विकास हत्याकांड: बड़ा बेटा जेल में बंद, छोटे को गोली मार मौत के घाट उतारा.. परिजन बोले- पुलिस के चलते गई जान
मुरादाबाद में तीन दिन से लापता विकास यादव का पुलिस ने शव बरामद कर लिया। पोस्टमार्टम करवाने के लिए उसे परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि विकास के गायब होने के तुरंत बाद उन्होंने पूरी जानकारी पुलिस को दी थी। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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लापता विकास यादव की गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद पुलिस लापरवाही बरतती रही। इसी कारण उसके बेटे की जान चली गई। ये आरोप पिता संतोष यादव ने रोते हुए लगाया। पिता संतोष यादव ने कहना था कि उसका बेटा विकास एक फर्म में नौकरी करता था। 16 मई को उसके बेटे को मोहित यादव और सचिन घर से बुलाकर उसे ले गए थे।
दूसरे दिन उसने थाने में तहरीर देने के बाद बताया कि उसके बेटे को दोस्त बुलाकर ले गए हैं। फिर भी पुलिस ने तत्काल कार्रवाई नहीं की। उसके बेटे की किसी से दुश्मनी नहीं थी। पुलिस ने भरोसा दिया था कि इस मामले में कार्रवाई करेंगे, लेकिन शनिवार की रात लाश मिलने की सूचना मिली।
अभी उसका बड़ा बेटा सुभाष जेल में बंद है। कुछ लोगों ने उसे फंसा दिया है। अंशुमन उर्फ काके की डेढ़ साल पहले मौत हो गई थी। इसी मामले में उसका बड़ा बेटा जेल में बंद है। अंशुमन के भाई अनिरुद्ध ने खून का बदला खून से लेने की धमकी दी थी। उसने ही बेटे की हत्या को अंजाम दिया है। अब उसके पास कुछ नहीं रह गया है।
पीतल नगरी में गैंग करती है काम, तीन हत्याएं हो चुकी
विकास के चाचा विजय पाल यादव ने बताया कि उसके भतीजे की अनिरुद्ध से रंजिश थी। अनिरुद्ध हफ्ता वसूली और लूटपाट कराता है। गिरफ्तार मोहित उसके भतीजे विकास को घर से रात दस बजे बुलाकर ले गया था। पुलिस को नाम बताने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई और 38 घंटे के बाद भतीजे का शव बरामद हुआ।
पीतलनगरी मे 25 युवकों का एक गैंग लूट और हफ्ता वसूली का काम करता है। पुलिस का इस गिरोह पर कोई अंकुश नहीं है। यह गिरोह फैक्टरियों से हफ्ता वसूली करता है। लूटपाट भी करता है। तीन साल में तीन हत्याएं हो चुकी हैं। इसमें पहले सत्येंद्र ठाकुर और अंशुमन उर्फ काके की पहले हत्या हो चुकी है।
काके भी आपराधिक कार्य करता था। पुलिस को अनिरुद्ध के गिरोह पर अंकुश लगाना चाहिए। आरोप लगाया कि विकास को अनिरुद्ध ने गोली मारी थी। पुलिस की ढिलाई के चलते ये घटनाएं हो रही हैं। अभी इस गिरोह से लोगों की जान का खतरा बना हुआ है।
चंद रुपये के लिए दोस्त ने कराई विकास की हत्या
पुलिस की जांच से पता चला कि चंद रुपये के लिए दोस्त मोहित यादव ने अपने दोस्त विकास यादव की हत्या कराई। मोहित ने अपने दोस्त सचिन को शामिल किया। सचिन ने बताया कि मोहित को काम होने के बाद अनिरुद्ध ने पैसा देने का वादा किया था। दोस्ती पैसे पर बिक गई। यदि सच्ची दोस्ती रहती तो पैसे पर नहीं बिकती और विकास की जान नहीं जाती।