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UP: आजम खां के सियासी दांव में उलझ गए अखिलेश यादव, रामपुर और मुरादाबाद सीट पर उलझी सपा
Wed, 27 Mar 2024 11:54 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 27 Mar 2024 11:54 AM IST
सार
लोकसभा चुनाव में टिकट फाइनल करने को लेकर समाजवादी पार्टी में घमासान जारी है। अखिलेश यादव आजम खां के सियासी दांव में उलझ गए हैं। रामपुर लोकसभा सीट पर प्रत्याशी का फैसला नहीं हो सका है। वहीं, मुरादाबाद सीट पर भी असमंजस की स्थिति है।
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UP Lok Sabha Election 2024
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लोकसभा चुनाव में रामपुर सीट को लेकर आजम खां ने ऐसा सियासी दांव खेला है जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव उलझ कर रह गए हैं। आजम खां ने अखिलेश यादव से कहा था कि वो रामपुर से लोकसभा का चुनाव लड़ लें। अखिलेश यादव इसके लिए मन नहीं बना पाए।
ऐसे में नामांकन दाखिल होने के एक दिन पहले तक सपा अपना प्रत्याशी तय नहीं कर पाई है और दूसरी ओर सपाइयों ने रामपुर में चुनाव के बहिष्कार का एलान कर दिया है। एक तरह से आजम खां ने गेंद अखिलेश यादव के पाले में डाल दी है।
आजम खां सियासत के मंझे हुए खिलाड़ी हैं। कोई भी रणनीति वो भविष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार करते हैं। आजम खां पिछले कुछ महीनों से जेल में हैं। ऐसे में कई स्थानीय सपाइयों ने लोकसभा का चुनाव लड़ने के मंसूबे पालने शुरू कर दिए थे। टिकट के कई दावेदारों ने इसको लेकर सीतापुर की जेल में आजम खां से मुलाकात भी की थी।
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कई नेताओं ने अपने स्तर से चुनाव की तैयारी भी शुरू कर दी थी। इस बीच आजम खां से मुलाकात करने से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सीतापुर की जेल पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच बातचीत के यह लगने लगा था कि रामपुर सीट से प्रत्याशी तय कर दिया जाएगा।
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ऐसे में नामांकन दाखिल होने के एक दिन पहले तक सपा अपना प्रत्याशी तय नहीं कर पाई है और दूसरी ओर सपाइयों ने रामपुर में चुनाव के बहिष्कार का एलान कर दिया है। एक तरह से आजम खां ने गेंद अखिलेश यादव के पाले में डाल दी है।
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आजम खां सियासत के मंझे हुए खिलाड़ी हैं। कोई भी रणनीति वो भविष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार करते हैं। आजम खां पिछले कुछ महीनों से जेल में हैं। ऐसे में कई स्थानीय सपाइयों ने लोकसभा का चुनाव लड़ने के मंसूबे पालने शुरू कर दिए थे। टिकट के कई दावेदारों ने इसको लेकर सीतापुर की जेल में आजम खां से मुलाकात भी की थी।
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कई नेताओं ने अपने स्तर से चुनाव की तैयारी भी शुरू कर दी थी। इस बीच आजम खां से मुलाकात करने से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सीतापुर की जेल पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच बातचीत के यह लगने लगा था कि रामपुर सीट से प्रत्याशी तय कर दिया जाएगा।
पार्टी के जानकारों की माने तो आजम खां ने अखिलेश यादव से कहा था कि वो खुद रामपुर से चुनाव लड़ें। हालांकि अखिलेश यादव ने इसको लेकर साफ-साफ कुछ नहीं कहा। उन्होंने कहा कि आजम खां ने जो सुझाव दिए हैं उस पर विचार किया जाएगा।
इसके बाद रामपुर के सपाई 24 मार्च को अखिलेश यादव से मुलाकात करने लखनऊ पहुंचे थे। रामपुर के सपाइयों ने अखिलेश यादव से आजम खां के प्रस्ताव पर विचार करने को कहा। हालांकि अखिलेश यादव ने 24 मार्च को भी खुलकर कुछ नहीं कहा और 26 मार्च को प्रत्याशी के एलान की बात कही। इस बीच तेजप्रताप यादव का नाम चर्चा में आया।
