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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   UPPCS J 2022 Result: Moradabad Shilpi fulfilled her father dream, got success second attempt

UPPCS J 2022 Result : मुरादाबाद की शिल्पी ने पूरा किया पिता का सपना, दूसरे प्रयास में पाई सफलता

Thu, 31 Aug 2023 09:36 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Thu, 31 Aug 2023 09:36 AM IST
सार

पीसीएसजे में चयन होने के बाद शिल्पी ने बताया कि पिता का सपना था कि मैं न्यायिक सेवा में जाऊं। उनके पिता चंदौसी के वरिष्ठ क्रिमिनल लॉयर थे। मेहनत के साथ दूसरे प्रयास में यह सफलता मिली। 

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UPPCS J 2022 Result: Moradabad Shilpi fulfilled her father dream, got success  second attempt
डॉ. शिल्पी गुप्ता - फोटो : संवाद

विस्तार

मूलरूप से चंदौसी निवासी डाॅ. शिल्पी गुप्ता ने पीसीएस जे में 144रैंक प्राप्त की है। वर्ष 2014 से आईएफटीएम में पढ़ा रही हैं। वह विवि परिसर रहतीं हैं। डाॅ. शिल्पी आईएफटीएम में विधि विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। उन्होंने बताया कि परिवार में भाई धीरज प्रकाश गुप्ता, भाभी प्रगति वार्ष्णेय, बहन शिखा गुप्ता हैं।

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कहतीं है कि मेरे पिता वेद प्रकाश गुप्ता का सपना था कि मैं न्यायिक सेवा में जाऊं। मेरे पिताजी चंदौसी के वरिष्ठ क्रिमिनल लॉयर थे। यह मेरा दूसरा प्रयास था। इससे पहले वर्ष 2018 में में साक्षात्कार तक पहुंची थी।
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विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को पढ़ाते हुए मैंने स्वाध्याय किया। वर्ष 2010 में पिता और माता कमला गुप्ता का निधन हुआ था। इसके बाद भाई, भाभी और बहन ने हर कदम पर प्रोत्साहित किया। अब मेरा सपना है कि पीड़ितों को त्वरित न्याय दिला पाऊं।

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स्कूल में बनवाई नक्षत्रशाला, अब सीएम देंगे सम्मान

शहर निवासी बेसिक शिक्षा विभाग की शिक्षिका सरिता देवी का चयन राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए किया गया है। उन्हें सीएम योगी आदित्यनाथ सम्मानित करेंगे। सरिता कंपोजिट विद्यालय लोधीपुर राजपूत में सहायक अध्यापिका हैं। उन्हें 2020 में इस विद्यालय में तैनाती मिली थी।

तब इस विद्यालय में 260 विद्यार्थी थे, अब संख्या 320 है। उन्होंने विद्यालय में नक्षत्रशाला स्थापित कराई। सरिता ने बताया कि उन्होंने ग्राम प्रधान, समाज सेवी संस्थाओं को अपने साथ जोड़ा। बच्चों के बौद्धिक स्तर को देखकर सभी मदद करने को तैयार हो गए।

अपनी आय का एक हिस्सा भी खर्च किया। इसके जरिये स्कूल में 10 लाख रुपये से जीर्णोद्धार कार्य हुआ। स्कूल में नक्षत्रशाला स्थापित की गई। बच्चों के अलावा इसे ग्रामीणों के लिए भी खोला गया। यहां विद्यार्थियों को ग्रह, नक्षत्रों व खगोल पिंडों का अध्ययन करने का अनुभव हुआ।

शिक्षिका के मुताबिक जिले के किसी अन्य सरकारी विद्यालय में ऐसी नक्षत्रशाला नहीं है। इसके अलावा बच्चों को अंग्रेजी में वाक कौशल सिखाया जा रहा है। इन सब कार्यों के आधार पर सरिता ने राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन किया था, जोकि स्वीकार कर लिया गया।
 

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