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Moradabad News: युवक को जिंदा जलाने के दोषी दो दोस्तों को 10 साल की सजा
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मुरादाबाद। युवक पर शराब छिड़ककर आग लगाने के आरोपी दो दोस्तों को कोर्ट दोषी करार देते हुए 10-10 साल की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। युवक की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई थी।
मूंढापांडे के गणेशघाट निवासी रामकेश ने 30 अप्रैल 2019 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि दोपहर करीब डेढ़ बजे उसका 25 वर्षीय बेटा बंटी झुलसी हुई हालत में दौड़ता हुआ घर आया। जिसे देखकर सभी घबरा गए। तब पूछताछ में बंटी ने बताया था कि गांव के बाहर सरकारी अस्पताल में हरकेश और बंटी पुत्र ओम सिंह ने उसे जबरन शराब पिलाने की कोशिश की थी।
उसने शराब पीने से मना किया तो आरोपी हरकेश ने उसके ऊपर शराब डालकर आग लगा दी। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पीड़ित बंटी को अस्पताल में भर्ती करा दिया था। बाद में इलाज के लिए दिल्ली रेफर कर दिया था। दिल्ली में इलाज के दौरान बंटी की पांच मई 2019 को मौत हो गई।
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पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर हरकेश और बंटी के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में पेश किया। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश छाया शर्मा की अदालत में की गई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेश सिंह ने बताया कि इस मामले 11 गवाह अदालत में पेश हुए और उन्होंने घटना की पुष्टि की। साथ ही पीड़ित का माैत से पहले दिया गया बयान अहम रहा।
अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर हरकेश और बंटी को दोषी करार देते हुए उन्हें 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना जमा न होने की दशा में दोषियों को एक साल अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।
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मूंढापांडे के गणेशघाट निवासी रामकेश ने 30 अप्रैल 2019 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि दोपहर करीब डेढ़ बजे उसका 25 वर्षीय बेटा बंटी झुलसी हुई हालत में दौड़ता हुआ घर आया। जिसे देखकर सभी घबरा गए। तब पूछताछ में बंटी ने बताया था कि गांव के बाहर सरकारी अस्पताल में हरकेश और बंटी पुत्र ओम सिंह ने उसे जबरन शराब पिलाने की कोशिश की थी।
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उसने शराब पीने से मना किया तो आरोपी हरकेश ने उसके ऊपर शराब डालकर आग लगा दी। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पीड़ित बंटी को अस्पताल में भर्ती करा दिया था। बाद में इलाज के लिए दिल्ली रेफर कर दिया था। दिल्ली में इलाज के दौरान बंटी की पांच मई 2019 को मौत हो गई।
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पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर हरकेश और बंटी के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में पेश किया। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश छाया शर्मा की अदालत में की गई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेश सिंह ने बताया कि इस मामले 11 गवाह अदालत में पेश हुए और उन्होंने घटना की पुष्टि की। साथ ही पीड़ित का माैत से पहले दिया गया बयान अहम रहा।
अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर हरकेश और बंटी को दोषी करार देते हुए उन्हें 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना जमा न होने की दशा में दोषियों को एक साल अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।