राजनीतिक हलको में यह कहा जाना लगा कि तेज प्रताप यादव को सपा रामपुर से प्रत्याशी बना सकती है। इससे आजम खां की बात भी रह जाएगी। लेकिन मंगलवार की शाम रामपुर के सपाइयों ने अचानक से चुनाव के बहिष्कार का एलान कर दिया। उन्होंने आजम खां का पत्र भी जारी किया। हालांकि रामपुर के सपाइयों ने यह भी कहा है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जो फैसला करेंगे वह उनको मंजूर होगा।
नामांकन दाखिल करने की आखिरी तिथि है आज
रामपुर लोकसभा सीट पर पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान होना है। इसके लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तिथि 27 मार्च है। चुनाव लड़ने के लिए दोपहर तीन बजे तक नामांकन दाखिल करना अनिवार्य है। ऐसे में पार्टी को बुधवार सुबह तक कोई न कोई फैसला लेना पड़ेगा। वैसे इस सीट का इतिहास रहा है कि सपा अंतिम समय पर अपने पत्ते खोलते है। सपा विधानसभा सीट पिछले साल हुए उपचुनाव के लिए प्रत्याशी के बारे में लोगों को तब पता चला जब उन्होंने अपना नामांकन दाखिल कर दिया।
रामपुर लोकसभा सीट पर पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान होना है। इसके लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तिथि 27 मार्च है। चुनाव लड़ने के लिए दोपहर तीन बजे तक नामांकन दाखिल करना अनिवार्य है। ऐसे में पार्टी को बुधवार सुबह तक कोई न कोई फैसला लेना पड़ेगा। वैसे इस सीट का इतिहास रहा है कि सपा अंतिम समय पर अपने पत्ते खोलते है। सपा विधानसभा सीट पिछले साल हुए उपचुनाव के लिए प्रत्याशी के बारे में लोगों को तब पता चला जब उन्होंने अपना नामांकन दाखिल कर दिया।
रामपुर से पिछला चुनाव जीता था आजम खां ने
रामपुर। 2019 के लोकसभा चुनाव में आजम खां रामपुर लोकसभा सीट से प्रत्याशी थे। इस चुनाव में आजम खां ने एक लाख से अधिक मतों से भाजपा की प्रत्याशी जयाप्रदा को मात दी थी।
सांसद बनने के कुछ महीने के बाद 2020 वारंट जारी होने पर उन्होंने पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ कोर्ट में आत्मसर्मपण कर दिया था। तीनों को सीतापुर की जेल भेज गया था।
रामपुर। 2019 के लोकसभा चुनाव में आजम खां रामपुर लोकसभा सीट से प्रत्याशी थे। इस चुनाव में आजम खां ने एक लाख से अधिक मतों से भाजपा की प्रत्याशी जयाप्रदा को मात दी थी।
सांसद बनने के कुछ महीने के बाद 2020 वारंट जारी होने पर उन्होंने पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ कोर्ट में आत्मसर्मपण कर दिया था। तीनों को सीतापुर की जेल भेज गया था।
आजम खां जेल में रहते हुए 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ा था। विधायक बनने के बाद उन्होंने लोकसभा की सीट छोड़ दी थी। इसके बाद इस सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा के घनश्याम लोधी ने जीत हासिल कर दी थी। बाद में कोर्ट से सजा होने के बाद आजम खां की विधायकी भी चली गई। रामपुर विधानसभा सीट हुए उपचुनाव में भाजपा के आकाश सक्सेना ने जीत हासिल कर ली थी। इन दोनों उपचुनावों सपा के प्रत्याशी आसिम राजा थे।
टिकट कटने की मुझे नहीं जानकारी : एसटी हसन
उधर, मुरादाबाद सीट से मंगलवार को सपा उम्मीदवार के रूप में नामांकन कराने वाले सांसद डॉ. एसटी हसन की टिकट कटने और पूर्व विधायक रुचि वीरा की चर्चा तेज है। इस बाबत पूछने पर डॉ. हसन ने कहा कि उन्हें बी फॉर्म मिल गया है, यह जानकारी हुई है लेकिन इस बारे में पार्टी की तरफ से मुझे कोई अधिकृत जानकारी नहीं दी गई है। वहीं, चर्चा है कि पार्टी ने रुचि वीरा को भी नामांकन करने से रोक दिया है।