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कांठ में मोहडा तैया की झील, तो कुंदरकी में चिश्ती की मजार बनेगी पर्यटक स्थल
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मुरादाबाद। कांठ विधान सभा क्षेत्र की मोहड़ा तैया की झील कमल के फूल के लिए मशहूर है, तो वही कुंदरकी विधान सभा में स्थित चिश्ती खिबड़िया की मजार पर मत्था टेकने वाले फरियादियों की मुरादें पूरी करती है। जिले की दोनों धरोहरों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए स्थानीय विधायकों ने प्रस्ताव बनाकर प्रशासन के माध्यम से पर्यटन विभाग को उपलब्ध करा दिए है। वही शेष अन्य चार विधान सभाओं में भी एक एक धार्मिक अथवा ऐतिहासिक स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रशासन को अन्य विधायकों के प्रस्ताव का इंतजार है।
जिले की प्रत्येक विधान सभाओं में से एक-एक धार्मिक अथवा ऐतिहासिक स्थल को पर्यटन रूप में विकसित किया जाना है। इसकी जिम्मेदारी शासन ने पर्यटन विभाग को सौंपी है। प्रशासन की ओर से योजना के अंतर्गत सभी विधायकों से एक-एक स्थल के लिए प्रस्ताव मांगे थे। कांठ विधायक राजेश कुमार चून्नू ने क्षेत्र में मोहड़ा तैया की झील और प्राचीन प्रकेटश्वर शिव मंदिर ढाकी, कुंदरकी विधायक हाजी रिजवान ने मूंढ़ापांडे क्षेत्र में स्थित चिश्ती खिबडिया की मजार का प्रस्ताव बनाकर प्रशासन को सौंप दिया है। पर्यटन विभाग अपने स्तर से पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए प्रस्ताव तैयार करेगा और शासन को रिपोर्ट भेजेगा।
67 एकड़ में फैली है झील
कांठ विधान सभा क्षेत्र में स्थित मोहड़ा तैया की झील करीब 67 एकड़ में फैली है। झील का पानी कभी नहीं सूखता है। कमल के फूलों से झील महकती है। स्थानीय लोगों की मानें, तो इस झील की तली में प्राकृतिक जल स्रोत थे। जिनसे पानी उबलता यानी निकलता था। काफी समय से झील की सफाई न होने से तली उथली हो गई है तथा स्रोत भी बंद हो गए हैं।, वही मूंढापांडे क्षेत्र में स्थित चिश्ती खिबडिया की मजार का अपना धार्मिक महत्व है। लोगों की मानें, तो सच्चे मन से दरगाह पर मत्था टेकने वालों की सभी मुराद पूरी होती है। मुलायम सिंह यादव भी अपने रक्षामंत्री कार्यकाल में दरगाह पर पहुंचे थे तथा चादरपोशी की थी।
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दस लाख होंगे खर्च
विधायकों से प्राप्त स्थलों को पर्यटन के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग की होगी। एक पर्यटन स्थल के लिए अधिकतम दस लाख रुपये का प्रस्ताव बनाया जा सकता है। इसमें निर्माण से लेकर पर्यटकों के घूमने की सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रमुख रूप से रहेगी।
चार विधायकों के प्रस्ताव का इंतजार
मुरादाबाद जिले में छह विधानसभाएं है। इनमें से कांठ व कुंदरकी विधायक ने पर्यटक स्थल विकसित करने के लिए क्षेत्र के स्थल का प्रस्ताव सौंप दिया है। जबकि मुरादाबाद शहर, मुरादाबाद देहात, ठाकुरद्वारा, बिलारी विधायक ने अपना प्रस्ताव नहीं दिया है। विधायकों की सूची मिलने पर उनके क्षेत्रों का प्रस्ताव बनाया जाएगा।
रजनीश, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी।
सभी विधानसभाओं में एक-एक धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए सभी विधायकों से प्रस्ताव मांगे गए है। ये सभी काम पर्यटन विभाग की देखरेख में होगा।
बीपी सिंह, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी बरेली।
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जिले की प्रत्येक विधान सभाओं में से एक-एक धार्मिक अथवा ऐतिहासिक स्थल को पर्यटन रूप में विकसित किया जाना है। इसकी जिम्मेदारी शासन ने पर्यटन विभाग को सौंपी है। प्रशासन की ओर से योजना के अंतर्गत सभी विधायकों से एक-एक स्थल के लिए प्रस्ताव मांगे थे। कांठ विधायक राजेश कुमार चून्नू ने क्षेत्र में मोहड़ा तैया की झील और प्राचीन प्रकेटश्वर शिव मंदिर ढाकी, कुंदरकी विधायक हाजी रिजवान ने मूंढ़ापांडे क्षेत्र में स्थित चिश्ती खिबडिया की मजार का प्रस्ताव बनाकर प्रशासन को सौंप दिया है। पर्यटन विभाग अपने स्तर से पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए प्रस्ताव तैयार करेगा और शासन को रिपोर्ट भेजेगा।
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67 एकड़ में फैली है झील
कांठ विधान सभा क्षेत्र में स्थित मोहड़ा तैया की झील करीब 67 एकड़ में फैली है। झील का पानी कभी नहीं सूखता है। कमल के फूलों से झील महकती है। स्थानीय लोगों की मानें, तो इस झील की तली में प्राकृतिक जल स्रोत थे। जिनसे पानी उबलता यानी निकलता था। काफी समय से झील की सफाई न होने से तली उथली हो गई है तथा स्रोत भी बंद हो गए हैं।, वही मूंढापांडे क्षेत्र में स्थित चिश्ती खिबडिया की मजार का अपना धार्मिक महत्व है। लोगों की मानें, तो सच्चे मन से दरगाह पर मत्था टेकने वालों की सभी मुराद पूरी होती है। मुलायम सिंह यादव भी अपने रक्षामंत्री कार्यकाल में दरगाह पर पहुंचे थे तथा चादरपोशी की थी।
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दस लाख होंगे खर्च
विधायकों से प्राप्त स्थलों को पर्यटन के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग की होगी। एक पर्यटन स्थल के लिए अधिकतम दस लाख रुपये का प्रस्ताव बनाया जा सकता है। इसमें निर्माण से लेकर पर्यटकों के घूमने की सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रमुख रूप से रहेगी।
चार विधायकों के प्रस्ताव का इंतजार
मुरादाबाद जिले में छह विधानसभाएं है। इनमें से कांठ व कुंदरकी विधायक ने पर्यटक स्थल विकसित करने के लिए क्षेत्र के स्थल का प्रस्ताव सौंप दिया है। जबकि मुरादाबाद शहर, मुरादाबाद देहात, ठाकुरद्वारा, बिलारी विधायक ने अपना प्रस्ताव नहीं दिया है। विधायकों की सूची मिलने पर उनके क्षेत्रों का प्रस्ताव बनाया जाएगा।
रजनीश, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी।
सभी विधानसभाओं में एक-एक धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए सभी विधायकों से प्रस्ताव मांगे गए है। ये सभी काम पर्यटन विभाग की देखरेख में होगा।
बीपी सिंह, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी बरेली।