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अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार में लिप्त दो दरोगा बर्खास्त
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मुरादाबाद। भ्रष्टाचार, लोगों से अभद्रता, अनुशासनहीनता और ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ डीआईजी शलभ माथुर ने कड़ी कार्रवाई की है। विभागीय जांच पूरी होने पर शनिवार को दरोगा अजय कुमार और सचिन दयाल को बर्खास्त (सेवा समाप्त) कर दिया गया है, जबकि बिजनौर में तैनात दरोगा कमल किशोर को विवेचना में लापरवाही बरतने पर निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। इनके अलावा संभल पुलिस लाइन तैनात हेड कांस्टेबल रविंद्र कुमार के खिलाफ विभागीय व प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं। हेड कांस्टेबल ने एक होमगार्ड को आठ माह तक रिजर्व में रखा गया। वह बिना ड्यूटी के ही वेतन ले रहा था।
दस हजार की घूस लेने वाला दरोगा बर्खास्त
मुरादाबाद। डीआईजी शलभ माथुर ने बताया कि 14 अप्रैल 2017 को कटघर थाने में अनिल कुमार, राजीव कुमार समेत अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इस केस की विवेचना उप निरीक्षक अजय कुमार को सौंपी गई थी। विवेचना के दौरान दरोगा द्वारा आरोपी राजीव का नाम मुकदमे से निकालने के लिए अनिल कुमार से दस हजार रुपये की मांग की गई थी। अनिल ने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन में कर दी थी। तब भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने दरोगा को अनिल कुमार से दस हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया था। सिविल लाइंस थाने में दरोगा अजय कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था। दरोगा के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए थे। एसपी यातायात ने जांच आख्या उच्च अधिकारियों को सौंप दी थी। जांच में दरोगा दोषी पाया गया। रिपोर्ट के आधार पर डीआईजी ने दरोगा अजय कुमार को बर्खास्त कर दिया है।
अनुशासनहीनता और लोगों से अभद्रता पर दरोगा बर्खास्त
मुरादाबाद। डीआईजी शलभ माथुर ने बताया कि मुरादाबाद पुलिस लाइन में तैनात रहे दरोगा सचिन दयाल की कार 18 नवंबर 2019 को डॉ. बीआर अंबेडकर पुलिस अकादमी के सीओ देवेन्द्र कुमार की गाड़ी से टकरा गई थी। आरोप है कि दरोगा ने सीओ से अभद्रता की थी। इसके अलावा 19 नवंबर को 2019 की शाम करीब सात बजे सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के आदर्श कालोनी में बावर्दी दुरुस्त नशे की हालत में महिलाओं के साथ अभद्रता की थी। 19 नवंबर 2019 को ही बावर्दी सचिन दयाल ने वेव मॉल में अपनी कार खड़ी कर सिनेमा हाल के गार्डों पर दबाव बनाकर मुफ्त में फिल्म देखने का प्रयास किया था। गार्डों के विरोध पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया था। उप निरीक्षक जैसे जिम्मेदार पद पर नियुक्त रहते पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने का आरोप था। आरोपी उप निरीक्षक को निलंबित किया गया था। इस प्रकरण में कराई गई जांच से दोषी पाए जाने पर उप निरीक्षक सचिन दयाल बर्खास्त कर दिया गया है।
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आरोपी भाग गया विदेश, कार्रवाई न करने पर विवेचक निलंबित
मुरादाबाद। बिजनौर के चांदपुर थानाक्षेत्र के कमालपुर निवासी फहमीदा ने डीआईजी को प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें पीड़ित ने बताया था कि उसने चांदपुर थाने में अपने पति रियासत समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज कराया था। जिसकी विवेचना उप निरीक्षक कमल किशोर द्वारा की जा रही है। पीड़ित ने बताया कि पति रियासत के कुवैत (विदेश) चले जाने की सूचना छह घंटे पहले ही विवेचक को दे दी गई थी, लेकिन विवेचक द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिस कारण आरोपी रियासत विदेश भागने में सफल हो गया। डीआईजी ने इस प्रकरण की जांच अपर पुलिस अधीक्षक नगर, जनपद बिजनौर से कराई थी। जांच से पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए। जांच आख्या आने के बाद डीआईजी ने उप निरीक्षक कमल किशोर को विवेचनात्मक कार्रवाई में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है। इसके अलावा विभागीय कार्रवाई के लिए एसपी बिजनौर को निर्देशित किया गया है।
आठ माह तक होमगार्ड को रखा रिजर्व में, हेड कांस्टेबल के खिलाफ जांच के आदेश
मुरादाबाद। डीआईजी ने बताया कि मुरादाबाद के वरिष्ठ सह समन्वयक अधिकारी सतेंद्र कुमार यादव ने एक प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि संभल पुलिस लाइन के परिवहन शाखा के मुख्य आरक्षी रविन्द्र कुमार होमगार्ड कल्याण सिंह को अनावश्यक रूप से लाभ देने और भ्रष्टाचार में लिप्त होने की शिकायत की थी। डीआईजी ने इस प्रकरण में सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सिविल लाइंस, मुरादाबाद से जांच कराई गई थी। जांच से प्रथम दृष्टया हेड कांस्टेबल रविन्द्र कुमार द्वारा होमगार्ड कल्याण सिंह की ड्यूटी न लगाकर उसको अनावश्यक रूप से लगभग 08 महीन तक रिजर्व में रखा गया। जिससे मुख्य आरक्षी रविन्द्र कुमार की सत्यनिष्ठा संदिग्ध पाए जाने पर डीआईजी ने प्रकरण में गहन एवं विस्तृत प्रारंभिक जांच कराए जाने के लिए पुलिस अधीक्षक संभल को निर्देशित किया है।
