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जमानत के फर्जी कागजात दाखिल कर जेल से छूट गए दो अभियुक्त

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 24 Aug 2020 02:12 AM IST
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two accused released from jail by filling forged documents of bail
मुरादाबाद। जिले में फर्जी जमानत दाखिल कर गंभीर अपराध में लिप्त अभियुक्तों के जेल से रिहा हो जाने का मामला सामने आया है। दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में मादक पदार्थ रखने व गैंगस्टर जैसे मामलों में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए दो अभियुक्तों ने जमानत के दौरान फर्जी कागज न्यायालय में पेश कर जेल से रिहा गए। इसमें से एक अभियुक्त ने रिहा होने के बाद लूट की एक घटना को भी अंजाम दे दिया। जांच के दौरान मामला पकड़े जाने पर एसएसपी के निर्देश पर थानाध्यक्ष भगतपुर की ओर से दोनों अभियुक्तों, उनके जमानतियों के खिलाफ नामजद तथा उनके अज्ञात पैरोकारों के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में धोखाधड़ी, कूटरचित आदि का मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
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थानाध्यक्ष भगतपुर की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में के मुताबिक थाना कुंदरकी पुलिस द्वारा थाना क्षेत्र के ग्राम जलालपुुर निवासी बहारे आलम को मादक पदार्थ रखने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसकी जमानत अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर सात के द्वारा स्वीकृत की गई। जिसमें बहारे आलम की ओर से जमींदार महरुल निशा पत्नी जाहिद हुसैन व आलम पुत्र अफसर दोनों निवासी ग्राम मानपुर थाना भगतपुर द्वारा जमानत ली गई है। डेढ़ लाख रुपये के इन जमानत प्रपत्रों को न्यायालय की ओर से सत्यापन के लिए भेजा गया था। 21 जुलाई 2020 को सत्यापन रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर बहारे आलम जेल से रिहा हो गया।
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इसी तरह गैंगस्टर एक्ट में जेल में बंद थाना बिलारी शाहनवाज पुत्र जफर निवासी मोहल्ला गल्ला स्टोर जमानत विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गैंगस्टर न्यायालय द्वारा मंजूर किए जाने के उपरांत अभियुक्त शाहनवाज अपनेजमींदार जमानती नवी जान व नवाब जान पुत्रगण मियां जान निवासी ग्राम मानपुर भगतपुर की जमानत तस्दीक रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल कर जेल से रिहा हो गया। इसके बाद उसने बिलारी क्षेत्र में लूट की एक घटना को अंजाम दे दिया। एसएसपी के निर्देश पर जब दोनों मामलों के जमानतियों के कागजातों की जांच की गई तो पता चला कि उनकी जमानत के प्रपत्रों का सत्यापन थाना पुलिस की ओर से नहीं किया गया है। दोनों ही मामलों में सत्यापन रिपोर्ट अभियुक्तों ने अपने पैरोकारों के माध्यम से थाने की फर्जी मुहर व हस्ताक्षर के माध्यम से दाखिल की है। जांच में चारों जमानतियों के नाम पते पर जांच की गई तो उस नाम व पते का कोई व्यक्ति नहीं मिल सका। एसएचओ सिविल लाइंस नवल मारवाह ने बताया कि एसएसपी के आदेश पर थानाध्यक्ष भगतपुर की ओर से सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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