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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Unnatural sexual relations with prisoners in the prison warehouse

जेल के गोदाम में कुकर्म, इंसाफ को लड़ रहा बंदी

Mon, 18 Jul 2016 12:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद Updated Mon, 18 Jul 2016 12:02 PM IST
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Unnatural sexual relations with prisoners in the prison warehouse
अपराध - फोटो : demo
जिला जेल के अस्पताल में महिला उम्रकैदी और नेता के गुर्गे की मुलाकात पहला मामला नहीं है। जेल पर कुकर्म का कलंक पहले से चस्पा है। छह साल से जिला जेल में बंद एक बंदी ने तीन बंदी रक्षकों पर अपने साथ कुकर्म करने का आरोप लगाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। एक डिप्टी जेलर पर भी गंभीर आरोप हैं। अदालत 27 जुलाई को इस मामले की सुनवाई करेगी। 
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ताजा प्रकरण की तरह उस वक्त भी जेल अफसरों ने बंदी को डरा धमकाकर उसका मुंह बंद करा दिया था। बंदी ने अपने साथ हुए कुकर्म की शिकायत जेल अफसरों से की थी। लेकिन अधिकारियों ने उसे खामोश करा दिया था। लेकिन बंदी ने हिम्मत नहीं हारी और कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
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याचिका में बंदी ने कहा कि जेल में भंडारा के सामने स्थित गोदाम में ले जाकर तीन बंदी रक्षकों राजीव सिंह, गिरिजा शंकर व रामकिशोर ने उसके साथ अनैतिक कृत्य किया। बंदी ने गंभीर आरोप लगाते हुए एक डिप्टी जेलर को भी याचिका में आरोपी बनाया है। 
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अदालत ने इस याचिका पर पुलिस विभाग और जेल अधिकारियों से भी रिपोर्ट तलब की और मामले को दर्ज करके सुनवाई शुरू कर दी। अदालत इस मामले में संबंधित जेल अफसरों को भी तलब कर चुकी है। अब मामले में सुनवाई की अगली तारीख 27 जुलाई है। बंदी ने अदालत को बताया था कि जेल अफसरों ने उसका मुंह बंद करने को हर मुमकिन कोशिश की थी ताकि जेल के भीतर की हरकतें बाहर अफसरों व पब्लिक तक न पहुंचे। 

ताजा मामले में भी जेल अफसर पर्दा डालने में जुटे हैं। खुद सीनियर जेल सुपरिंटेंडेंट स्वीकार कर चुके हैं कि चीफ हेड वार्डन बिना जेलर की जानकारी में डाले महिला बंदी को बैरक से जेल अस्पताल तक लाया था। जेल महकमे के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि मामला आपसी सहमति का था लिहाजा महिला की ओर से शिकायत का सवाल ही नहीं उठता। लेकिन यदि सब कुछ ठीक था तो जेल में अफसरों के बीच बखेड़ा क्यों मचा।


आखिर ऐसा क्या हुआ था कि चीफ हेड वार्डन नियम कायदा भूलकर महिला को बैरक से अस्पताल ले आया। अफसरशाही बेशक घटना को कागजी तौर पर दबा ले लेकिन जेल के तीन हजार से ज्यादा बंदी पूरी हकीकत जानते हैं।
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