UP: मुरादाबाद से सपा के उम्मीदवार होंगे एसटी हसन, अखिलेश यादव ने भर दी हामी, कार्यकर्ताओं में उत्साह
मुरादाबाद से सपा के टिकट पर वर्तमान सांसद डॉ. एसटी हसन मैदान पर उतरेंगे। उनके नाम पार्टी ने मुहर लगा दी है।
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुरादाबाद लोकसभा सीट के लिए सांसद डॉ. एसटी हसन को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इसकी पुष्टि खुद सपा सांसद ने की हैं। मंगलवार को सपा सांसद अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
मुरादाबाद लोकसभा से सपा का टिकट हासिल करने के लिए कांठ के विधायक कमाल अख्तर , देहात विधायक नासिर कुरैशी सहित अन्य लोगों ने काफी जोर आजमाइश की थी। इस बीच सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव राय मशविरा करने के लिए सीतापुर जेल में बंद पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां से मिलने गए थे।
पार्टी के लोगों का कहना था कि आजम खां से मिलने के बाद रामपुर और मुरादाबाद का टिकट पक्का हो जाएगा। ऐसा ही हुआ। सांसद डॉ. एसटी हसन लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय गए तो अखिलेश यादव ने कहा कि उनका टिकट पक्का हो गया है हालांकि इस मामले में अभी सूची जारी नहीं हुई है।
सांसद का कहना है कि यह लोगों की दुआओं का असर है कि उनको फिर पार्टी ने चुनाव लड़ने के काबिल समझा है। 2019 में देहात के विधायक नासिर कुरैशी का टिकट हो गया था लेकिन ऐन वक्त पर टिकट कट गया और डॉ. एसटी हसन प्रत्याशी बनाए गए। इस बार भी नासिर कुरैशी ने प्रयास किया लेकिन उनके सपनों पर पानी फिर गया।
उधर संभल लोकसभा सीट से कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र के सपा विधायक जियाउर्रहमान बर्क को सपा ने प्रत्याशी घोषित किया है। प्रत्याशियों की पहली सूची जारी करने के दौरान सपा ने संभल लोकसभा क्षेत्र से डॉ. शफीकुर्रहमान को प्रत्याशी बनाया था। बीमारी के चलते डॉ. बर्क का निधन हो गया था।
2006 में मेयर का चुनाव जीते थे सपा सांसद
कानून गोयान क्षेत्र के रहने वाले सांसद डॉ. एसटी हसन 1990 ने सपा की सदस्यता ग्रहण की। इसके बाद पार्टी में बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष बनाए गए। 2006 में मेयर का टिकट लड़ने पर चुनाव लड़े और भाजपा की प्रत्याशी बीना अग्रवाल को हराकर चुनाव में विजयी हुए।
2009 में सपा छोड़कर वह बसपा में चले गए थे लेकिन 2011 में सपा में फिर वापस आ गए। वर्ष 2014 में उन्होंने लोकसभा का चुनाव लड़ा लेकिन भाजपा के कुंवर सर्वेश सिंह से चुनाव हार गए। 2019 में फिर सपा से डॉ. एसटी हसन प्रत्याशी बनाए गए। सपा ने भाजपा के प्रत्याशी कुंवर सर्वेश सिंह को करीब एक लाख मतों से चुनाव हराया और डॉ. एसटी हसन सांसद चुने गए।
कुछ खास तथ्य
- 1952 में मुरादाबाद नाम से दो लोकसभा सीट थीं। एक मुरादाबाद और दूसरी मुरादाबाद पश्चिम। 1957 में मुरादाबाद पश्चिम को अमरोहा संसदीय क्षेत्र नाम दिया गया।
- 1957 में प्रोफेसर राम शरण सिर्फ 6356 वोट से जीते थे।
- इस सीट पर कांग्रेस चार बार जीत चुकी है, तीन बार सपा और दो बार भारतीय जनसंघ की जीत को जोड़ें तो भाजपा भी तीन बार जीत दर्ज करा चुकी है।
- 1962 में सैय्यद मुजफ्फर हुसैन के रूप में निर्दलीय को सिर्फ एक बार ही यहां से जीत मिली है।
- गुलाम मोहम्मद मुरादाबाद से चार बार सांसद रहे। समाजवादी पार्टी के डॉ. शफीकुर्रमान बर्क ने हैट्रिक लगाई थी।
मुरादाबाद लोकसभा क्षेत्र में कुल पांच विधानसभा क्षेत्र हैं। इनमें मुरादाबाद नगर, देहात, कांठ, ठाकुरद्वारा और बढ़ापुर शामिल है।
1996 से अब तक के सांसद
वर्ष सांसद पार्टी
1996 शफीकुर्रहमान बर्क सपा
1998 शफीकुर्रहमान बर्क सपा
1999 चंद्र विजय सिंह अभालोकां
2004 शफीकुर्रहमान बर्क सपा
2009 मोहम्मद अजहरुद्दीन कांग्रेस
2014 कुंवर सर्वेश कुमार सिंह भाजपा
2019 एसटी हसन सपा