लापरवाही का अड्डा। मरीज दर्द से कराह रहा था, लेकिन किसी को फर्क नहीं पड़ा। यह बेहद गलत है।
- शमशेर

सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आए थे, लेकिन यहां तो हालात और खराब मिल रहे हैं। गंदगी, बदबू और लापरवाही। सब कुछ एक साथ देखने को मिल रहा है। मजबूरी में यहां रहना पड़ रहा है।

- पवन

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वर्जन
संबंधित वार्डों के इंचार्ज से कारण पूछा गया है। इसके अलावा आठ मई को उन सभी इंचार्ज की बैठक बुलाई गई है, जिनके कार्यक्षेत्र में लापरवाही मिली है। व्यवस्था को दुरुस्त रखा जाएगा।
- डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, कार्यवाहक एसआईसी
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