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दस हजार की घूस लेने वाला दरोगा बर्खास्त
मुरादाबाद। डीआईजी शलभ माथुर ने बताया कि 14 अप्रैल 2017 को कटघर थाने में अनिल कुमार, राजीव कुमार समेत अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इस केस की विवेचना उप निरीक्षक अजय कुमार को सौंपी गई थी। विवेचना के दौरान दरोगा द्वारा आरोपी राजीव का नाम मुकदमे से निकालने के लिए अनिल कुमार से दस हजार रुपये की मांग की गई थी। अनिल ने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन में कर दी थी। तब भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने दरोगा को अनिल कुमार से दस हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया था। सिविल लाइंस थाने में दरोगा अजय कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था। दरोगा के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए थे। एसपी यातायात ने जांच आख्या उच्च अधिकारियों को सौंप दी थी। जांच में दरोगा दोषी पाया गया। रिपोर्ट के आधार पर डीआईजी ने दरोगा अजय कुमार को बर्खास्त कर दिया है।
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अनुशासनहीनता और लोगों से अभद्रता पर दरोगा बर्खास्त
मुरादाबाद। डीआईजी शलभ माथुर ने बताया कि मुरादाबाद पुलिस लाइन में तैनात रहे दरोगा सचिन दयाल की कार 18 नवंबर 2019 को डॉ. बीआर अंबेडकर पुलिस अकादमी के सीओ देवेन्द्र कुमार की गाड़ी से टकरा गई थी। आरोप है कि दरोगा ने सीओ से अभद्रता की थी। इसके अलावा 19 नवंबर को 2019 की शाम करीब सात बजे सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के आदर्श कालोनी में बावर्दी दुरुस्त नशे की हालत में महिलाओं के साथ अभद्रता की थी। 19 नवंबर 2019 को ही बावर्दी सचिन दयाल ने वेव मॉल में अपनी कार खड़ी कर सिनेमा हाल के गार्डों पर दबाव बनाकर मुफ्त में फिल्म देखने का प्रयास किया था। गार्डों के विरोध पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया था। उप निरीक्षक जैसे जिम्मेदार पद पर नियुक्त रहते पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने का आरोप था। आरोपी उप निरीक्षक को निलंबित किया गया था। इस प्रकरण में कराई गई जांच से दोषी पाए जाने पर उप निरीक्षक सचिन दयाल बर्खास्त कर दिया गया है।
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आरोपी भाग गया विदेश, कार्रवाई न करने पर विवेचक निलंबित
मुरादाबाद। बिजनौर के चांदपुर थानाक्षेत्र के कमालपुर निवासी फहमीदा ने डीआईजी को प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें पीड़ित ने बताया था कि उसने चांदपुर थाने में अपने पति रियासत समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज कराया था। जिसकी विवेचना उप निरीक्षक कमल किशोर द्वारा की जा रही है। पीड़ित ने बताया कि पति रियासत के कुवैत (विदेश) चले जाने की सूचना छह घंटे पहले ही विवेचक को दे दी गई थी, लेकिन विवेचक द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिस कारण आरोपी रियासत विदेश भागने में सफल हो गया। डीआईजी ने इस प्रकरण की जांच अपर पुलिस अधीक्षक नगर, जनपद बिजनौर से कराई थी। जांच से पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए। जांच आख्या आने के बाद डीआईजी ने उप निरीक्षक कमल किशोर को विवेचनात्मक कार्रवाई में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है। इसके अलावा विभागीय कार्रवाई के लिए एसपी बिजनौर को निर्देशित किया गया है।
आठ माह तक होमगार्ड को रखा रिजर्व में, हेड कांस्टेबल के खिलाफ जांच के आदेश
मुरादाबाद। डीआईजी ने बताया कि मुरादाबाद के वरिष्ठ सह समन्वयक अधिकारी सतेंद्र कुमार यादव ने एक प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि संभल पुलिस लाइन के परिवहन शाखा के मुख्य आरक्षी रविन्द्र कुमार होमगार्ड कल्याण सिंह को अनावश्यक रूप से लाभ देने और भ्रष्टाचार में लिप्त होने की शिकायत की थी। डीआईजी ने इस प्रकरण में सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सिविल लाइंस, मुरादाबाद से जांच कराई गई थी। जांच से प्रथम दृष्टया हेड कांस्टेबल रविन्द्र कुमार द्वारा होमगार्ड कल्याण सिंह की ड्यूटी न लगाकर उसको अनावश्यक रूप से लगभग 08 महीन तक रिजर्व में रखा गया। जिससे मुख्य आरक्षी रविन्द्र कुमार की सत्यनिष्ठा संदिग्ध पाए जाने पर डीआईजी ने प्रकरण में गहन एवं विस्तृत प्रारंभिक जांच कराए जाने के लिए पुलिस अधीक्षक संभल को निर्देशित किया है।