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Moradabad News: टोल टैक्स प्रबंधन ने जमा किया 15 करोड़ रुपये
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मुरादाबाद। हाईकोर्ट के आदेश पर मूंढापांडे स्थित टोल प्लाजा प्रबंधन ने राजस्व विभाग को 15 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं। कोर्ट ने दो सप्ताह में स्टॉप का बकाया पैसा जमा करने के निर्देश दिए थे।
जिला प्रशासन स्टांप के 25 करोड़ 34 लाख रुपये बकाया वसूली को लेकर काफी दवाब बना रहा था लेकिन एनएचएआई के अधिकारी सुन नहीं रहे थे। पहले टोल प्लाॅजा का खाता सीज किया गया। अंत में डीएम के निर्देश तहसीलदार ने मूंढापांडे इकटोरिया टोल प्लाजा की जमीन को कुर्क कर लिया था। टोल प्लाजा के आपातकालीन सेवा को छोड़कर कैश रूम सहित चार कमरों को सील कर दिया था। इस मामले में एनएचएआई के अधिकारी अपनी फरियाद लेकर हाईकोर्ट गए। कोर्ट ने मुकदमे को पंजीकृत करने के साथ 15 करोड़ रुपये बकाया तत्काल राजस्व विभाग में जमा करने के निर्देश दिए। हिदायत दी गई कि पैसा जमा करने पर टोल प्लाजा का बैंक अकाउंट खोला जाएगा। इधर एनएचएआई के पीडी प्रवीण जिंदल का कहना है कि शीघ्र ही वह पैसा जमा करने की व्यवस्था कर रहे हैं।
एसडीएम ने बताया कि साढ़े 18 करोड़ के अनुबंध पर 2010 में एनएचएआई और टोल प्लाजा के ठेकेदार के बीच अनुबंध हुआ था। उस समय ठेकेदार ने स्टांप शुल्क जमा नहीं किया था। इस मामले में 25 करोड़ 34 लाख की आरसी काटी गई है। इस मामले में टोल टैक्स प्रबंधन को ब्याज भी जमा करना पड़ेगा। डीएम ने तत्काल पैसा जमा करने के निर्देश दिए थे। फिर भी एनएचएआई टाल मटोल कर रहा था। इस बारे में एडीएम वित्त एवं राजस्व सत्यम मिश्रा ने बताया कि काफी सख्ती के बाद टोल प्लाजा प्रबंधन ने 15 करोड़ रुपये जमा कर दिया है। अभी बाकी पैसे भी वसूलना है।
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जिला प्रशासन स्टांप के 25 करोड़ 34 लाख रुपये बकाया वसूली को लेकर काफी दवाब बना रहा था लेकिन एनएचएआई के अधिकारी सुन नहीं रहे थे। पहले टोल प्लाॅजा का खाता सीज किया गया। अंत में डीएम के निर्देश तहसीलदार ने मूंढापांडे इकटोरिया टोल प्लाजा की जमीन को कुर्क कर लिया था। टोल प्लाजा के आपातकालीन सेवा को छोड़कर कैश रूम सहित चार कमरों को सील कर दिया था। इस मामले में एनएचएआई के अधिकारी अपनी फरियाद लेकर हाईकोर्ट गए। कोर्ट ने मुकदमे को पंजीकृत करने के साथ 15 करोड़ रुपये बकाया तत्काल राजस्व विभाग में जमा करने के निर्देश दिए। हिदायत दी गई कि पैसा जमा करने पर टोल प्लाजा का बैंक अकाउंट खोला जाएगा। इधर एनएचएआई के पीडी प्रवीण जिंदल का कहना है कि शीघ्र ही वह पैसा जमा करने की व्यवस्था कर रहे हैं।
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एसडीएम ने बताया कि साढ़े 18 करोड़ के अनुबंध पर 2010 में एनएचएआई और टोल प्लाजा के ठेकेदार के बीच अनुबंध हुआ था। उस समय ठेकेदार ने स्टांप शुल्क जमा नहीं किया था। इस मामले में 25 करोड़ 34 लाख की आरसी काटी गई है। इस मामले में टोल टैक्स प्रबंधन को ब्याज भी जमा करना पड़ेगा। डीएम ने तत्काल पैसा जमा करने के निर्देश दिए थे। फिर भी एनएचएआई टाल मटोल कर रहा था। इस बारे में एडीएम वित्त एवं राजस्व सत्यम मिश्रा ने बताया कि काफी सख्ती के बाद टोल प्लाजा प्रबंधन ने 15 करोड़ रुपये जमा कर दिया है। अभी बाकी पैसे भी वसूलना है।
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