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Moradabad News: कुल शरीफ की रस्म के साथ उर्स-ए-नईमी का समापन
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मुरादाबाद। मदरसा जामिया नईमिया में स्थित दरगाह पर 79वां सालाना उर्स-ए-नईमी रविवार को कुल शरीफ की रस्म के साथ संपन्न हुआ। उर्स के दूसरे और अंतिम दिन देशभर से आए अकीदतमंदों ने मदरसा परिसर में स्थित सैयद नईमुद्दीन मुरादाबादी की मजार पर हाजिरी देकर अपनी अकीदत का इजहार किया। इस दौरान गुलपोशी, फातेहाख्वानी और चादरपोशी कर तरक्की दुआ की।
उर्स में मुफ्ती सुलेमान ने तकरीर पेश करते हुए नईमुद्दीन मुरादाबादी की शिक्षा और उनके सामाजिक कार्यों के बारे में लोगों को जानकारी दी। कहा कि नईमुद्दीन की पूरी जिंदगी लोगों की सेवा, उन्हें सच्चाई का मार्ग दिखाने और इस्लामिक शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार में गुजारी। इस अवसर पर नाते पाक भी आयोजन हुआ, जिसमें असलम गोंडवी, लईक गोंडवी और हसन बलरामपुरी ने दिलकश अंदाज में नात शरीफ पेश कर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
दरगाह पर दिनभर अकीदतमंदों का तांता लगा रहा। लोग मजार शरीफ पर गुलपोशी करते रहे, सलात व सलाम पढ़ा गया, फातेहाख्वानी हुई और दुआएं मांगी गईं। यह सिलसिला रात भर जारी रहा। रात में 12:22 मिनट पर कुल शरीफ की खास महफिल सजाई गई, जिसमें सज्जादानशीन मौलाना सैयद इनाम मुस्तफा नईमी ने खास दुआएं कराईं। उन्होंने अमन, सलामती, खैरियत और बरकत की दुआ की। इस मौके पर उलमा ने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि ज्यादा से ज्यादा इल्म हासिल करें ताकि देश और दीन के विकास में वह शिक्षा लोगों के काम आ सके।
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उर्स में मुफ्ती सुलेमान ने तकरीर पेश करते हुए नईमुद्दीन मुरादाबादी की शिक्षा और उनके सामाजिक कार्यों के बारे में लोगों को जानकारी दी। कहा कि नईमुद्दीन की पूरी जिंदगी लोगों की सेवा, उन्हें सच्चाई का मार्ग दिखाने और इस्लामिक शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार में गुजारी। इस अवसर पर नाते पाक भी आयोजन हुआ, जिसमें असलम गोंडवी, लईक गोंडवी और हसन बलरामपुरी ने दिलकश अंदाज में नात शरीफ पेश कर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
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दरगाह पर दिनभर अकीदतमंदों का तांता लगा रहा। लोग मजार शरीफ पर गुलपोशी करते रहे, सलात व सलाम पढ़ा गया, फातेहाख्वानी हुई और दुआएं मांगी गईं। यह सिलसिला रात भर जारी रहा। रात में 12:22 मिनट पर कुल शरीफ की खास महफिल सजाई गई, जिसमें सज्जादानशीन मौलाना सैयद इनाम मुस्तफा नईमी ने खास दुआएं कराईं। उन्होंने अमन, सलामती, खैरियत और बरकत की दुआ की। इस मौके पर उलमा ने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि ज्यादा से ज्यादा इल्म हासिल करें ताकि देश और दीन के विकास में वह शिक्षा लोगों के काम आ सके।
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