UP Chunav 2022: सड़क से लेकर शराब की दुकान हटवाने के मुद्दे पर कई विधानसभाओं में हो रहा मतदान का बहिष्कार
मुरादाबाद के गांव नगला जतनी के ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के रास्तों और सड़कों की हालत खस्ता है, जिसे बार-बार कहने पर भी ठीक नहीं किया गया। इसी को लेकर उन्होंने ये फैसला लिया है।
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यूपी विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान जारी है। इसी बीच मुरादाबाद जनपद की कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र में आने वाले नगला जतनी गांव के लोगों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया है। यहां कोई भी व्यक्ति एजेंट बनने को भी तैयार नहीं है। लोगों का कहना है कि सड़क नहीं बनेगी तो वोट भी नहीं करेंगे।
ग्रामीण बलवीर ने बताया कि गांव को जोड़़ने वाले रास्ते खराब हैं। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से तमाम बार सड़क बनवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी कहीं भी सुनवाई नहीं हुई। इससे मजबूर होकर लोगों ने मतदान न करने का निर्णय लिया है।
ग्रामीणों ने कहा कि गांव में हालात इतने खराब हैं कि खस्ताहाल सड़क के कारण पोलिंग पार्टी को लेकर गए कई वाहन भी मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच पाए। गांव में करीब 700 वोट हैं। पीठासीन अधिकारी ने इसकी सूचना अफसरों को दे दी है। वहीं, इसे लेकर एडीएम और एसपी ने ग्रामीणों के साथ बैठक की और उन्हें मनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण के दौरान नौ जिलों की 55 सीटों के लिए लड़ाई काफी कड़ी है। अमरोहा, बरेली, मुरादाबाद, शाहजहांपुर, सहारनपुर, बिजनौर, संभल, रामपुर और बदायूं जिले में पड़ने वाली इन 55 सीटों पर कुल 586 प्रत्याशी मैदान में हैं।
रामपुर के मिलक क्षेत्र में भी हुआ बहिष्कार
रामपुर के मिलक विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कृपया पांडे में लोगों ने यह कहकर मतदान का बहिष्कार किया कि गांव के बीचों-बीच शराब की दुकान हटाई जाए तब वोट डालेंगे। उसके बाद मौके पर पहुंचे कोतवाल ने जनता को समझाया कि दुकान हटवा दी जाएगी तब ग्रामीणों ने मतदान शुरू किया।
मानकपुर नरौली में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने किया मतदान का बहिष्कार
संभल जनपद की चंदौसी विधान सभा क्षेत्र के गांव नसीरपुर नरौली में ग्रामीणों ने विकास कार्यो न होने के विरोध में मतदान का बहिष्कार कर दिया है। गांव के प्राथमिक विद्यालय में बने मतदान केंद्र पर सुबह से दो लोगों ने वोट डाले हैं। सुबह से बूथ खाली पड़े हैं। मतदान अधिकारी व कर्मचारी खाली बैठे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव अकरौली और बनियाखेड़ा के प्रथमा बैंक के पास से गांव को जोड़ने वाले दो मुख्य मार्ग हैं। दोनों मार्गों की हालत खस्ता है। गांव के अंदर के रास्ते भी खराब हैं। विकास कार्य न होने पर ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया है।
गांव के खराब मुख्य मार्ग से परेशान ग्रामीणों ने किया मतदान का बहिष्कार
संभल के असमोली ब्लॉक के गांव खेमपुर के ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया है। ग्रामीणों का यह विरोध मुख्य रास्ते को लेकर है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से गांव का मुख्य रास्ता खराब पड़ा है। चुनाव के समय जनप्रतिनिधि आते हैं और आश्वासन देकर लौट जाते हैं। लेकिन मुख्य रास्ते का सुधार कभी नहीं कराया गया। इसी के चलते ग्रामीणों ने एक राय होकर मतदान बहिष्कार का एलान किया है। सोमवार की सुबह 7.00 बजे से शुरू हुए मतदान के दौरान कोई भी ग्रामीण मतदान केंद्र नहीं पहुंचा तो वहां मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों में खलबली मच गई। मंदिर के लाउडस्पीकर से ग्रामीणों ने एलान किया कि कोई भी ग्रामीण मतदान करने नहीं पहुंचेगा। इस जानकारी के बाद एसडीएम संभल मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को मनाने में जुट गए लेकिन ग्रामीण मानने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के तीन किलोमीटर लंबे मुख्य रास्ते का निर्माण कराने का जिलाधिकारी की ओर से आश्वासन मिले। तभी वह मतदान करने के लिए जाएंगे। मौके पर मौजूद एसडीएम और अन्य कर्मचारी ग्रामीणों को मनाने का प्रयास कर रहे हैं।
रोड नहीं तो वोट नहीं, बूथ में पसरा सन्नाटा
शाहजहांपुर के तिलहर विधानसभा के पुवायां ब्लॉक के गांव मुड़िया वैश्य के मतदाताओं ने सोमवार को वोट डालने से मना कर दिया। ग्रामीण गांव की सड़क न बनने से नाराज हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तमाम बार आग्रह किए जाने के बावजूद उनके गांव की सड़क नहीं बनाई गई। इसी वजह से वे लोग मतदान नहीं करेंगे। पूर्वाह्न 11 बजे तक कोई अधिकारी मतदाताओं की बात सुनने के लिए नहीं पहुंचा। सुबह सात बजे से मतदान केंद्र पर सन्नाटा पसरा हुआ है। इस गांव में 550 मतदाता हैं।
पुलिस ने आंवला में जबरन करवाया मतदान
बरेली के आंवला विधानसभा में अलीगंज थाना क्षेत्र के गांव ढकिया में सड़क को लेकर ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। इस वजह से ग्रामीणों ने मतदान करने से मना कर दिया। मगर कुछ लोगों ने मतदान भी किया है। कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने जबरन घर से पकड़ कर 3 प्रतिशत मतदाताओं का मतदान करवाया।